शिक्षा: रोजगार से बढ़कर संस्कार और जिम्मेदारी की पाठशाला - योगी आदित्यनाथ
शिक्षा केवल रोजगार नहीं, संस्कार और जिम्मेदार नागरिक निर्माण का माध्यम- योगी आदित्यनाथ सेवा, सुशासन और विकास सरकार का संकल्प : पुष्कर सिंह धामी यमकेश्वर/पौड़ी : इंटर कॉलेज यमकेश्वर के नवनिर्मित दो मंजिला भवन के उद्घाटन के अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यमकेश्वर पहुंचे। कार्यक्रम […] The post शिक्षा केवल रोजगार नहीं, संस्कार और जिम्मेदार नागरिक निर्माण का माध्यम- योगी आदित्यनाथ first appeared on Vision 2020 News.
शिक्षा: रोजगार से बढ़कर संस्कार और जिम्मेदारी की पाठशाला - योगी आदित्यनाथ
सेवा, सुशासन और विकास सरकार का संकल्प : पुष्कर सिंह धामी
यमकेश्वर/पौड़ी : हाल ही में, उत्तराखंड के यमकेश्वर में आयोजित एक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षा सिर्फ रोजगार प्राप्त करने का साधन नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कार और जिम्मेदार नागरिकों का निर्माण करने के लिए महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर, उन्होंने इंटर कॉलेज यमकेश्वर के नवनिर्मित दो मंजिला भवन का उद्घाटन किया। इस समारोह में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उपस्थित रहे।
दोनों मुख्यमंत्रियों ने कार्यक्रम से पहले यमकेश्वर के प्राचीन शिव मंदिर में दर्शन भी किए और प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इसके बाद, उन्होंने नए भवन का अवलोकन किया, जिसमें शैक्षिक संसाधनों की गुणवत्ता और छात्रों के लिए बेहतर माहौल बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि "विद्या मानव का सबसे बड़ा आभूषण है। शिक्षा केवल डिग्री या रोजगार का साधन नहीं, बल्कि यह संस्कार, चेतना और नैतिक मूल्यों के विकास का आधार है।" उन्होंने आगे बताया कि उनकी सरकार ने पिछले चार वर्षों में 28 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी रोजगार मुहैया कराने की दिशा में काम किया है।
इसके अलवा, उनका मानना है कि समावेशी विकास के लिए शिक्षा का सुदृढ़ इंफ्रास्ट्रक्चर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और नवाचार बहुत जरूरी हैं। नया भवन विद्यार्थियों को एक उत्तम शैक्षिक वातावरण प्रदान करेगा, जिससे वे आत्मनिर्भर, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने में सक्षम होंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि भौतिक विकास जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह आवश्यकताओं की पूर्ति का साधन है। उन्होंने यह भी कहा कि विद्यालयों की भूमिका केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि संस्कार, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को भी संवर्धित करना चाहिए।
उन्होंने पौराणिक गुरुकुल परंपरा की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह पद्धति व्यक्तित्व निर्माण की एक मजबूत आधारशिला रही है। इसके परिणामस्वरूप, छात्रों को नैतिक शिक्षा और मूल्य प्रदान करना आवश्यक है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति की चर्चा करते हुए, उन्होंने कहा कि इसमें व्यवहारिक और कौशल आधारित शिक्षा पर जोर दिया गया है।
योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि उत्तराखंड सरकार इस दिशा में सराहनीय कार्य कर रही है। उन्होंने नवाचार के माध्यम से गांवों के समग्र विकास पर भी जोर दिया, और आत्मनिर्भरता के महत्व को रेखांकित किया।
इस प्रोग्राम में सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने नए भवन को जनता को समर्पित करने पर शुभकामनाएं दीं, जबकि कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विद्यालय की प्रांतीयकरण की प्रक्रिया पर नियमानुसार कार्यवाही का आश्वासन दिया। स्थानीय विधायक रेनू बिष्ट ने विद्यालय में विज्ञान विषय की कक्षाएं प्रारंभ कराने की मांग की।
कार्यक्रम के अंत में, दोनों मुख्यमंत्रियों ने स्कूल के मेधावी छात्रों को सम्मानित किया। सम्मानित विद्यार्थियों में कक्षा 6 के नमन रावत, कक्षा 7 के हर्ष चौहान, कक्षा 8 की आरती चौहान, कक्षा 9 के सचिन बडोला, कक्षा 10 की कु. दीपाली, कक्षा 11 के अभिषेक बडोला तथा कक्षा 12 की कुं. पल्लवी शामिल थे।
इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।
कम शब्दों में कहें तो, योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा के महत्व को स्पष्ट करते हुए बताया कि यह केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि नागरिकों के निर्माण का माध्यम है। उनके दृष्टिकोण से, शिक्षा से आत्मनिर्भरता और समाज में एक जिम्मेदार नागरिक का निर्माण किया जा सकता है।
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Team India Twoday - Priya Sharma
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