‘सशस्त्र सेना झण्डा दिवस’ पर राज्यपाल का संदेश: वीरता और समर्पण का महत्व
‘सशस्त्र सेना झण्डा दिवस’ हमें हमारे सशस्त्र बलों की वीरता, अनुशासन और राष्ट्र सेवा के अद्वितीय समर्पण का कराता है स्मरण- राज्यपाल देहरादून : राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने ‘सशस्त्र सेना झण्डा दिवस’ के अवसर पर सभी सैनिकों, पूर्व सैनिकों, सैनिक परिवारों तथा प्रदेश और देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। पूर्व संध्या […] The post ‘सशस्त्र सेना झण्डा दिवस’ हमें हमारे सशस्त्र बलों की वीरता, अनुशासन और राष्ट्र सेवा के अद्वितीय समर्पण का कराता है स्मरण- राज्यपाल first appeared on Vision 2020 News.
‘सशस्त्र सेना झण्डा दिवस’ पर राज्यपाल का संदेश: वीरता और समर्पण का महत्व
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कम शब्दों में कहें तो, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने सशस्त्र सेना झण्डा दिवस पर सभी सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति सम्मान और समर्थन व्यक्त किया है। उन्होंने इस अवसर पर वीरता और राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण के महत्व पर प्रकाश डाला।
देहरादून: भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता, अनुशासन और राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण को समर्पित ‘सशस्त्र सेना झण्डा दिवस’ पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने सभी सैनिकों, पूर्व सैनिकों, और उनके परिवारों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। इस विशेष अवसर पर, उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे सशस्त्र सेना कल्याण कोष में योगदान दें और सैनिकों के सम्मान में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
वीरता और अनुशासन का स्मरण
राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा कि ‘सशस्त्र सेना झण्डा दिवस’ हमें हमारे सशस्त्र बलों की वीरता और अनुशासन को याद दिलाता है। यह दिवस हमें प्रेरित करता है कि हम सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए संवेदनशील बनें। उन्होंने कहा, "हमें यह समझना चाहिए कि हमारे वीर जवान किस प्रकार हर परिस्थिति में राष्ट्र की सुरक्षा में तत्पर रहते हैं, और उनके बलिदानों के कारण ही हम सभी सुरक्षित महसूस कर पाते हैं।"
सशस्त्र बलों के कल्याण में सहयोग
राज्यपाल ने जोर देकर कहा कि वीर सैनिक किसी भी देश की सबसे मूल्यवान संपत्ति होते हैं। उनके त्याग, तपस्या और बलिदान के कारण ही हमारा देश सुरक्षित, अखंड और मजबूत बना हुआ है। उन्होंने इस अवसर का महत्व समझाते हुए कहा कि यह दिवस सशस्त्र बलों के कल्याण के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान करने का भी एक महत्वपूर्ण अवसर है।
सामाजिक सहयोग की आवश्यकता
सामुदायिक समर्थन के लिए, राज्यपाल ने कहा कि प्रदेशवासियों को इस विशेष दिन पर अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार सशस्त्र सेना कल्याण कोष में योगदान देना चाहिए। यह न केवल सैनिकों के प्रति हमारी कृतज्ञता को दर्शाता है, बल्कि उनके परिवारों का भी समर्थन करता है। इसके जरिए हम सब एकजुट होकर उनके प्रति अपना सम्मान व्यक्त कर सकते हैं।
यह दिवस हमें यह याद दिलाता है कि हमें अपने फर्ज़ का पालन करते हुए सशस्त्र बलों की गरिमा को बनाए रखना है और उन्हें अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहना है। सभी नागरिकों को इस दिवस पर सक्रियता से शामिल होना चाहिए और उन सभी के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करनी चाहिए, जो हमारी सुरक्षा के लिए हर समय उपलब्ध रहते हैं।
राज्यपाल की यह अपील हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। सैनिकों के प्रति सम्मान व्यक्त करना और उनके परिवारों की भलाई में सहयोग करना हमारा कर्तव्य है।
आगे बढ़ते हुए, हम सभी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारा समाज सैनिकों और उनके परिवारों का सम्मान करे और उनके कल्याण में सक्रिय रूप से भागीदारी निभाए। इस प्रकार, हम ‘सशस्त्र सेना झण्डा दिवस’ को एक महत्वपूर्ण अवसर बना सकते हैं।
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टीम इंडिया टुडे
प्रियंका सिंह
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