दून ऑटो रिक्शा यूनियन का सीएम आवास कूच: प्रदर्शनकारियों ने उठाई आवश्यक मांगें
देहरादून: मंगलवार को देहरादून में दून ऑटो रिक्शा यूनियन ने अपनी 6 सूत्रीय मांगों को लेकर सीएम आवास कूच किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को ग्लोब चौक के पास ही रोक दिया जिसके बाद आंदोलनरत लोगों ने वहीँ जमीन पर बैठकर धरना शुरू कर दिया। साथ ही प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर विरोध […] The post दून ऑटो रिक्शा यूनियन का सीएम आवास कूच, प्रदर्शन कारियों ने जमकर नारेबाजी और विरोध किया first appeared on Vision 2020 News.
दून ऑटो रिक्शा यूनियन का सीएम आवास कूच: प्रदर्शनकारियों ने उठाई आवश्यक मांगें
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कम शब्दों में कहें तो, दून ऑटो रिक्शा यूनियन ने अपनी मांगों के साथ सीएम आवास की ओर कूच किया, जहां पुलिस ने उन्हें रोका और धरना प्रदर्शन प्रारंभ हुआ।
देहरादून: मंगलवार को दून ऑटो रिक्शा यूनियन ने 6 सूत्रीय मांगों को लेकर सीएम आवास का कूच किया। जैसे ही प्रदर्शनकारी ग्लोब चौक के पास पहुंचे, पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद, आंदोलनरत लोगों ने वहीं जमीन पर बैठकर धरना प्रारंभ किया। प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी की और सरकार के खिलाफ कड़ा विरोध जताया।
दून ऑटो रिक्शा यूनियन के अध्यक्ष का वक्तव्य
दून ऑटो रिक्शा यूनियन के अध्यक्ष, पंकज अरोड़ा, ने बताया कि पिछले 55 वर्षों से ऑटो चालक देहरादून के बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य प्रमुख स्थलों पर अपने वाहनों को खड़ा करते आ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम ने इन स्थानों पर यूनियन के लिए विशेष रूप से स्टैंड चिन्हित किए हैं। देहरादून के ऑटो चालक बाहरी पर्यटकों और सैलानियों के लिए डोर-टू-डोर सेवा प्रदान करते हैं, साथ ही उनका सामान सुरक्षित रूप से पहुंचाने का कार्य भी करते हैं।
दून ऑटो रिक्शा यूनियन की प्रमुख मांगें
- निजी नंबर प्लेट पर चल रहे दोपहिया वाहनों द्वारा ऑनलाइन वाणिज्यिक गतिविधियां सीधे सीएनजी ऑटो रिक्शा चालकों के रोजगार पर प्रभाव डाल रही हैं। ऐसे वाहनों पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए।
- शहर में इलेक्ट्रॉनिक ऑटो और ई-रिक्शाओं की संख्या बढ़ गई है, जिसके कारण पारंपरिक सीएनजी ऑटो चालकों को सवारी नहीं मिल पा रही है और ट्रैफिक दबाव भी बढ़ रहा है। इससे बचने के लिए नए ई-ऑटो/ई-रिक्शाओं का रजिस्ट्रेशन कम से कम 10 वर्षों के लिए बंद किया जाना आवश्यक है।
- ऑटो रिक्शा (3+1) परमिट की वर्तमान 25 किलोमीटर सीमा को बढ़ाकर 40 किलोमीटर किया जाना चाहिए या फिर ऑटो चालकों को जौलीग्रांट एयरपोर्ट तक सवारी ले जाने की अनुमति दी जानी चाहिए।
- वर्तमान में ई-रिक्शा मुख्य मार्गों पर संचालित हो रहे हैं, जबकि शासन के गजट नोटिफिकेशन के अनुसार इन्हें मोहल्लों की आंतरिक गलियों तक सीमित किया जाना चाहिए। इस संदर्भ में प्रशासन के साथ कई बार चर्चा होने के बावजूद नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।
- देहरादून जनपद में फिटनेस सेंटर को शहर के केंद्र में स्थापित किया जाए या उसकी व्यवस्था को बेहतर किया जाए, साथ ही आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त फिटनेस सेंटर भी खोले जाएं।
- इलेक्ट्रॉनिक ऑटो और ई-रिक्शा के क्रय-विक्रय एवं रजिस्ट्रेशन के दौरान मूल निवास प्रमाण पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र और वैध ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य किए जाएं। वाहन बेचने या खरीदने वाला चालक उत्तराखंड का स्थायी निवासी होना चाहिए।
ऑटो रिक्शा यूनियन ने अपनी मांगों का एक औपचारिक पत्र सरकार को प्रशासन के माध्यम से सौंपा। साथ ही, यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर उचित ध्यान नहीं दिया गया तो वे चक्का जाम करने पर मजबूर होंगे।
इस प्रदर्शन ने देहरादून के नागरिकों को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है कि ऑटो रिक्शा चालक भी शहर की परिवहन व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनकी समस्याओं का समाधान समय पर किया जाना चाहिए।
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सादर, टीम इंडिया टुडे
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