स्वास्थ्य सेवा की मांग: चौखुटिया से देहरादून पदयात्रा का दूसरा दिन, आंदोलनकारी पहुंचे आदि बद्री
रैबार डेस्क: चौखुटिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती और स्वास्थ्य सुविधाएं सुधारने... The post ऑपरेशन स्वास्थ्य: चौखुटिया से देहरादून पदयात्रा का दूसरा दिन, गैरसैंण से आदि बद्री पहुंचे आंदोलनकारी appeared first on Uttarakhand Raibar.
स्वास्थ्य सेवा की मांग: चौखुटिया से देहरादून पदयात्रा का दूसरा दिन, आंदोलनकारी पहुंचे आदि बद्री
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - India Twoday
कम शब्दों में कहें तो: चौखुटिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आवश्यक डॉक्टरों की तैनाती की मांग के लिए चल रहा जन आंदोलन अब देहरादून की ओर बढ़ रहा है, आंदोलनकारी इस पदयात्रा में शामिल हो रहे हैं। अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें.
रैबार डेस्क: चौखुटिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की मांग को लेकर चल रहा जन आंदोलन 24वें दिन भी जारी है। इस संघर्ष के तहत आमरण अनशन, क्रमिक अनशन और धरना प्रदर्शन सभी जारी हैं। अब इस आंदोलन के सारथी गढ़वाल के गैरसैंण से देहरादून तक पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के आवास का घेराव करने हेतु 24 अक्टूबर को आंदोलनकारी दल गैरसैंण से राजधानी की ओर रवाना हुआ है।
पदयात्रा का दूसरा दिन: महत्त्वपूर्ण पड़ाव
पदयात्रा के इस दूसरे दिन के अवसर पर आंदोलनकारी समूह ने गैरसैंण से कर्णप्रयाग के लिए यात्रा प्रारंभ की। इस दौरान पुष्पेश त्रिपाठी और भुवन कथायत जैसे प्रतिनिधियों के साथ दर्जनों पदयात्री अब आदि बद्री में विश्राम करेंगे। यह यात्रा स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाएं सुधारने के लिए जन जागरूकता फैलाने का एक प्रयास है।
चौखुटिया अस्पताल को नहीं मिले डॉक्टर
चौखुटिया में डॉक्टरों की कमी के चलते स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए हो रहे आंदोलनों के बीच, अल्मोड़ा जिला अस्पताल से बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष पंत और स्त्री रोग विशेषज्ञ कृतिका भंडारी का चौखुटिया चेक में तबादला किया गया था। हालांकि, अल्मोड़ा विधायक के विरोध के कारण CMO ने इस तबादले का आदेश रद्द कर दिया, जिससे चौखुटिया के लोगों में असंतोष और निराशा का माहौल बन गया है। यह दर्शाता है कि राजनीतिक दबाव और स्वास्थ्य सेवाओं की समस्या एक जटिल स्थिति पैदा कर रहे हैं।
अनशनकारियों की तबीयत बिगड़ी
अनशन स्थल पर उमेश रावत, जीवन नेगी, मीना कांडपाल और कई अन्य कार्यकर्ता क्रमिक अनशन पर हैं। हाल ही में आमरण अनशन पर बैठे मनोहर दत्त देवतल्ला की तबीयत बिगड़ गई। इसे देखकर पुलिस प्रशासन ने उन्हें अनशन स्थल से उठाकर सीएचसी में भर्ती करवा दिया। यह कार्रवाई आंदोलनकारियों के लिए आक्रोश का विषय बन गई। उन सभी का कहना है कि प्रशासन चाहे जितने भी आंदोलनकारी उठाए, आमरण अनशन जारी रहेगा। आंदोलन की इस स्थिति से स्पष्ट है कि ये लोग स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर कितने गंभीर हैं।
आंदोलन का यह समय केवल स्वास्थ्य समस्याओं का नहीं, बल्कि यह स्थानीय लोगों की सामूहिक आवाज़ का भी प्रतिनिधित्व करता है। जन जागरूकता और राजनीतिक समर्थन के बिना, उनकी ये मांगें अधूरी रह जाएंगी। इस स्थिति की गंभीरता को समझते हुए, सभी संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई करनी चाहिए ताकि जन स्वास्थ्य में सुधार हो सके।
निष्कर्ष: चौखुटिया से देहरादून तक का यह पदयात्रा केवल एक स्वास्थ्य आंदोलन नहीं है, बल्कि यह समाहित है लोगों की समस्याओं के समाधान की ओर एक ठोस कदम। यह सिद्ध करता है कि जब समुदाय एक साथ आता है, तो सही परिवर्तन लाने में सफल हो सकता है।
यह कहानी केवल स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए नहीं है, बल्कि यह एक सशक्त समाज के निर्माण की भी कहानी है। इसलिए, सरकार और स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि वे जल्द से जल्द आवश्यक कदम उठाएं ताकि इस जन आंदोलन को समाप्त किया जा सके।
आपकी राय हमें महत्वपूर्ण है, क्या आप इसके बारे में और जानना चाहेंगे?
Team India Twoday
सिमा शर्मा
What's Your Reaction?