हरिद्वार में स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि की प्रतिमा का शानदार अनावरण, समापन समारोह में जुटे भक्तगण

HARIDWAR: हरिद्वार के सप्तऋषि क्षेत्र स्थित भारत माता मंदिर परिसर में ब्रह्मलीन गुरुदेव स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज की समाधि मंदिर मूर्ति स्थापना के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय भव्य समारोह का शुक्रवार को विधिवत समापन हुआ. इस अवसर पर समाधि मंदिर एवं प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया. तीन दिवसीय इस भव्य आयोजन में देशभर […] The post HARIDWAR: स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि की प्रतिमा का अनावरण, तीन दिवसीय समारोह का हुआ समापन first appeared on Vision 2020 News.

Feb 6, 2026 - 18:27
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हरिद्वार में स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि की प्रतिमा का शानदार अनावरण, समापन समारोह में जुटे भक्तगण
HARIDWAR: हरिद्वार के सप्तऋषि क्षेत्र स्थित भारत माता मंदिर परिसर में ब्रह्मलीन गुरुदेव स्वामी सत्यम

हरिद्वार में स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि की प्रतिमा का अनावरण

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कम शब्दों में कहें तो, हरिद्वार में ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि के सम्मान में आयोजित तीन दिवसीय समारोह का भव्य समापन हुआ। इस अवसर पर उनकी प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया।

हरिद्वार के सप्तऋषि क्षेत्र में स्थित भारत माता मंदिर परिसर में यह भव्य समारोह आयोजित किया गया। शुक्रवार को इस त्योहार का समापन किया गया, जहां देशभर से संत-महात्मा, धार्मिक शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, और राजनीतिक नेताओं ने भाग लिया।

समारोह का महत्व और सांस्कृतिक चर्चा

इस तीन दिवसीय आयोजन में राष्ट्र चेतना, सनातन संस्कृति, गुरु-शिष्य परंपरा और मानव सेवा पर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श किया गया। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि इस पावन अवसर पर उपस्थित होना उनके लिए सौभाग्य का विषय है और उन्होंने मां गंगा को नमन करते हुए ऋषि-मुनियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि का प्रभाव

राजनाथ सिंह ने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी जीवन दृष्टि और विचार आज भी समाज को मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा को उनके जीवन मूल्यों और विचारधारा को पुनः जागृत करने का प्रतीक बताया।

हरिद्वार की सांस्कृतिक पहचान

सुरक्षा मंत्री ने हरिद्वार को सिर्फ तीर्थस्थल नहीं बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना का केंद्र माना। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्र की सुरक्षा केवल भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि उसकी सांस्कृतिक जड़ों की रक्षा भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने गुरु-शिष्य संवाद, भक्ति परंपरा और अद्वैत वेदांत को भारतीय संस्कृति की आत्मा बताया।

अतिथियों का स्वागत और योगदान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समारोह में सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि ने आध्यात्मिक साधना के साथ-साथ समाज सेवा को जोड़ा और भारत माता मंदिर के माध्यम से राष्ट्र प्रेम को मूर्त रूप दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से भारत की संस्कृति को वैश्विक मंच पर पहचान मिल रही है।

युवाओं की भूमिका पर जोर

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि का जीवन करुणा, मैत्री और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने भारत माता मंदिर को राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह मंदिर संपूर्ण भारत को एक सूत्र में बांधता है।

समापन समारोह के महत्वपूर्ण विचार

हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत और विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण ने भी समारोह में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि के जीवन और उनके कार्यों को सराहा। मनोहर लाल खट्टर ने संत समाज से प्राप्त प्रेरणा के बारे में भी बताया।

यह समारोह एक बार फिर से यह सिद्ध करता है कि भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता दृढ़ है। स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि की याद में आयोजित यह समारोह देशवासियों को एकजुट करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास था।

इस तरह के भव्य आयोजनों का उद्देश्य न केवल श्रद्धांजलि अर्पित करना है, बल्कि समाज में सांस्कृतिक जागरूकता को भी बढ़ावा देना है। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम ने भारत माता मंदिर को एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित किया है।

इस समारोह की विशेषता यह रही कि इसमें विभिन्न धर्मों और पृष्ठभूमियों के लोग एक साथ आए और एकजुटता का परिचय दिया।

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टीम इंडिया टुडे, नेहा कुमारी

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