SBI जीवन बीमा कर्मचारी पर ग्राहकों से धोखाधड़ी के आरोप, लाखों के चेक व्यक्तिगत खाते में जमा
Pithoragarh: बेरीनाग क्षेत्र में SBI Life Insurance के बीडीएम आमिर सिद्दीकी पर लाखों की धोखाधड़ी का मामला आमने आया है। मामला उजागर होने के बाद इलाके में सनसनी फ़ैल गई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सिद्दीकी ने तीन उपभोक्ताओं से लाखों रुपये की रकम अपने निजी खाते में जमा की। पूर्व सैनिक का […] The post SBI Life Insurance के कर्मचारी पर कस्टमर्स से धोखाधड़ी के आरोप, लाखों के चेक निजी अकाउंट में किए जमा first appeared on Vision 2020 News.
SBI जीवन बीमा कर्मचारी पर ग्राहकों से धोखाधड़ी के आरोप, लाखों के चेक व्यक्तिगत खाते में जमा
कम शब्दों में कहें तो, पिथौरागढ़ के बेरीनाग क्षेत्र में SBI जीवन बीमा के बीडीएम आमिर सिद्दीकी ने ग्राहकों से धोखाधड़ी की है, जिसमें लाखों रुपये अपने निजी खाते में जमा किए हैं। इस मामले के उजागर होने के बाद से ग्राहकों में आक्रोश व्याप्त हो गया है।
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Pithoragarh: बेरीनाग क्षेत्र में SBI Life Insurance के बीडीएम आमिर सिद्दीकी के खिलाफ लाखों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस घटना ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि सिद्दीकी ने तीन उपभोक्ताओं द्वारा दिए गए लाखों रुपये अपने निजी खाते में जमा किए।
पूर्व सैनिक का चेक निजी खाते में जमा, SBI जीवन बीमा के कर्मचारी पर गंभीर आरोप
गंगा सिंह डांगी, जो एक पूर्व सैनिक हैं, ने लगभग दो महीने पहले अपनी जीवन बीमा पॉलिसी की किश्त चुकाने के लिए 7 लाख रुपये का चेक आमिर सिद्दीकी को सौंपा था। लेकिन जब उन्होंने पाया कि यह राशि उनके बीमा खाते में जमा नहीं हुई तो उनकी चिंता बढ़ गई।
गंगा सिंह ने SBI शाखा में रसीद मांगने के लिए जब संपर्क किया, तो सिद्दीकी बहाने बनाने लगे। जब गंगा सिंह ने शाखा के प्रबंधक संजय कुमार से बात की, तो दबाव के तहत सिद्दीकी ने 3 लाख 50 हजार रुपये लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन शेष राशि का क्या होगा, इसकी जानकारी नहीं दी।
अन्य ग्राहकों के साथ भी हुआ बड़ा धोखाधड़ी का मामला
जब गंगा सिंह का मामला सामने आया, तो अन्य ग्राहक भी शाखा में पहुँचने लगे। अंजू रौतेला ने कहा कि जनवरी 2024 में उन्हें भी इसी तरह से धोखाधड़ी का शिकार होना पड़ा था। उन्होंने भी आमिर सिद्दीकी को 4 लाख रुपये दिए, जो उसके निजी खाते में डाल दिए गए।
शिकायत करने पर सिद्दीकी ने अंजू को यह कहकर चुप कराया कि उनका CIF नंबर गलत है। लेकिन जब जांच की गई, तो पाया गया कि उनका CIF नंबर सही था और सिद्दीकी ने उनकी राशि का गबन कर लिया था।
मामले के खुलासे से लोगों में आक्रोश
जैसे ही गंगा सिंह का मामला मीडिया में आया, अन्य ग्राहक भी अपनी चिंताओं के साथ बैंक पहुँचने लगे। व्यापार संघ के अध्यक्ष राजेश रावत ने घटना की कड़ी निंदा की और कहा कि ऐसे कर्मचारी को तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए और उनके खिलाफ मुकदमा चलाना चाहिए। उन्होंने पीड़ित उपभोक्ताओं की पूरी राशि की वापसी की मांग की।
आरोपी की गिरफ्तारी और न्यायालय में पेशी
लगातार शिकायतों के बाद पुलिस ने आमिर सिद्दीकी को हिरासत में लिया। जांच के विस्तृत कार्य के तहत उसे गंगोलीहाट न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि दर्ज शिकायतों के आधार पर सिद्दीकी के खिलाफ एक विस्तृत जांच चल रही है।
धोखाधड़ी की राशि की वापसी न होने पर क्षेत्र में बढ़ा आक्रोश
कई ग्राहक अपनी मेहनत की कमाई को लेकर चिंतित हैं। वे चाहते हैं कि वित्तीय संस्थान के कर्मचारी द्वारा की गई धोखाधड़ी की राशि उन्हें वापस की जाए। लोगों का कहना है कि जब ऐसे कर्मचारी ही उन्हें ठगेंगे, तो आम नागरिकों का उस पर विश्वास टूट जाएगा। उन्होंने माँग की कि उपभोक्ताओं की पूरी राशि वापस की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
इस तरह की घटनाएँ केवल एक कंपनी या क्षेत्र की ही समस्या नहीं हैं, बल्कि यह पूरे वित्तीय प्रणाली की विश्वसनीयता को प्रभावित करती हैं। देशभर में लोगों की मेहनत की कमाई की सुरक्षा के लिए ऐसे मामलों में नियमों को कड़ा करने की आवश्यकता है।
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टीम इंडिया ट्वोडे द्वारा संजना कुमारी
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