अंकिता हत्याकांड: गोदियाल ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, सबूत मिटाए गए और CBI जांच से भाग रही है सरकार
रैबार डेस्क: अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी के खुलासे के बाद सियासत में भूचाल है।... The post अंकिता हत्याकांड: गोदियाल का सरकार पर तीखा प्रहार, पहले सबूत मिटाए, अब CBI जांच से बच रही सरकार appeared first on Uttarakhand Raibar.
अंकिता हत्याकांड: गोदियाल ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, सबूत मिटाए गए और CBI जांच से भाग रही है सरकार
ब्रेकिंग न्यूज, डेली अपडेट्स & एक्सक्लूसिव स्टोरीज़ - India Twoday
कम शब्दों में कहें तो, अंकिता भंडारी हत्याकांड में होने वाले नए खुलासों ने राजनीतिक हलचल को जन्म दिया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें सबूत मिटाने और सीबीआई जांच से भागने का आरोप शामिल है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी के खुलासों के बाद उत्तराखंड की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस प्रकरण पर मुख्यमंत्री के बयान के बाद विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए तीखे सवाल उठाए हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि इस मामले में पहले सबूत मिटाए गए और अब सरकार सबूत मांग रही है, जो कि अत्यंत चौंकाने वाला है।
गोदियाल ने स्पष्ट रूप से कहा कि अंकिता के माता-पिता शुरू से सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे। लेकिन तीन वर्षों में सरकार इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं ले सकी। अब मुख्यमंत्री अंकिता के पिता पर सारी जिम्मेदारी डालकर पल्ला झाड़ना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए, और यह हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में होनी चाहिए।
इस बात पर जोर देते हुए गोदियाल ने आगे कहा कि, "हमें सरकार से अपेक्षा है कि इस मामले में जो भी वास्तविकता है, उसे सामने लाया जाए।" उन्होंने यह भी कहा कि बुल्डोजर चलाने वालों को बेनकाब होना चाहिए ताकि सही तथ्य सामने आ सकें। लेकिन, किसी भी जांच पर भरोसा तभी किया जा सकता है जब भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व मौजूदा प्रदेश नेतृत्व को हटाएगा। उन्होंने वर्तमान नेतृत्व पर आरोप लगाया कि इस में पारदर्शिता की उम्मीद करना बेकार है।
गोदियाल ने यह स्पष्ट किया कि जब तक अंकिता भंडारी को न्याय नहीं मिलता, तब तक कांग्रेस की यह लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने जनता की आवाज को उठाते हुए कहा कि यह केवल अंकिता का मामला नहीं, बल्कि न्याय का मुद्दा है। आरोप लगाते हुए गोदियाल ने कहा कि सरकार अपने नेताओं को बचाने पर जोर दे रही है, जबकि असली अपराधियों को पकड़ने में देरी कर रही है।
इस मामले में अब रुख स्पष्ट होता जा रहा है कि कैसे राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप लगाते हैं। सोशल मीडिया और मीडिया में इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है। इससे आने वाले समय में राजनीतिक प्रभाव पर भी असर पड़ सकता है।
ज्ञातव्य है कि यह मामला केवल अंकिता के लिए न्याय की मांग नहीं है, बल्कि यह एक बड़ा सवाल है कि हमारी न्याय प्रणाली कितनी प्रभावी और प्रत्यक्ष है। यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह सबूतों को संरक्षित करें और किसी भी तरह के भूचाल में न पड़ें।
अधिक जानकारी के लिए, कृपया India Twoday पर जाएं।
— टीम इंडिया टुडे, साक्षी रावत
What's Your Reaction?