आरोग्याटेक स्टार्टअप ने आईआईटी रुड़की को दिया स्वास्थ्य निगरानी प्लेटफॉर्म 'प्राण'

रुड़की : अमेरिका स्थित स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी स्टार्टअप आरोग्याटेक ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की को अपना अत्याधुनिक स्वास्थ्य निगरानी प्लेटफॉर्म ‘प्राण’ दान करने की घोषणा की है। इस प्लेटफॉर्म में प्राण सहायता उपकरण के साथ-साथ सहयोगी सॉफ्टवेयर ऐप ‘प्राण कम्पेनियन’ और ‘प्राण गाइड’ शामिल हैं। यह दान डिजिटल स्वास्थ्य और चिकित्सा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में …

Nov 23, 2025 - 00:27
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आरोग्याटेक स्टार्टअप ने आईआईटी रुड़की को दिया स्वास्थ्य निगरानी प्लेटफॉर्म 'प्राण'
रुड़की : अमेरिका स्थित स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी स्टार्टअप आरोग्याटेक ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस

आईआईटी रुड़की को मिला अत्याधुनिक स्वास्थ्य निगरानी प्लेटफॉर्म 'प्राण'

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कम शब्दों में कहें तो अमेरिका स्थित स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी स्टार्टअप आरोग्याटेक ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की को स्वास्थ्य निगरानी प्लेटफॉर्म ‘प्राण’ दान किया है। इस पहल का उद्देश्य डिजिटल स्वास्थ्य और चिकित्सा प्रौद्योगिकी में नवाचार को बढ़ावा देना है।

रुड़की: अमेरिका स्थित आरोग्याटेक, जो स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सक्रिय है, ने हाल ही में आईआईटी रुड़की को अपना अत्याधुनिक स्वास्थ्य निगरानी प्लेटफॉर्म ‘प्राण’ दान करने की घोषणा की है। इस प्लेटफॉर्म के अंतर्गत प्राण सहायता उपकरण एवं सहयोगी सॉफ्टवेयर ऐप्स ‘प्राण कम्पेनियन’ और ‘प्राण गाइड’ शामिल हैं। यह दान न केवल अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए है, बल्कि छात्रों की भागीदारी को भी प्रोत्साहित करेगा। और अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें।

उदार दान का समर्थन

यह महत्वपूर्ण पहल हर्षा एच और हासू पी. शाह फैमिली फाउंडेशन द्वारा समर्थित है। हासू पी. शाह, जो हर्षा हॉस्पिटैलिटी ग्रुप के संस्थापक हैं, ने इस पहल के महत्व को स्वीकार करते हुए कहा, “हालांकि मेरा करियर आतिथ्य उद्योग में बीता है, लेकिन प्रौद्योगिकी और सामाजिक प्रभाव के प्रति मेरा जुनून हमेशा बना रहा है। आरोग्याटेक की टीम दुनिया के स्वास्थ्य में सुधार हेतु कार्य कर रही है, और मुझे उनके मिशन का समर्थन करने पर गर्व है।”

आईआईटी रुड़की के पूर्व छात्र की पहल

आरोग्याटेक के सह-संस्थापक एवं मुख्य उत्पाद और प्रौद्योगिकी अधिकारी अजय विक्रम सिंह, जो कि आईआईटी रुड़की के 1999 बैच के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के पूर्व छात्र हैं, ने इस पहल का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा, “आईआईटी रुड़की ने मुझे इंजीनियर और नवोन्मेषक के रूप में गढ़ा है। यह योगदान अगली पीढ़ी के स्वास्थ्य नवोन्मेषकों को तैयार करने का एक कदम है।”

प्राण प्लेटफॉर्म के फायदें

‘प्राण’ प्लेटफॉर्म महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पैरामीटर जैसे रक्त शर्करा की निगरानी, कैंसर की प्रारंभिक जांच, और सामुदायिक स्तर पर जीनोमिक परीक्षण को संभव बनाएगा। इसके माध्यम से घरेलू कल्याण और नैदानिक क्षमताएं बढ़ती हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटलीकरण हो सकेगा।

शिक्षण संस्थान में उत्सव का माहौल

आईआईटी रुड़की के उप निदेशक प्रो. यू.पी. सिंह ने इस प्लेटफॉर्म का उद्घाटन करते हुए कहा कि यह संस्थान के लिए एक उल्लेखनीय योगदान है। निदेशक प्रो. के.के. पंत ने यह भी जोड़ा कि यह सहयोग स्वास्थ्य सेवा प्रौद्योगिकी एवं डेटा-संचालित चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान को गति देगा।

शोध एवं नवाचार को बढ़ावा

डीन (रीसोर्सेज एंड एलुमनी अफेयर्स) प्रो. आर.डी. गर्ग और अस्पताल सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. अंशिक कुमार गिरी ने भी दान की सराहना की, इसे नैदानिक अनुसंधान, एआई अनुप्रयोगों और प्रौद्योगिकी एकीकरण के लिए महत्वपूर्ण बताया।

शिक्षा, प्रौद्योगिकी और परोपकार का संगम

यह पहल न केवल स्वास्थ्य नवाचार को बढ़ावा देती है, बल्कि शिक्षाविदों और परोपकार के संयोजन का प्रतीक भी है। आईआईटी रुड़की के समुदाय ने इस योगदान को स्वस्थ भविष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

सारांश: आरोग्याटेक का यह दान निसंदेह स्वास्थ्य और तकनीकी क्षेत्र में भारत को एक नई दिशा प्रदान करेगा।

Team India Twoday - प्रिया शर्मा

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