उत्तरकाशी के कालिंदी ट्रैक और गोमुख-तपोवन से सफल ट्रैकर रेस्क्यू

रैबार डेस्क:  उत्तरकाशी के कालिंदी ट्रैक स्थित ओडिनकॉल क्षेत्र में फंसे ट्रैकर्स का रेस्क्यू अभियान... The post कालिंदी ट्रैक पर फंसे 29 ट्रैकर्स का रेस्क्यू पूरा, गोमुख-तपोवन ट्रैक से भी 121 ट्रैकर का रेस्क्यू appeared first on Uttarakhand Raibar.

Sep 28, 2026 - 18:27
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उत्तरकाशी के कालिंदी ट्रैक और गोमुख-तपोवन से सफल ट्रैकर रेस्क्यू
रैबार डेस्क:  उत्तरकाशी के कालिंदी ट्रैक स्थित ओडिनकॉल क्षेत्र में फंसे ट्रैकर्स का रेस्क्यू अभ

उत्तरकाशी के कालिंदी ट्रैक और गोमुख-तपोवन से सफल ट्रैकर रेस्क्यू

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तरकाशी के कालिंदी ट्रैक पर फंसे 29 ट्रैकर्स का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया, जबकि गोमुख-तपोवन ट्रैक से 121 अन्य ट्रैकरों को भी सुरक्षित निकाला गया।

उत्तरकाशी क्षेत्र में हाल ही में ओडिनकॉल स्थित कालिंदी ट्रैक पर एक रेस्क्यू अभियान चलाया गया। इस अभियान में कुल 29 ट्रैकर्स को सुरक्षित तरीके से हर्षिल पहुंचाया गया। अभियान की सफलता में SDRF, जिला पुलिस, भारतीय सेना, स्थानीय प्रशासन एवं UCADA की टीमें शामिल रहीं। यह सभी ट्रैकर्स गोमुख और तपोवन क्षेत्र में ट्रैकिंग और कैंपिंग के लिए गए थे और हाल की भारी बर्फबारी के कारण फंस गए थे।

ओडिनकॉल क्षेत्र में रेस्क्यू अभियान

ओडिनकॉल क्षेत्र में फंसे सभी ट्रैकर्स को हेलीकॉप्टर के माध्यम से निकाला गया। रेस्क्यू के बाद सभी ट्रैकर्स को आर्मी बेस हर्षिल में स्थित अस्पताल में लाया गया, जहां उनकी प्राथमिक स्वास्थ्य जांच की जा रही है।

गोमुख-तपोवन ट्रैक पर बर्फबारी का प्रभाव

इसके साथ ही, गंगोत्री नेशनल पार्क के गोमुख-तपोवन ट्रैक पर हुई तेज बर्फबारी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया था। वन विभाग की टीम ने 121 ट्रैकरों को सुरक्षित निकालने में सफलता पाई। इस दिशा में लगातार बर्फबारी और हिमस्खलन के खतरे के बीच राहत कार्य किया गया।

Rescue Operation Image

रेस्क्यू अभियान की चुनौतियाँ

रेस्क्यू अभियान के दौरान कई चुनौतियाँ आईं, जिसमें बर्फीले रास्तों का जोखिम और असुरक्षित परिस्थितियों का सामना करना शामिल था। टीमों ने सावधानीपूर्वक उन ट्रैकरों को सुरक्षित निकाला, जो खराब मौसम के चलते रुक गए थे। प्रशासन द्वारा दी गई तात्कालिक सेवाओं ने इस कठिनाई में राहत दी।

समुदाय की सहयोगिता

इस रेस्क्यू अभियान में स्थानीय समुदाय और यथासंभव सहयोग देने वाले लोगों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे टीम को कार्य में तेजी लाने और सही सूचना संकलित करने में मदद मिली।

इस तरह की घटनाएँ हमें यह सिखाती हैं कि ट्रैकिंग और पर्वतारोहण में सुरक्षा कितनी महत्वपूर्ण होती है, विशेष रूप से जब मौसम अप्रत्याशित रूप से बदल जाता है। हम सभी को ऐसे रोमांचक अनुभवों के लिए उचित तैयारी और सावधानी बरतनी चाहिए।

इस रेस्क्यू अभियान से जुड़ी और जानकारियों के लिए, यहाँ क्लिक करें।

हमेशा याद रखें, सुरक्षा पहले और सबसे महत्वपूर्ण है! हम सभी ट्रैकरों की सफलता की कामना करते हैं।

सादर,

टीम इंडिया टूडे – सुषमा

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