उत्तराखंड: अतिक्रमण के खिलाफ अभियान तेज, चार धार्मिक स्थलों सहित 60 नोटिस जारी

Corbetthalchal-गूलरभोज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के निर्देश के क्रम में सोमवार को अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा के निर्देशन में सिंचाई विभाग द्वारा हरिपुरा जलाशय गूलरभोज…

Dec 8, 2025 - 18:27
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उत्तराखंड: अतिक्रमण के खिलाफ अभियान तेज, चार धार्मिक स्थलों सहित 60 नोटिस जारी
Corbetthalchal-गूलरभोज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के निर्देश के क्र

उत्तराखंड: अतिक्रमण के खिलाफ अभियान तेज, चार धार्मिक स्थलों सहित 60 नोटिस जारी

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कम शब्दों में कहें तो उत्तराखंड में अतिक्रमण के खिलाफ जारी अभियान में चार धार्मिक स्थलों सहित 60 नोटिस जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के निर्देशों पर यह कार्रवाई की गई है।

अभियान का विवरण

गूलरभोज के हरिपुरा जलाशय में अतिक्रमण के खिलाफ यह अभियान सोमवार को अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा के मार्गदर्शन में सिंचाई विभाग द्वारा चलाया गया। इस कार्यवाही में सरकारी भूमि पर अवैध रूप से काबिज लोगों को कुल 60 नोटिस जारी किए गए, जिनमें से चार नोटिस धार्मिक स्थलों के लिए भी हैं।

अपर जिलाधिकारी की टिप्पणी

अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा ने कहा कि सभी नोटिसों को 15 दिनों के भीतर हल नहीं करने पर प्रशासन कठोर कदम उठाएगा। यह कदम न केवल सरकारी भूमि की सुरक्षा के लिए है, बल्कि स्थानीय समुदाय की धार्मिक भावनाओं का भी सम्मान करने के लिए आवश्यक है।

स्थानीय नागरिकों की प्रतिक्रिया

स्थानीय नागरिकों ने इस अभियान का स्वागत किया है। उनका मानना है कि इस प्रकार की कार्रवाई से अवैध निर्माणों पर नियंत्रण पाया जा सकेगा। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि पहले ऐसे मामलों में कार्रवाई नहीं की जाती थी, जिससे अव्यवस्था फैली थी।

सरकारी प्रयासों की आवश्यकता

यह अभियान एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन इसके साथ ही सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पुनर्वास और अन्य आवश्यकताओं का ध्यान रखें। यदि किसी को वैध कारण से अपनी भूमि छोड़नी पड़े, तो उन्हें उचित सहयोग मिलना चाहिए।

हाल ही में, ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहाँ लोगों ने सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया था। इस कार्रवाई के माध्यम से सरकार ने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि अतिक्रमण की किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं दी जाएगी।

भविष्य की दिशा

अब देखना यह है कि सरकार इस अभियान को कैसे आगे बढ़ाती है और क्या यह कार्रवाई आगे चलकर स्थायी समाधान ला पाएगी। लोगों को भी इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए और अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों का ध्यान रखना चाहिए।

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सादर,

टीम इंडिया टुडे - सुमित्रा शर्मा

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