उत्तराखंड: अवैध रूप से रह रही बांग्लादेशी महिला की गिरफ्तारी की कहानी
रुद्रपुर : उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले की पुलिस ने एक बांग्लादेशी महिला को अवैध रूप से भारत में रहने के आरोप में हिरासत में लिया है। महिला की पहचान रजिया बेगम, निवासी ग्राम पन्जोरा, थाना कालीगंज, जिला गाजीपुर (बांग्लादेश) के रूप में हुई है। पुलिस ने महिला के खिलाफ आवश्यक दस्तावेजों की जांच […] The post उत्तराखंड: बिना वीजा रह रही बांग्लादेशी महिला गिरफ्तार first appeared on Vision 2020 News.
उत्तराखंड: अवैध रूप से रह रही बांग्लादेशी महिला की गिरफ्तारी की कहानी
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में एक बांग्लादेशी महिला रजिया बेगम को अवैध रूप से भारत में रहने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। वह 2019 में भारत आई थी लेकिन बिना वैध दस्तावेजों के यहां रह रही थी।
रुद्रपुर, उत्तराखंड: उधम सिंह नगर जिले की पुलिस ने एक बांग्लादेशी महिला को अवैध रूप से भारत में रहने के आरोप में हिरासत में लिया है। महिला की पहचान रजिया बेगम के रूप में हुई है, जो ग्राम पन्जोरा, थाना कालीगंज, जिला गाजीपुर (बांग्लादेश) की निवासी है। पुलिस ने आवश्यक दस्तावेजों की जांच की और उसके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया पूरी कर डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
फेसबुक पर शुरू हुई प्रेम कहानी
रजिया की कहानी की शुरुआत 2019 में हुई, जब उसकी पहचान फेसबुक के माध्यम से गदरपुर निवासी नाजिम कुरेशी से हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच नज़दीकियां बढ़ीं और उसी वर्ष रजिया ने वैध पासपोर्ट और वीजा के जरिये भारत आकर नाजिम से 31 मई 2019 को विवाह कर लिया।
वीजा और पासपोर्ट की वैधता खत्म
हालांकि, रजिया का वीजा 30 दिसंबर 2020 को समाप्त हो गया, जिसके बाद वह बांग्लादेश लौटी। उसने पुनः नया वीजा प्राप्त किया लेकिन मई 2024 में उसका पासपोर्ट भी समाप्त हो गया। इसके बावजूद, वह अवैध रूप से भारत में रह रही थी। 2022 से अगस्त 2025 तक वह हरियाणा में अपने पति के साथ रही और फिर गदरपुर लौट आई।
खुफिया एजेंसियों की जांच
स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियों को उसकी गतिविधियों पर संदेह हुआ, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रजिया को हिरासत में लिया। अब उसके दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है और भारत में अवैध रूप से रहने के चलते उसे देश से बाहर निकाले जाने की प्रक्रिया चल रही है।
डिपोर्टेशन की प्रक्रिया
सूत्रों के मुताबिक, रजिया बेगम को 18 अक्टूबर 2025 को बांग्लादेश सीमा के पास ले जाकर वहां की संबंधित एजेंसियों को सौंपा जाएगा।
लगातार बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों के मद्देनजर, इस प्रकार के मामलों पर निगरानी करने और कार्रवाई करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। नागरिकता और आप्रवासन संबंधी कानूनों की सख्त अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए यह मामला महत्वपूर्ण है।
इस मामले में एक महत्वपूर्ण बिंदु है यह जानना कि अवैध प्रवास का यह मामला केवल रजिया की कहानी तक सीमित नहीं है, बल्कि बांग्लादेश से भारत में कई अन्य लोगों के आने के मामलों को भी बरकरार रखता है।
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सादर,
टीम इंडिया टुडे
(निर्मला शर्मा)
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