उत्तराखंड: गुलदार का आतंक बढ़ता जा रहा है, 48 वर्षीय व्यक्ति की हत्या से ग्रामीणों में दहशत

पौड़ी : जनपद के कोट विकासखंड के अंतर्गत घुड़दौड़ी क्षेत्र के पास स्थित जामला गांव में एक बार फिर गुलदार (तेंदुआ) ने कहर बरपाया है। कल शाम गुलदार ने 48 वर्षीय स्थानीय निवासी पर घात लगाकर अचानक हमला कर दिया, जिससे व्यक्ति को बचने का कोई मौका नहीं मिल सका और मौके पर ही उसकी …

Mar 10, 2026 - 18:27
 47  501822
उत्तराखंड: गुलदार का आतंक बढ़ता जा रहा है, 48 वर्षीय व्यक्ति की हत्या से ग्रामीणों में दहशत
पौड़ी : जनपद के कोट विकासखंड के अंतर्गत घुड़दौड़ी क्षेत्र के पास स्थित जामला गांव में एक बार फिर ग

उत्तराखंड: गुलदार का आतंक बढ़ता जा रहा है, 48 वर्षीय व्यक्ति की हत्या से ग्रामीणों में दहशत

कम शब्दों में कहें तो, पौड़ी जिले के जामला गांव में गुलदार के हमले ने एक बार फिर से भय का माहौल पैदा कर दिया है। कल शाम को 48 वर्षीय स्थानीय निवासी की अचानक हुई हत्या ने ग्रामीणों को चिंता और आक्रोश में डाल दिया। यह घटना मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती समस्या का एक और उदाहरण है।

पौड़ी: जनपद के कोट विकासखंड के अंतर्गत घुड़दौड़ी क्षेत्र के जामला गांव में एक भयावह घटना घटित हुई है। गुलदार ने कल शाम को 48 वर्षीय स्थानीय निवासी पर घात लगाकर हमला किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना लोगों के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है। लोगों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से इस क्षेत्र में गुलदार की गतिविधियां काफी बढ़ गई हैं।

घटना के बाद पूरे इलाके में भय का माहौल छा गया है। ग्रामीणों में भारी आक्रोश और डर देखा जा रहा है, विशेष रूप से उन लोगों के बीच जो अक्सर जंगलों के नजदीक रहते हैं। स्थानीय निवासी मानते हैं कि पहाड़ी क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष तेजी से बढ़ता जा रहा है, जिससे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। इस संबंध में, ग्रामीणों ने वन विभाग और जिला प्रशासन से सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है।

स्थानीय लोगों ने अनुरोध किया है कि गुलदार को पकड़ा जाए, ट्रैप किया जाए या फिर उसे प्रभावित क्षेत्र से हटाया जाए। उनका मुख्य उद्देश्य मानव जीवन और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए, प्रशासन ने एहतियात बरतने का आश्वासन दिया है और घटना की गंभीरता को समझते हुए कदम उठाने की वचनबद्धता दर्शाई है।

वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर घटना की जांच शुरू कर दी है। अधिकारी पगमार्क, कैमरा ट्रैप और अन्य सबूतों के आधार पर गुलदार की पहचान और ट्रैकिंग में जुटे हैं। यदि यह आदमखोर साबित होता है, तो उसे मार गिराने या कैद करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। स्थानीय ग्रामीणों ने बेहतर निगरानी और मुआवजे की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए भी अपील की है।

पौड़ी गढ़वाल में मानव-वन्यजीव संघर्ष अब एक गंभीर समस्या बन चुकी है। कई मामलों में पशुओं और मानवों पर हमले की रिपोर्टें पहले ही दर्ज हो चुकी हैं। प्रशासन का आश्वासन है कि वे स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए हैं और जल्द ही प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

इस संदर्भ में जागरूकता अभियान चलाने, स्थानीय निवासियों को सुरक्षा उपायों के बारे में शिक्षित करने और वन्यजीवों की गतिविधियों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। इससे न केवल मानवों को बचाने में मदद मिलेगी, बल्कि वन्यजीवों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा सकेगी।

अंत में, इस प्रकार की घटनाएँ हमें यह याद दिलाती हैं कि प्राकृतिक और मानव निर्मित पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखना कितना आवश्यक है।

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - India Twoday

सादर, टीम इंडिया टुडे (भारती)

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow