उत्तराखंड: गैस कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन की सख्त कार्रवाई, FIR दर्ज

देहरादून: जनपद में एलपीजी गैस की कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग की लगातार मिल रही शिकायतों पर जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर ऋषिकेश क्षेत्र के बनखण्डी में एक वाहन में अवैध गैस रिफिलिंग के मामले का संज्ञान लेते हुए जांच कराई गई, जिसमें गंभीर अनियमितताएं सामने …

Apr 13, 2026 - 00:27
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उत्तराखंड: गैस कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन की सख्त कार्रवाई, FIR दर्ज
देहरादून: जनपद में एलपीजी गैस की कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग की लगातार मिल रही शिकायतों पर जिला प

उत्तराखंड: गैस कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन की सख्त कार्रवाई, FIR दर्ज

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कम शब्दों में कहें तो: देहरादून में गैस की कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग के बढ़ते मामलों पर जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। जांच में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं हैं और इसके परिणामस्वरूप FIR दर्ज की गई है।

देहरादून: जनपद में एलपीजी गैस की कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग से संबंधित लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी सविन बंसल के कुशल नेतृत्व में प्रशासन ने ऋषिकेश क्षेत्र के बनखण्डी में अवैध गैस रिफिलिंग के मामले की जांच का आदेश दिया। इस जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं।

जांच का खुलासा

जांच में पाया गया कि संदिग्ध वाहन ऋषिकेश की अंकुर गैस एजेंसी से जुड़ा हुआ था। इसके गंभीर परिणामों को ध्यान में रखते हुए, प्रशासन ने एजेंसी का औचक निरीक्षण किया। एजेंसी प्रबंधन ने स्वीकार किया है कि उनके द्वारा नियुक्त चालक योगेन्द्र कुमार और उनके सहयोगी आशीष को वीडियो सामने आने के बाद नौकरी से हटा दिया गया है। फिर भी जांच में यह तथ्य सामने आया कि इन दोनों की नियुक्ति का कोई वैध अभिलेख एजेंसी के पास उपलब्ध नहीं था, जो कानून के विपरीत है।

क्यूआरटी टीम द्वारा की गई कार्रवाई

क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) द्वारा अभिलेखों का गहन अवलोकन किया गया, जिससे पता चला कि उक्त वाहन और चालक को गैस सिलेंडरों की आपूर्ति 12 अप्रैल 2026 तक जारी थी। इसके कारण प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही माना और आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और भारतीय न्याय संहिता के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।

प्रशासन का सख्त संदेश

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, विशेषकर मध्य-पूर्व में चल रहे तनाव के कारण गैस आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के मद्देनजर किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने जिले की सभी गैस एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने सभी कर्मचारियों का अनिवार्य सत्यापन कराएं और वितरण प्रणाली को पूर्ण पारदर्शिता के साथ संचालित करें।

शिकायतें और भविष्य की कार्रवाई

जिला प्रशासन ने गैस आपूर्ति से संबंधित शिकायतों के लिए एक कंट्रोल रूम स्थापित किया है। कंट्रोल रूम नंबर 1077, 0135-2626066, 2726066 और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 पर लोग अपनी शिकायतें दर्ज करवा सकते हैं। अब तक प्रशासन को कुल 12 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिन पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, आज जिले में लगभग 16,275 घरेलू और 817 व्यावसायिक उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर वितरित किए गए हैं। वर्तमान में 28,937 घरेलू और 4,745 व्यावसायिक सिलेंडरों का स्टॉक उपलब्ध है। प्रशासन का कहना है कि उपभोक्ताओं की मांग के अनुसार गैस आपूर्ति लगातार बढ़ाई जा रही है, ताकि किसी भी उपभोक्ता को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।

जनता की भूमिका

प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि यदि वे कहीं पर गैस की कालाबाजारी, ओवरचार्जिंग या अवैध रिफिलिंग जैसी गतिविधियों का सामना करते हैं, तो तुरंत कंट्रोल रूम या व्हाट्सएप नंबर पर सूचना दें। शिकायतकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि वो गैस के वितरण के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ दृढ़ संकल्पित है। इससे उपभोक्ताओं में विश्वास बढ़ेगा और वे कानून के अनुसार उचित और सुरक्षित गैस वितरण की उम्मीद कर सकेंगे।

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सादर,
Team India Twoday,
प्रियंका शर्मा

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