उत्तराखंड में 11 हजार छात्रों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग, ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ किया। योजना के तहत प्रदेश के राजकीय एवं शासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों तथा राज्य विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत पात्र छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग …

Sep 7, 2026 - 18:27
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उत्तराखंड में 11 हजार छात्रों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग, ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्

उत्तराखंड में छात्रों को मिलेगी मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मौजूदा समय में ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ को शुरू करने के साथ ही 11 हजार विद्यार्थियों को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग प्रदान करने का ऐलान किया है।

देहरादून। पिछले सोमवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत प्रदेश के राजकीय एवं शासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों तथा राज्य विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत पात्र छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग प्रदान की जाएगी। पहले चरण में लगभग 11,000 छात्रों को इस योजना से जोड़ा जाएगा।

प्रतियोगिता में सफलता के लिए आवश्यक तत्व

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए न केवल मेहनत जरूरी है, बल्कि सही दिशा, बेहतर रणनीति, गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास की भी आवश्यकता होती है। पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों में कई प्रतिभाशाली युवा आर्थिक परिस्थितियों और संसाधनों की कमी के कारण अच्छे कोचिंग संस्थानों तक नहीं पहुंच पाते। सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक तंगी या संसाधनों की कमी किसी भी प्रतिभाशाली युवा के सपनों के रास्ते में बाधा न बने।

युवाओं के लिए बेहतर अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति है। प्रदेश के युवा मेहनती, प्रतिभाशाली और चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हैं। सरकार युवाओं को बेहतर अवसर और संसाधन उपलब्ध कराने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी काम कर रही है।

सरकारी नौकरियां और नई पहल

पिछले पांच वर्षों में 34,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल युवाओं को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार देने वाला बनाना भी है।

इसके लिए स्वरोजगार, स्टार्टअप, कौशल विकास, उद्यमिता, कृषि-बागवानी, होमस्टे और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रिवर्स पलायन की स्थिति भी मजबूत हुई है और कई युवा गांवों में लौटकर विभिन्न क्षेत्रों में उद्यम स्थापित कर रहे हैं।

युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा आयोग का गठन किया जाएगा, जिससे युवाओं को प्रदेश के भविष्य की दिशा तय करने में सक्रिय भागीदार बनाया जाएगा। ढाई लाख से अधिक युवा विद्यार्थियों के साथ वैचारिक मंथन कर उनके विचार और सुझाव लिए जा रहे हैं। उन्होंने युवाओं से अपने बड़े सपनों को देखने और उनके लिए उच्च मेहनत करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में छात्रों से संवाद

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं के साथ संवाद किया और उनकी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों, भविष्य के लक्ष्यों और आकांक्षाओं के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर छात्रों में विशेष उत्साह था।

डिजिटल शिक्षा का विस्तार

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने योजना को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग और मार्गदर्शन मिलेगा। उच्च शिक्षा विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थी योजना का लाभ उठा सकें।

इसके अलावा, उच्च शिक्षण संस्थानों में डिजिटल शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए ई-ग्रंथालय के माध्यम से विद्यार्थियों को 20 लाख पुस्तकों की डिजिटल पहुंच प्रदान की जाएगी। छात्र संघ चुनावों में छात्राओं के लिए 50 प्रतिशत पद आरक्षित किए जाएंगे।

कोचिंग संस्थानों की जिम्मेदारी

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कोचिंग संस्थानों से जिम्मेदारी से काम करने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि इसे केवल व्यावसायिक दायित्व के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक एवं व्यक्तिगत जिम्मेदारी के रूप में लेना चाहिए। सही मार्गदर्शन और नियमित संवाद विद्यार्थियों की तैयारी और आत्मविश्वास को मजबूत करेगा।

मुख्य सचिव ने युवाओं से आह्वान किया कि वे दिए गए अवसर का अधिकतम लाभ उठाएं। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए अनुशासन और निरंतर अभ्यास को महत्व दिया जाना चाहिए।

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सादर, स्नेहा शर्मा
Team India Twoday

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