उत्तराखंड में पहली बार डिजिटल माध्यम से जनगणना, फील्ड ट्रेनिंग का शुभारंभ

उत्तराखंड के नैनीताल जिले में जनगणना 2027 के प्रथम चरण की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना कार्य आगामी 25 अप्रैल से 24 मई 2026 तक संपन्न होगा।…

Mar 23, 2026 - 18:27
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उत्तराखंड में पहली बार डिजिटल माध्यम से जनगणना, फील्ड ट्रेनिंग का शुभारंभ
उत्तराखंड के नैनीताल जिले में जनगणना 2027 के प्रथम चरण की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस चरण में मकान

उत्तराखंड में पहली बार डिजिटल माध्यम से जनगणना, फील्ड ट्रेनिंग का शुभारंभ

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के नैनीताल जिले में जनगणना 2027 के पहले चरण की तैयारियां शुरू हो गई हैं, जिसमें मकानों की सूचीकरण और गणना का कार्य डिजिटल माध्यम से होगा।

जनगणना 2027 की तैयारियाँ

उत्तराखंड के नैनीताल जिले में जनगणना 2027 के पहले चरण की तैयारियाँ तेजी से चल रही हैं। इस चरण में मकानों की सूचीकरण और उनकी गणना का कार्य आगामी 25 अप्रैल से 24 मई 2026 तक संपन्न होगा। इस प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से संचालित किया जाएगा, जिससे पूरी प्रक्रिया में迅速ता एवं पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।

प्रशिक्षण शिविर का आरंभ

इस सप्ताह सोमवार को हल्द्वानी के काठगोदाम सर्किट हाउस के सभागार में जनगणना कार्मिकों का पहला प्रशिक्षण शिविर शुरू किया गया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि सरकार की योजना के अनुसार 2047 तक भारत को एक उत्कृष्ट जनगणना प्रणाली प्रदान करने पर ज़ोर दिया जा रहा है। मंत्री आर्या ने सभी प्रशिक्षुओं को इस अवसर पर प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे इस कार्य को अपनी जिम्मेदारी के रूप में लें।

डिजिटल माध्यम का महत्व

पहली बार जनगणना में डिजिटल तकनीक का उपयोग करना एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे डेटा संग्रहण की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा और आँकड़ों की सटीकता में वृद्धि होगी। उम्मीद है कि इसके माध्यम से जनगणना के आंकड़े जल्दी और सही-सही पायेंगे, जिससे भविष्य की योजनाओं को तैयार करने में सहूलियत होगी।

आगे की योजनाएँ

जनगणना कार्य के सफल समापन के बाद, जनसंख्या नीति और विकास योजनाओं का रूप तय किया जाएगा। सरकार की मंशा है कि इस डेटाबेस का उपयोग करके देश की सामाजिक, आर्थिक और न्यायिक योजनाओं को मजबूती दी जा सके। मंत्री आर्या ने इस पर ध्यान केंद्रित करते हुए कहा कि सामाजिक विकास के लिए सही डेटा बेहद जरूरी है।

इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य है कि नागरिकों को बेहतर सेवाएँ प्रदान की जा सकें एवं उनके विकास के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें। सरकार और प्रशासन का मानना है कि जनगणना से प्राप्त डेटा महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लेने में सहायक होगा।

हाल में, डिजिटल साधनों के माध्यम से ट्रैनिंग भी दी जा रही है, जिससे प्रशिक्षकों को नवीनतम तकनीकों का उपयोग करने का ज्ञान मिला सके। यह न केवल जनगणना प्रक्रिया को सरल बनाएगा, बल्कि भावी योजनाओं के लिए भी एक ठोस आधार प्रदान करेगा।

युवाओं के लिए यह एक सुनहरा अवसर है कि वे इस प्रक्रिया में भाग लें और अपने कौशल को बेहतर बनायें। डिजिटल माध्यम का उपयोग करते हुए युवाओं को इसमें एक सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

जनगणना के सफल कार्यान्वयन के लिए, प्रशासनिक कार्यालयों में आवश्यक सुविधाएँ भी प्रदान की जा रही हैं और सभी संबंधित पक्षों को एकजुट करने का प्रयास किया जा रहा है।

इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएँ: India Twoday.

सही और समय पर जानकारी प्राप्त करना सभी नागरिकों के हित में है। इसलिए, हम सभी से अनुरोध करते हैं कि वे इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें और अपनी जानकारी सही तरीके से प्रदान करें। यह न केवल उनके लिए, बल्कि समस्त समाज के लिए लाभकारी होगा।

टीम इंडिया टुडे शिवानी शर्मा

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