उत्तराखण्ड राज्य विश्वविद्यालय खेल प्रतियोगिता: पंतनगर में राज्यपाल ने किया भव्य उद्घाटन

पंतनगर: राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर में चार दिवसीय उत्तराखण्ड राज्य विश्वविद्यालय खेल प्रतियोगिता का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने 800 मीटर पुरुष, महिला वर्ग रेस के विजेताओं को मेडल व प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। राज्यपाल गुरमीत सिंह ने उत्तराखण्ड राज्य विश्वविद्यालय […] The post पंतनगर में उत्तराखण्ड राज्य विश्वविद्यालय खेल प्रतियोगिता शुरू, राज्यपाल गुरमीत सिंह ने किया उद्घाटन first appeared on Vision 2020 News.

Feb 24, 2026 - 00:27
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उत्तराखण्ड राज्य विश्वविद्यालय खेल प्रतियोगिता: पंतनगर में राज्यपाल ने किया भव्य उद्घाटन
पंतनगर: राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक वि

उत्तराखण्ड राज्य विश्वविद्यालय खेल प्रतियोगिता: पंतनगर में राज्यपाल ने किया भव्य उद्घाटन

पंतनगर: राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में चार दिवसीय उत्तराखण्ड राज्य विश्वविद्यालय खेल प्रतियोगिता का शुभारम्भ किया। इस समारोह में संलग्न सभी का ध्यान आकर्षित करने वाले इस अवसर पर राज्यपाल ने 800 मीटर पुरुष और महिला वर्ग की रेस के विजेताओं को मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए।

राज्यपाल ने खेल प्रतियोगिता का किया शुभारंभ

800 मीटर रेस में पुरुष वर्ग में एस.एस.जे. अल्मोड़ा के अंकित नाथ ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि दूसरे स्थान पर श्री देव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय टिहरी गढ़वाल के आसिफ और तीसरे स्थान पर एस.एस.जे. अल्मोड़ा के ललित सिंह रहे। महिला वर्ग में, कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल की नीतू ने पहला स्थान प्राप्त किया, उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार की चांदनी को दूसरा और एस.एस.जे. अल्मोड़ा की शीतल भट्ट को तीसरा स्थान मिला।

खेल राष्ट्र निर्माण का सशक्त साधन: राज्यपाल का संबोधन

राज्यपाल ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण का एक महत्वपूर्ण साधन है। मैदान में जो अनुशासन, समर्पण और टीम भावना विकसित होती है, वही आगे चलकर राष्ट्र के प्रति एकजुटता और साहस को प्रोत्साहित करती है। उन्होंने कहा कि जब एक खिलाड़ी खेल के मैदान में उतरता है, तब वह सिर्फ अपने लिए नहीं, अपितु अपने राज्य और राष्ट्रीय पहचान के लिए भी प्रतिस्पर्धा कर रहा होता है।

राज्यपाल गुरमीत सिंह द्वारा 800 मीटर की पुरस्कार वितरण

राज्यपाल ने आगे कहा कि विश्वविद्यालय जीवन केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए। छात्र-छात्राओं को शिक्षा और खेल, दोनों के लिए संतुलित दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। जो विद्यार्थी पढ़ाई में मेधावी और खेलों में सक्रिय रहते हैं, वे निश्चित रूप से अधिक आत्मविश्वासी, संतुलित और नेतृत्व क्षमता वाले नागरिक बनते हैं।

फिट इंडिया मूवमेंट द्वारा नई पहचान

राज्यपाल ने कहा कि “फिट युवा, सशक्त भारत” का संकल्प तभी साकार होगा जब विश्वविद्यालय खेल की महत्वता को स्वीकार करेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे फिट इंडिया मूवमेंट और खेलो इंडिया अभियानों की सराहना की, जिन्होंने देश में खेल संस्कृति को नई दिशा दी है।

उन्होंने यह भी कहा कि "नशे की प्रवृत्ति से लड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम खेल है। खेल न केवल ऊर्जा और आत्मविश्वास देते हैं, बल्कि जीवन को एक उद्देश्य भी प्रदान करते हैं।"

क्रीड़ा प्रतिस्पर्धाओं द्वारा खिलाड़ियों का विकास

राज्यपाल ने खिलाड़ियों को आश्वासन दिया कि राज्य में खेल के मैदानों, स्पोर्ट्स अकादमियों और प्रशिक्षण सुविधाओं को मजबूती देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर पर इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ खिलाड़ियों को अपने कौशल दिखाने का एक सुनहरा अवसर प्रदान करते हैं।

प्रतियोगिता में भाग ले रहे छात्र

राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय स्तर से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच की तैयारी शुरू होती है। उन्होंने खिलाड़ियों से आग्रह किया कि वे केवल इस प्रतियोगिता तक सीमित न रह जाएँ, बल्कि ओलंपिक जैसे वैश्विक मंचों को अपने लक्ष्य के रूप में सामने रखें।

प्रतियोगिता में कई विश्वविद्यालयों का हिस्सा

राज्यपाल ने 10 विश्वविद्यालयों के लगभग 722 खिलाड़ियों की सहभागिता की पुष्टि करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की धरती से भी ऐसे खिलाड़ी निकले जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का तिरंगा ऊँचा उठाएं। जब तिरंगा विश्व मंच पर लहराता है, तब यह केवल एक खिलाड़ी की जीत नहीं, बल्कि पूरे देश का गौरव होता है।

यह प्रतियोगिता खिलाड़ियों को न केवल पुरस्कार देती है, बल्कि जीवन में सफल और असफल होने की भी सीख देती है। सच्ची विजय पदक में नहीं, बल्कि आपके प्रयास में निहित होती है। खेल हमें यह सिखाते हैं कि सफलता में विनम्र कैसे रहें और असफलता में धैर्यवान कैसे बने। यही मूल्य किसी भी व्यक्ति के नेतृत्व और जीवन में उत्कृष्टता का आधार बनते हैं।

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