ऋषिकुल को आयुर्वेद, योग और भारतीय ज्ञान परंपरा का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री की पहल

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में हरिद्वार स्थित मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान, ऋषिकुल के समग्र विकास से संबंधित प्रस्तावित मास्टर प्लान की समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री के समक्ष संस्थान के प्रस्तावित स्वरूप एवं विभिन्न गतिविधियों से संबंधित प्रस्तुतीकरण किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकुल को आयुर्वेद, […]

Sep 11, 2026 - 18:27
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ऋषिकुल को आयुर्वेद, योग और भारतीय ज्ञान परंपरा का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री की पहल
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में हरिद्वार स्थित मदन

ऋषिकुल को आयुर्वेद, योग और भारतीय ज्ञान परंपरा का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री की पहल

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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार स्थित ऋषिकुल के व्यापक विकास के लिए मास्टर प्लान का सावधानी से निरीक्षण किया है। इस योजना में आयुर्वेद, योग और भारतीय ज्ञान परंपरा के क्षेत्र में नवीनतम पहल को शामिल किया जाएगा।

ऋषिकुल

मुख्यमंत्री धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें हरिद्वार के मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान, ऋषिकुल के भविष्य की योजना के प्रस्तुतीकरण पर चर्चा की गई। बैठक में विभिन्न अधिकारियों और विशेषज्ञों ने संस्थान के विकास के सभी पहलुओं को विस्तृत रूप से प्रस्तुत किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकुल को आयुर्वेद, योग, और भारतीय ज्ञान परंपरा का प्रमुख केंद्र बनाने का उद्देश्य केवल शिक्षा और शोध नहीं बल्कि समग्र स्वास्थ्य और कल्याण को भी बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि इस पहल का फोकस आयुर्वेद, चिकित्सा पर्यटन, ज्योतिष और वैदिक गणित पर होगा, ताकि एक उत्कृष्ट शैक्षणिक परिवेश तैयार किया जा सके।

समृद्धि की ओर एक कदम

मुख्यमंत्री धामी ने इस बात पर जोर दिया कि उत्तरकाशी की देवभूमि की पहचान को ध्यान में रखते हुए, ऋषिकुल का विकास महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यहां की शिक्षा और अनुसंधान गतिविधियों को उच्चतम स्तर पर लाना होगा, ताकि विद्यार्थी ईश्वरीय ज्ञान और प्राच्य विद्या को सशक्त रूप में जान सकें।

उन्होंने निर्देश दिया कि परिसर का वास्तुतंत्र प्राचीन स्थापत्य शैली को ध्यान में रखते हुए बनाया जाए। सुसज्जित सुविधाएँ, जो आधुनिकतम होंगी, जनसामान्य के दर्शनी सुख को प्राप्त करेंगी। उन्होंने कहा कि प्राचीनता और आधुनिकता का संतुलन इस संस्थान की विशिष्ट पहचान बनाएगा।

सांस्कृतिक समृद्धि का केन्द्र

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हरिद्वार अपने धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व के कारण पूरे देश और विश्व में प्रसिद्ध है। हरिद्वार की इस विशेषता को केंद्र में रखते हुए ऋषिकुल का विकास किया जाएगा ताकि लोग भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा की समृद्ध विरासत को यहां अनुभव कर सकें।

धामी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। प्रत्येक कार्य के लिए स्पष्ट समयसीमा निर्धारित करनी होगी। उन्होंने परियोजना के सभी पहलुओं की नियमित समीक्षा करने का भी सुझाव दिया।

बैठक में प्रमुख व्यक्ति जैसे मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव धीराज गर्ब्याल, और अन्य अधिकारियों ने भाग लिया। इस बैठक में ऋषिकुल को योग, ध्यान, आयुर्वेदिक चिकित्सा और सांस्कृतिक अध्ययन का समन्वित केंद्र बनाने पर भी चर्चा की गई।

इस सरकारी पहल से न केवल राज्य की संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यहां आने वाले लोगों को भारतीय ज्ञान परंपरा का अनुभव भी प्राप्त होगा।

इसके अतिरिक्त, इस परियोजना का उद्देश्‍य आयुर्वेद के लाभों का प्रसार करना और लोगों को स्वस्थ जीवन जीने में मदद करना है। For more updates, visit India Twoday

संपादित: टीम इंडिया टुडे

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