एचआईवी/एड्स से लड़ाई में देहरादून में विशाल जन जागरूकता रैली आयोजित

रैबार डेस्क:   एचआईवी/एड्स जैसी चुनौतीपूर्ण बीमारी के प्रति जागरूकता और रोकथाम के उद्देश्य से उत्तराखंड... The post एचआईवी/एड्स के खिलाफ सामूहिक जंग की ललकार, देहरादून में विशाल जन जागरूकता रैली का आयोजन appeared first on Uttarakhand Raibar.

Dec 2, 2025 - 00:27
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एचआईवी/एड्स से लड़ाई में देहरादून में विशाल जन जागरूकता रैली आयोजित
रैबार डेस्क:   एचआईवी/एड्स जैसी चुनौतीपूर्ण बीमारी के प्रति जागरूकता और रोकथाम के उद्देश्य से उत

एचआईवी/एड्स से लड़ाई में देहरादून में विशाल जन जागरूकता रैली आयोजित

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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में एचआईवी/एड्स जैसी गंभीर बीमारी की जागरूकता फैलाने के लिए बड़ी रैली आयोजित की गई। इस रैली का उद्देश्य समाज में सही जानकारी और समय पर जांच के महत्व को उजागर करना है।

रैली का उद्देश्य और थीम

उत्तराखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति और स्वास्थ्य विभाग की ओर से 1 दिसंबर 2025 को आयोजित की गई इस विशाल रैली का मुख्य उद्देश्य एचआईवी/एड्स के बारे में जागरूकता और उसकी रोकथाम को बढ़ावा देना था। इस वर्ष विश्व एड्स दिवस के लिए भारत सरकार की ओर से “Overcoming Disruption, Transforming the AIDS Response” की थीम घोषित की गई है, जिसका लक्ष्य पिछले वर्षों की चुनौतियों को चुनौती देना और एड्स नियंत्रण प्रयासों को और मजबूती प्रदान करना है। रैली का शुभारंभ गांधी पार्क, देहरादून से हुआ।

रैली का मार्ग

यह जागरूकता रैली गांधी पार्क से प्रारंभ होकर घंटाघर, दर्शनलाल चैक, दून चैक, बुद्धा चैक और परेड ग्राउंड से गुजरते हुए पुनः गांधी पार्क में समाप्त हुई। इस दौरान छात्रों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवियों और नागरिकों ने एचआईवी/एड्स से संबंधित जागरूकता फैलाने के लिए नारे, पोस्टर और बैनर द्वारा जनसंदेश दिया।

समाज को सही जानकारी देना आवश्यक

रैली के समापन पर अपर परियोजना निदेशक डॉ. अमित शुक्ला ने कहा कि उत्तराखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति का उद्देश्य एचआईवी/एड्स से संबंधित सभी सेवाएं प्रदेश के अंत तक पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि समिति द्वारा एआरटी सेंटर, आईसीटीसी, जागरूकता कार्यक्रम और निःशुल्क परीक्षण एवं उपचार जैसी सुविधाएं प्रदेशभर में संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ हजारों लोग регулярно ले रहे हैं।

डॉ. शुक्ला ने यह भी बताया कि एचआईवी/एड्स से जुड़े मिथकों को तोड़ना, लोगों को सही वैज्ञानिक जानकारी देना और संक्रमित व्यक्तियों के सामाजिक अलगाव को रोकना आवश्यक है। उन्होंने यह कहा कि "एचआईवी होने का अर्थ जीवन का अंत नहीं है," और यह बताया कि चिकित्सा विज्ञान इतना प्रगति कर चुका है कि संक्रमित व्यक्ति अपने उपचार के माध्यम से सामान्य जीवन जी सकते हैं।

युवाओं की भूमिका

डॉ. शुक्ला ने युवाओं की भूमिका पर जोर दिया और कहा कि कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और स्वयंसेवी संगठनों के माध्यम से सही जानकारी पहुंचाना बेहद जरूरी है क्योंकि यही युवा समाज में बदलाव लाने के सबसे बड़े वाहक होते हैं।

भागीदारों की उपस्थित

इस राज्य स्तरीय जागरूकता रैली में देहरादून जिले के विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी शिक्षण संस्थानों, भारत स्काउट एवं गाइड, नर्सिंग कॉलेज, एनएसएस इकाइयों, व्यावसायिक कॉलेजों और सामाजिक संगठनों के कई प्रतिनिधियों ने भाग लिया। आन्दोलन में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों ने भी उपस्थित दर्ज कराई।

इस प्रकार, इस रैली ने एचआईवी/एड्स के खिलाफ सामूहिक लड़ाई में समाज के हर वर्ग को जागरूक करने का महत्वपूर्ण कार्य किया है।

अधिक जानकारी के लिए, यहाँ क्लिक करें.

सादर, टीम इंडिया टुडे

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