गुप्तकाशी में वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित श्रीनिवास पोस्ती का निधन, तीर्थ पुरोहित समाज में शोक की लहर

गुप्तकाशी। बदरीनाथ-केदारनाथ धाम से जुड़े वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित एवं बीकेटीसी सदस्य श्रीनिवास पोस्ती (84) का निधन हो गया। उनके निधन से तीर्थ पुरोहित समाज, मंदिर समिति और क्षेत्रवासियों में शोक की लहर है। गुप्तकाशी के लंबगोंडी गांव निवासी श्री पोस्ती लगातार चार बार बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के सदस्य रहे। इसके साथ ही वे केदार …

Feb 16, 2026 - 00:27
 51  501826
गुप्तकाशी में वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित श्रीनिवास पोस्ती का निधन, तीर्थ पुरोहित समाज में शोक की लहर
गुप्तकाशी। बदरीनाथ-केदारनाथ धाम से जुड़े वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित एवं बीकेटीसी सदस्य श्रीनिवास पो

गुप्तकाशी में वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित श्रीनिवास पोस्ती का निधन

कम शब्दों में कहें तो, वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित श्रीनिवास पोस्ती (84) का निधन गुप्तकाशी में हुआ। उनकी मृत्यु से तीर्थ पुरोहित समाज और स्थानीय निवासियों में शोक की लहर व्याप्त है।

गुप्तकाशी, बदरीनाथ-केदारनाथ धाम से जुड़े वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित एवं बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के सदस्य श्रीनिवास पोस्ती का निधन, उनकी 84 वर्ष की आयु में हो गया है। उनके निधन से केवल तीर्थ पुरोहित समाज ही नहीं, बल्कि मंदिर समिति और क्षेत्रवासियों में भी गहरा दुख छा गया है।

श्रीनिवास पोस्ती का योगदान

श्री पोस्ती गुप्तकाशी के लंबगोंडी गांव के निवासी थे और उन्होंने लगातार चार बार बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के सदस्य के रूप में अपनी सेवाएँ दीं। वे विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों, जैसे केदार सभा, में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे। उनका योगदान धामों की परंपराओं, पूजा व्यवस्थाओं और तीर्थ पुरोहित समाज के हितों में हमेशा याद रखा जाएगा।

सौम्य स्वभाव और समर्पण

बीकेटीसी के अध्यक्ष ने उनकी मृत्यु पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि श्रीनिवास पोस्ती का सौम्य व्यवहार और सरल व्यक्तित्व सभी को भाता था। उनकी केदारनाथ और बदरीनाथ मंदिर की सेवा के प्रति निष्ठा को सदैव याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनका निधन मंदिर समिति और तीर्थ पुरोहित समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

श्रद्धांजलि का सफर

श्री पोस्ती की आत्मा की शांति के लिए मंदिर समिति के पदाधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय श्रद्धालुओं ने प्रार्थनाएँ कीं। क्षेत्रवासियों ने बताया कि श्री पोस्ती धार्मिक आयोजनों, परंपराओं और सामाजिक गतिविधियों में हमेशा अग्रणी भूमिका अदा करते थे। उनके योगदान को बिना किसी सीमा के स्वीकार किया जाएगा।

प्रार्थना और संवेदना

तीर्थ पुरोहित समाज ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवार को इस दुःख से निपटने की शक्ति प्रदान करें। उनके निधन के बाद उनके परिवार और अनुगामियों में शोक की लहर फैल गई है, और समाज ने उन्हें याद करने का प्रण लिया है।

टीम इंडिया टुडे द्वारा, सुशीला जोशी

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - India Twoday

अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएँ: India Twoday

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow