चंपावत विकास की नई दिशा: सीएम धामी ने मुनाफे की योजनाओं की आधारशिला रखी
देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चम्पावत के समग्र विकास के लिए ₹300 करोड़ से अधिक लागत की विभिन्न महत्वपूर्ण विकास योजनाओं का शिलान्यास और भूमि पूजन किया। सीएम धामी ने रखी ₹300+ करोड़ की योजनाओं की आधारशिला मुख्यमंत्री द्वारा शिलान्यासित प्रमुख कार्यों में जनपद चम्पावत के अंतर्गत शारदा घाट पुनर्विकास (प्रथम चरण) […] The post चंपावत : सीएम धामी ने रखी ₹300+ करोड़ की योजनाओं की आधारशिला first appeared on Vision 2020 News.
चंपावत विकास की नई दिशा: सीएम धामी ने मुनाफे की योजनाओं की आधारशिला रखी
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चम्पावत के विकास की नई राह दिखाते हुए ₹300 करोड़ से अधिक की लागत की योजनाओं का शिलान्यास और भूमि पूजन किया। ये योजनाएँ चंपावत के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं और इससे क्षेत्र की तस्वीर पूरी तरह बदलने की संभावना है।
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - India Twoday
चंपावत के विकास के लिए उठाए गए कदम
मुख्यमंत्री धामी द्वारा शिलान्यासित प्रमुख कार्यों में शामिल हैं:
- शारदा घाट पुनर्विकास (प्रथम चरण) - ₹10,735 लाख
- सिटी ड्रेनेज प्लान (प्रथम चरण) - ₹6,649 लाख
- नायर–खेरा क्षेत्र में इकोलॉजिकल कॉरिडोर विकास - ₹8,523 लाख
- टनकपुर स्थित ग्राम पंचायत बस्तिया में सीसी मार्ग पुनर्निर्माण - ₹115 लाख
- चम्पावत–खेतीखान मोटर मार्ग का सुधारीकरण - ₹320 लाख
- माँ पूर्णागिरि घाटी में हेलीपैड निर्माण - ₹187 लाख
- धूनाघाट–बसौट मोटर मार्ग नवनिर्माण - ₹83 लाख
इसके अलावा, चंपावत के अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में लोहाघाट में कामज्यूला–भनार–रैघाड़ी मोटर मार्ग का सुधार, टनकपुर के ग्राम बेलखेत में बाढ़ सुरक्षा कार्य और स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय एवं सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय में कार्य शामिल हैं।
शारदा रिवर फ्रंट का महत्व
सीएम धामी ने इस अवसर पर बताया कि शारदा रिवर फ्रंट (शारदा कॉरिडोर) परियोजना क्षेत्र के विकास का आधार बनेगी। यह न केवल पर्यटन बल्कि स्थानीय आस्था और आधुनिक सुविधाओं का संगम प्रदान करेगी। इससे स्थानीय युवा, किसान और विद्यार्थी भी सीधा लाभ उठा सकेंगे। इससे सीमांत क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
चम्पावत का सांस्कृतिक धरोहर
मुख्यमंत्री ने चम्पावत की सांस्कृतिक समृद्धि पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि "चम्पावत आस्था, संस्कृति और इतिहास से भरा हुआ क्षेत्र है। यहां की आध्यात्मिक चेतना जीवन को दिशा देने वाली शक्ति है। माँ शारदा ज्ञान और विद्या की प्रतीक हैं।" उन्होंने सभी नागरिकों से सांस्कृतिक संरक्षण और विकास में सहभागिता की अपील की।
आगे की योजनाएँ
सीएम धामी ने यह भी कहा कि आने वाले समय में चम्पावत आदर्श जिला बनेगा। विकास और सांस्कृतिक विरासत के संतुलन से ही उत्तराखण्ड की पहचान मजबूत होगी। उन्होंने जनभागीदारी को बढ़ावा देने के संकल्प को दोहराया।
कम शब्दों में कहें तो, चंपावत के विकास के लिए उठाए गए कदम न केवल स्थानीय क्षेत्र की आधारभूत संरचना को मजबूत करेंगे बल्कि वहाँ की अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा देंगे। इसके साथ ही पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजकर, एक आदर्श जनपद के रूप में चंपावत की पहचान स्थापित करने में मदद मिलेगी।
विवरण जानने के लिए, अधिक जानकारी के लिए India Twoday पर जाएं।
संपर्क: टीम इंडिया टुडे (अनु सिंह)
What's Your Reaction?