डॉ तनवी की संदिग्ध मौत: SGRR मेडिकल कॉलेज में उत्पीड़न का मामला

रैबार डेस्क:  देहरादून के श्री गुरु राम राय मेडिकल कॉलेज में अंबाला की डॉक्टर तन्वी... The post SGRR से पीजी कर रही डॉ तनवी की कार के अंदर मिली लाश, परिवार का का आरोप एचओडी ने किया उत्पीड़न appeared first on Uttarakhand Raibar.

Mar 26, 2026 - 18:27
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डॉ तनवी की संदिग्ध मौत: SGRR मेडिकल कॉलेज में उत्पीड़न का मामला
रैबार डेस्क:  देहरादून के श्री गुरु राम राय मेडिकल कॉलेज में अंबाला की डॉक्टर तन्वी... The post SGRR से पीजी

डॉ तनवी की संदिग्ध मौत: SGRR मेडिकल कॉलेज में उत्पीड़न का मामला

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कम शब्दों में कहें तो: देहरादून के श्री गुरु राम राय मेडिकल कॉलेज में पीजी की छात्रा डॉ तनवी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। उनके परिवार ने एचओडी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

देहरादून के श्री गुरु राम राय मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रही डॉ तनवी की संदिग्ध परिस्थितियों में कार के अंदर मृत अवस्था में मिलने से पूरे कॉलेज में हड़कंप मच गया है। परिवार के अनुसार, डॉ तनवी को विभागाध्यक्ष डॉ प्रियंका गुप्ता द्वारा मानसिक और शैक्षिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। इस मामले में छात्रा के पिता ललित मोहन ने कोतवाली पटेल नगर, देहरादून में शिकायत दर्ज कराई है।

मौत की रात क्या हुआ?

ललित मोहन ने पुलिस के सामने बताया कि 24 मार्च की रात 9:00 बजे उन्होंने अपनी बेटी से फोन पर बात की। इस दौरान डॉ तनवी ने उन्हें बताया कि डॉ प्रियंका ने उन्हें धमकाया है। इसके बाद, 24 से 25 मार्च की रात, ललित मोहन अपनी बेटी को देखने के लिए अंबाला से देहरादून के लिए रवाना हुए। सुबह 3:00 बजे जब वे पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि तनवी की गाड़ी इंद्रेश अस्पताल के पास खड़ी थी। कार के अंदर, डॉ तनवी ड्राइविंग सीट पर अचेत अवस्था में पड़ी थी। ललित मोहन ने शीशा तोड़कर गाड़ी खोली और पाया कि उसकी बाईं भुजा पर कैनुला और एक छोटी बोतल लगी हुई थी।

रिकॉर्डिंग से खुला सच

ललित मोहन का कहना है कि उनकी बेटी की मौत आत्महत्या के कारण हुई, जिसे उसे उत्पीड़न की वजह से मजबूर होना पड़ा है। उन्होंने पुलिस को एक वॉइस रिकॉर्डिंग भी सौंपी है, जिसमें डॉ प्रियंका, डॉ तनवी को असफल करने की धमकी दे रही हैं। यह रिकॉर्डिंग 27 मिनट लंबी है। रिकार्डिंग में डॉ तनवी साफ कहती हैं कि उनकी कभी भी क्लास मिस नहीं हुई, लेकिन एचओडी उन्हें बार-बार सबक सिखाने की धमकी दे रही हैं।

नई एचओडी का आगमन और उत्पीड़न का सिलसिला

जानकारी के अनुसार, जब से डॉ प्रियंका इस विभाग की एचओडी बनी हैं, तब से ही तनाव का माहौल उत्पन्न हुआ है। पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ तरन्नुम शकील को हटाकर डॉ प्रियंका को नियुक्त किया गया। आरोप है कि नई एचओडी ने तनवी को पुराने विभागाध्यक्ष से बात न करने की धमकी दी थी, और उनके काम को भी नजरअंदाज किया गया। इसके चलते डॉ तनवी को अंक में भी काफी गिरावट का सामना करना पड़ा।

ललित मोहन का आरोप और पुलिस कार्रवाई

ललित मोहन ने आरोप लगाया कि डॉ प्रियंका ने पैसे की मांग की थी और उपलब्धि न होने पर उनकी बेटी को फेल करने की लगातार धमकियाँ दीं। तहरीर में यह भी उल्लिखित है कि डॉ तनवी की पूर्व गाइड की ओर से अच्छे अंक दिए जाने के बावजूद वर्तमान एचओडी ने उन्‍हें जीरो नंबर देने का निर्णय लिया। यह मामला अब पुलिस सक्रियता की चपेट में आ चुका है, और मामले की जांच शुरू हो चुकी है।

इस दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम ने हीरे सरीखी प्रतिभाशाली युवा पीढ़ी के लिए एक चेतावनी बन गई है कि कैसे शिक्षण संस्थानों में प्रशासनिक दबाव और उत्पीड़न हानिकारक हो सकता है।

इस घटना ने कई सवाल उठाए हैं, और इसके समाधान की तलाश में सभी की नजरें अब पुलिस और कॉलेज प्रशासन की ओर हैं। उचित कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है, ताकि ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न हो।

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टीम इंडिया टुडे (दीप्ति शर्मा)

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