डोनाल्ड ट्रम्प का व्हाइट हाउस में संबोधन शुरू:कुछ देर में 'जैसे को तैसा टैरिफ' की घोषणा करेंगे; भारत सरकार ने कंट्रोल रूम बनाया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प आज गुरुवार को जैसे को तैसा टैरिफ (रेसिप्रोकल टैरिफ) लगाने की घोषणा करेंगे। कुछ ही देर में स्थानीय समय शाम 4 बजे (भारतीय समयानुसार रात 1:30 बजे) व्हाइट हाउस के रोज गार्डन में मेक अमेरिका वेल्दी अगेन इवेंट में रेसिप्रोकल टैरिफ का ऐलान होगा। इधर, भारत सरकार ने ट्रंप की रेसिप्रोकल टैरिफ की घोषणा पर नजर रखने के लिए कंट्रोल रूम बनाया है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधिकारी कंट्रोल रूम में मौजूद रहेंगे। ये सभी अमेरिकी टैरिफ के भारत के व्यापार पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का मूल्यांकन करेंगे। बीते दिन मंगलवार को व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा- घोषणा होने के तुरंत बाद ही टैरिफ लागू कर दिया जाएगा। वहीं, व्हाइट हाउस के सहयोगी पीटर नवारो ने दावा किया कि टैरिफ से राजस्व में अगले एक दशक में 6 ट्रिलियन डॉलर की बढ़ोतरी होगी। ट्रम्प ने 2 अप्रैल को मुक्ति दिवस यानी लिबरेशन डे का नाम दिया है। इसी दिन से वे भारत समेत कई अन्य देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने जा रहे हैं। दरअसल, टैरिफ एक तरह का बॉर्डर फीस या टैक्स होता है, जो कोई भी देश विदेशों से अपने यहां आने वाले सामान पर लगाता है। यह टैक्स आयात करने वाली कंपनी पर लगाया जाता है। इसे घटा-बढ़ाकर ही देश आपस में व्यापार को कंट्रोल करते हैं। ट्रम्प ने कहा था- 2 अप्रैल से भारत पर 100% टैरिफ लगाएंगे अमेरिकी संसद के जॉइंट सेशन में ट्रम्प ने कहा था- भारत हमसे 100% से ज्यादा टैरिफ वसूलता है, हम भी अगले महीने से ऐसा ही करने जा रहे हैं। उन्होंने ऐलान किया कि उनके प्रशासन के तहत, अगर कोई कंपनी अमेरिका में अपना प्रोडक्ट नहीं बनाएगी, तो उसे टैरिफ देना होगा। कुछ मामलों में, यह टैरिफ बहुत बड़ा होगा। उन्होंने कहा कि दूसरे देश अमेरिका पर भारी टैक्स और टैरिफ लगाते हैं, जबकि अमेरिका उन पर बहुत कम लगाता है। यह बहुत अन्यायपूर्ण है। दूसरे देश दशकों से हम पर टैरिफ लगाते आ रहे हैं, अब हमारी बारी है। ट्रम्प ने कहा कि 2 अप्रैल से अमेरिका में ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ लागू होगा। यानी वे हम पर जितना टैरिफ लगाएंगे, हम भी उन पर उतना ही लगाएंगे। वे हम पर जितना टैक्स लगाएंगे, हम भी उन पर उतना ही टैक्स लगाएंगे। ट्रम्प ने हंसते हुए कहा, 'मैं इसे 1 अप्रैल को लागू करना चाहता था, लेकिन फिर लोग इसे 'अप्रैल फूल' समझते।' ट्रम्प ने कहा था कि भारत हमसे बहुत ज्यादा टैरिफ वसूलता है टैरिफ के ऐलान के बाद 7 मार्च को ट्रम्प ने कहा था कि भारत हमसे बहुत ज्यादा टैरिफ वसूलता है। आप भारत में कुछ भी नहीं बेच सकते। हालांकि, भारत अब अपने टैरिफ में बहुत कटौती करना चाहता है, क्योंकि हम उनके किए की पोल खोल रहे हैं। उन्होंने कहा- हमारे देश को हर किसी ने लूटा है, लेकिन अब यह बंद हो गया है। मैंने अपने पहले कार्यकाल में इसे बंद करवाया था। अब हम इसे पूरी तरह से बंद करने जा रहे हैं, क्योंकि यह बहुत गलत है। अमेरिका को आर्थिक, वित्तीय और व्यापार की नजर से दुनिया के लगभग हर देश ने लूटा है। अमेरिकी राष्ट्रपति का बड़ा दावा, भारत टैरिफ घटाने को राजी इस बीच ट्रम्प ने दावा किया कि भारत ने अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ को काफी हद तक कम करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि कई देश अपने टैरिफ कम कर देंगे क्योंकि उन्हें पता है कि वे अमेरिका के साथ गलत रहे हैं। यूरोपीय संघ पहले ही अपने टैरिफ 2.5% तक घटा चुका है। मुझे हाल ही में पता चला कि भारत भी अपने टैरिफ को काफी हद तक घटाने जा रहा है। वहीं, चीन, जापान और साउथ कोरिया ट्रम्प के इस फैसले के खिलाफ एकजुट हो गए हैं। चीनी स्टेट मीडिया CCTC से जुड़े एक सोशल मीडिया अकाउंट की तरफ से किए गए पोस्ट में ये दावा किया गया है। चीन, जापान, साउथ कोरिया फ्री ट्रेड एग्रीमेंट कर सकते हैं चीन, जापान और साउथ कोरिया ने पांच साल बाद रविवार को आर्थिक चर्चा की। इस चर्चा के दौरान तय किया गया ट्रम्प की तरफ से अतिरिक्त टैरिफ की घोषणा के बीच तीनों एशियाई देश आपसी ट्रेड को बढ़ावा देंगे। इसके अलावा तीनों देशों के ट्रेड मिनिस्टर्स ने आपस में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की संभावना भी जताई है। भारत अमेरिका के ऐसे दावों को पहले खारिज कर चुका करीब तीन हफ्ते पहले भी ट्रम्प ने भारत को लेकर ऐसा ही दावा किया था। तब भारत सरकार ने इस दावे को खारिज कर दिया था। भारतीय कॉमर्स सेक्रेटरी सुनील बर्थवाल ने संसदीय पैनल को बताया था कि भारत ने अमेरिका के साथ टैरिफ में कटौती को लेकर कोई कमिटमेंट नहीं दिया है। विदेश मामलों की संसदीय समिति को जानकारी देते हुए सुनील बर्थवाल ने उस वक्त साफ किया था कि भारत और अमेरिका के बीच बातचीत अभी भी जारी है और किसी ट्रेड एग्रीमेंट को अभी तक अंतिम रूप नहीं दिया गया है। बर्थवाल ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के दावों और मीडिया रिपोर्टों पर भरोसा नहीं किया जा सकता। किसी भी व्यापार वार्ता में भारत के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। अमेरिकी टैरिफ से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें... आज का एक्सप्लेनर, ट्रम्प ने चीन-कनाडा पर तलवार चलाई, क्या अगला नंबर भारत का; टैरिफ ने दुनिया में कैसे मचाई खलबली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिका की तमाम दिक्कतों के लिए एक पसंदीदा सॉल्यूशन खोज लिया है- टैरिफ। 1 फरवरी को ट्रम्प ने मेक्सिको और कनाडा से आने वाले सामान पर 25% और चीन के सामान पर 10% टैरिफ लगाने का ऐलान किया। एक दिन बाद यानी रविवार 2 फरवरी को ट्रम्प ने कहा कि वह बहुत जल्द यूरोपियन यूनियन पर भी टैरिफ लागू करेंगे। ट्रम्प लगातार ब्रिक्स देशों पर भी 100% टैरिफ लगाने की धमकी देते रहे हैं। भारत इनमें से एक है। पूरी खबर पढ़ें...

डोनाल्ड ट्रम्प का व्हाइट हाउस में संबोधन शुरू
आज, डोनाल्ड ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में एक महत्वपूर्ण संबोधन शुरू किया है। इस संबोधन में, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय व्यापार और सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया। जैसे ही उन्होंने अपने संबोधन के माध्यम से महत्वपूर्ण मुद्दों का उल्लेख किया, ऐसा प्रतीत होता है कि वह कुछ देर में 'जैसे को तैसा टैरिफ' की घोषणा करेंगे। यह घोषणा निश्चित रूप से वैश्विक व्यापारिक संबंधों को प्रभावित करेगी।
भारत सरकार ने कंट्रोल रूम बनाया
इस बीच, भारत सरकार ने स्थिति का मूल्यांकन करने और टैरिफ के संभावित प्रभावों को समझने के लिए एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया है। यह कदम इस बात की पुष्टि करता है कि सरकार आर्थिक स्थिरता को बनाए रखने के लिए सक्रिय दृष्टिकोण अपना रही है। भारत के व्यापारिक संबंधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कंट्रोल रूम विभिन्न जानकारियों और आंकड़ों को एकत्रित करेगा।
टैरिफ की संभावित घोषणाएँ
ट्रंप द्वारा प्रस्तावित 'जैसे को तैसा टैरिफ' का अर्थ है कि अमेरिका अन्य देशों पर लगाए गए टैरिफ को उनकी कार्रवाइयों के आधार पर निर्धारित करेगा। इससे न केवल व्यापारिक घाटा कम करने में मदद मिलेगी, बल्कि यह उन देशों के लिए चेतावनी भी होगी जो अपने व्यापार में अनुचित साधनों का सहारा लेते हैं। इस प्रकार की नीतियाँ व्यापार संबंधों में न केवल तनाव ला सकती हैं, बल्कि संभावित रूप से नए नीतिगत पहल भी उत्पन्न कर सकती हैं।
उपसंहार
डोनाल्ड ट्रम्प का यह संबोधन और भारत सरकार का कंट्रोल रूम आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम हैं। यह अमेरिकी और भारतीय बाजारों में व्यापक सुधार लाने की क्षमता रखते हैं। आने वाले समय में, इन परिवर्तनों का वैश्विक व्यापार पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। इसके लिए हम सभी को सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
News by indiatwoday.com Keywords: डोनाल्ड ट्रम्प व्हाइट हाउस, जैसे को तैसा टैरिफ, भारत सरकार कंट्रोल रूम, वैश्विक व्यापार नीति, अमेरिका टैरिफ प्रणाली, व्यापार का प्रभाव, अंतरराष्ट्रीय व्यापार विवाद, भारत अमेरिका संबंध, ट्रंप आर्थिक नीतियाँ, टैरिफ की घोषणा
What's Your Reaction?






