देवभूमि का संस्कृति और ज्ञान का सम्मान, मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को किया गौरवान्वित

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देवभूमि की पहचान केवल पर्वत और मंदिरों से नहीं, बल्कि ज्ञान और आस्था की भाषा संस्कृत से भी है। उन्होंने यह विचार रविवार को मुख्यमंत्री…

Feb 23, 2026 - 00:27
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देवभूमि का संस्कृति और ज्ञान का सम्मान, मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को किया गौरवान्वित
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देवभूमि की पहचान केवल पर्वत और मंदिरों से न

देवभूमि का संस्कृति और ज्ञान का सम्मान, मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को किया गौरवान्वित

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संस्कृत में उत्कृष्टता प्राप्त छात्रों को सम्मानित किया। उन्होंने यह भी बताया कि देवभूमि की पहचान केवल पर्वतों और मंदिरों से नहीं, बल्कि ज्ञान और संस्कृत की समृद्ध विरासत से भी जुड़ी है।

मुख्यमंत्री का विचार

रविवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित संस्कृत छात्र प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम में, मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड, जिसे देवभूमि कहा जाता है, का अर्थ केवल भौगोलिक सुंदरता में नहीं है। उन्होंने इस बात को स्पष्ट किया कि "देवभूमि" का असली अर्थ उसकी ज्ञान की परंपरा, सांस्कृतिक विरासत, और प्राचीन साहित्य में निहित है।

संस्कृत का महत्व

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि संस्कृत भाषा केवल एक माध्यम नहीं, बल्कि हमारे संस्कृति का अभाजन है। यह वेदों, उपनिषेदों, रामायण, महाभारत, आयुर्वेद, खगोलशास्त्र, गणित और दर्शनशास्त्र तक की पूरी जानकारी को समेटे हुए है।

छात्रों के प्रोत्साहन के लिए कार्यक्रम

इस सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री धामी ने छात्र-छात्राओं की मेहनत और लगन को सराहा। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी कल के भविष्य हैं और वे हमारे सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

लोकप्रियता और आज के परिप्रेक्ष्य में संस्कृत

आज के डिजिटल युग में संस्कृत का अध्ययन और प्रयोग बहुत आवश्यक है। यह विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक स्तर पर नहीं, बल्कि उनके नैतिक और मानवीय मूल्यों को भी विकसित करने में मदद करता है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से इस दिशा में और अधिक प्रयास करने की अपील की।

निष्कर्ष

समारोह का आयोजन केवल छात्रों के समर्पण का सम्मान नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक समृद्धि को भी दर्शाता है। संस्कृत और उसकी प्राचीनता को आगे बढ़ाना हमारी जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री धामी के इस प्रयास से छात्र समुदाय को और अधिक प्रेरणा मिलेगी।

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सादर,
टीम इंडिया टुडे - Neesha Sharma

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