देहरादून: बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के कारण 8,000 करोड़ का कारोबार प्रभावित, जानें उनकी प्रमुख मांगें
देहरादून: पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग को लेकर आज उत्तराखंड भर में बैंक कर्मी हड़ताल पर रहे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर हुई इस हड़ताल से बैंकिंग सेवाएं ठप रहीं और राज्य में करीब 8 हजार करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। बैंक कर्मियों की हड़ताल से कारोबार प्रभावित दरअसल, इस […] The post देहरादून: बैंक कर्मियों की हड़ताल से उत्तराखंड में 8,000 करोड़ का कारोबार प्रभावित, यहाँ देखिए मांगें first appeared on Vision 2020 News.
देहरादून: बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से उत्तराखंड में 8,000 करोड़ का कारोबार प्रभावित
कम शब्दों में कहें तो: उत्तराखंड में बैंक कर्मचारियों की हालिया हड़ताल ने लगभग 8,000 करोड़ रुपये के कारोबार को प्रभावित किया है। यह हड़ताल 5-दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग को लेकर की गई थी। Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - India Twoday
देहरादून: बैंक कर्मचारियों की एक बड़ी हड़ताल ने आज उत्तराखंड में वित्तीय कार्यों पर गंभीर असर डाला है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस द्वारा आहूत इस हड़ताल के चलते न केवल बैंकिंग सेवाएं ठप रहीं, बल्कि इससे राज्य में लगभग 8,000 करोड़ रुपये का कारोबार भी प्रभावित हुआ।
बैंक कर्मियों की हड़ताल और इसका प्रभाव
बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की नौ प्रमुख यूनियनों ने इस हड़ताल में हिस्सा लिया, जिससे राज्य के अधिकांश सरकारी और निजी बैंकों में लेनदेन में बाधा आई। नकद निकासी, जमा, चेक क्लियरेंस और अन्य बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हुई, जिसके कारण आम जनता और व्यापारियों को विशेष रूप से कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन का मुद्दा
देहरादून में, बैंक कर्मियों ने राजपुर रोड पर स्थित सेंट्रल बैंक के सामने प्रदर्शन किया और रैली निकालकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के अधिकारियों ने बताया कि लंबे समय से सप्ताह में पांच कार्य दिवस लागू करने की मांग की जा रही है। हालांकि, सरकार और भारतीय बैंक संघ की ओर से अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
मांगों का इतिहास
यूनियन नेताओं के अनुसार, 2015 में हुए दसवें द्विपक्षीय समझौते के अनुसार, दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश का प्रावधान किया गया था। हालांकि, शेष शनिवारों को कार्यदिवस रखा गया। उस समय अवकाश देने की मांग पर विचार का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद, 2022 और 2023 में भी इस मुद्दे पर सहमति बनी और कार्य समय बढ़ाकर सभी शनिवारों को अवकाश रखने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया, लेकिन यह प्रस्ताव अब तक लंबित है।
कामकाजी माहौल पर प्रभाव
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन देहरादून के संयोजक इंदर सिंह रावत ने कहा कि जब आरबीआई, एलआईसी, जीआईसी, स्टॉक एक्सचेंज और अधिकांश सरकारी कार्यालयों में सोमवार से शुक्रवार तक ही कार्य होता है, तो बैंक कर्मचारियों के साथ अलग बर्ताव क्यों किया जा रहा है? उन्होंने कहा कि लगातार अनदेखी के कारण कर्मचारियों में गहरा रोष है, जिससे मजबूरन हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।
इस हड़ताल से स्पष्ट होता है कि कैसे बैंक कर्मचारी अपनी समस्याओं के प्रति सरकार का ध्यान खींचने के लिए सख्त कदम उठाने को मजबूर हैं। वित्तीय प्रणाली में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और इनके बिना सामान्य जीवन पर असर पड़ना स्वाभाविक है। Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - India Twoday
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