देहरादून में बीजेपी महिला मोर्चा की आक्रोश रैली, सीएम धामी का समर्थन
देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को परेड ग्राउण्ड, देहरादून में महिला जन आक्रोश रैली में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री, हजारों की संख्या में मौजूद महिलाओं के साथ परेड ग्राउंड से घंटाघर तक जन आक्रोश पदयात्रा में भी शामिल हुए। देहरादून में बीजेपी महिला मोर्चा ने निकाली आक्रोश रैली देहरादून में बीजेपी […] The post देहरादून में बीजेपी महिला मोर्चा ने निकाली आक्रोश रैली, सीएम धामी भी हुए शामिल first appeared on Vision 2020 News.
कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में बीजेपी महिला मोर्चा ने एक सफल आक्रोश रैली का आयोजन किया जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भाग लिया। उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण और उनके अधिकारों पर जोर दिया।
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देहरादून में बीजेपी महिला मोर्चा की आक्रोश रैली, सीएम धामी का समर्थन
देहरादून: शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित महिला जन आक्रोश रैली में भाग लिया। इस रैली में हजारों की संख्या में महिलाएं शामिल रहीं, जिन्होंने परेड ग्राउंड से घंटाघर तक पदयात्रा की। इस रैली का उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
महिला मोर्चा की आक्रोश रैली का महत्व
इस रैली का आयोजन बीजेपी महिला मोर्चा द्वारा किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मातृशक्ति को उनके अधिकार दिलाने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाया गया था। उन्होंने बताया कि कैसे विपक्ष ने इस महत्वपूर्ण बिल को पारित करने में阻碍 डाला। धामी ने यह भी कहा कि महिलाएं अब अपने अधिकारों के प्रति सजग हुआ हैं और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने को तैयार हैं।
प्रधानमंत्री के प्रयासों की सराहना
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की आधी आबादी को उसका हक दिलाने के प्रयास किए हैं। उन्होंने विभिन्न योजनाओं जैसे 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ', उज्ज्वला योजना, और जन धन योजना का उदाहरण देते हुए महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए किए गए प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि किसी भी देश का विकास महिलाओं के सशक्तिकरण से ही संभव है।
महिलाओं की सफलताएं और सामर्थ्य
मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि अब महिलाएं हर क्षेत्र में आगे आ रही हैं। उन्होंने आदिवासी समाज की एक बेटी का उदाहरण दिया जिसने देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने में सफलता प्राप्त की। इसके अलावा, राज्य सरकार ने महिलाओं के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएँ शुरू की हैं, जिनमें सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण शामिल है।
स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता
महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए राज्य में समान नागरिक संहिता लागू की गई है। ग्रामीण आजीविका मिशन, सशक्त बहना उत्सव योजना, और मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना जैसी योजनाएं महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने में मदद कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में अब तक 2,65,000 से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं, जो उनके आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री धामी की इस आक्रोश रैली में भागीदारी इस सोच का परिचायक है कि महिलाओं का सशक्तिकरण न केवल सामाजिक बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि भारतीय राजनीति में महिलाओं की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होती जा रही है।
महिलाओं के अधिकारों के साथ-साथ उनकी सुरक्षा और सशक्तिकरण पर जोर देने वाली इस रैली ने प्रदेश की महिलाओं में एक नई ऊर्जा का संचार किया है। सभी उपस्थित النساء ने एकजुट होकर यह संकल्प लिया कि वे आगे बढ़ेंगी और अपने अधिकारों के लिए लड़ेंगी।
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सादर,
टीम इंडिया टुडे
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