राजौरी में आतंक विरोधी अभियान में उत्तराखंड के लेफ्टिनेंट बीरेश्वर शहीद, देश ने खोया एक वीर सपूत

रैबार डेस्क: जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में आतंक विरोधी ऑपरेशन में 5 आसाम राइफल्स के... The post आतंक विरोधी ऑपरेशन में उत्तराखंड का लाल शहीद,राजौरी में लेफ्टिनेंट बीरेश्वर ने दिया बलिदान appeared first on Uttarakhand Raibar.

Jun 7, 2026 - 18:27
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राजौरी में आतंक विरोधी अभियान में उत्तराखंड के लेफ्टिनेंट बीरेश्वर शहीद, देश ने खोया एक वीर सपूत
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राजौरी में आतंक विरोधी अभियान में उत्तराखंड के लेफ्टिनेंट बीरेश्वर शहीद, देश ने खोया एक वीर सपूत

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कम शब्दों में कहें तो, जम्मू-कश्मीर के राजौरी में चल रहे आतंक विरोधी ऑपरेशन के दौरान 24 वर्षीय लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी ने शहादत दी है। उनके बलिदान की दुखद सूचना ने पूरे उत्तराखंड में शोक की लहर बिखेर दी है।

रैबार डेस्क से मिली जानकारी के अनुसार, 5 आसाम राइफल्स के इस युवा सैन्य अधिकारी का जन्म अल्मोड़ा में हुआ था। उनके पार्थिव शरीर को उनके पैतृक निवास पहुंचा दिया गया है, जहां उनका अंतिम संस्कार होगा। बीरेश्वर गोस्वामी ने अपनी ड्यूटी के प्रति जो निष्ठा दिखाई, वह हम सभी के लिए प्रेरणा की स्रोत बनेगी।

शहीद के साहसिक अभियान की कहानी

राजौरी के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र में चल रहे आतंक विरोधी अभियान के दौरान, लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी अपने दल का नेतृत्व कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने एक खुशनसीब क्षण में साहस दिखाते हुए तलाशी दल का संचालन किया। दुर्भाग्यवश, अभियान के दौरान उनका पैर फिसल गया जिससे वह एक गहरी खाई में गिर गए। इस घटना के बाद, उनके साथियों ने तुरंत बचाव के प्रयास किए, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उनका जीवन नहीं बचाया जा सका।

कोई भी हिम्मत नहीं हारा

रविवार को सायंकाल 3 बजे जब बलिदानी का पार्थिव शरीर आर्मी हेलीपैड पर पहुंचा, तो वहां सैनिकों ने उन्हें मान और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। इस दौरान वहाँ उपस्थित सभी लोगों ने अपने क्षेत्र के इस वीर जवान को नमन किया और उनके साहस को सराहा। इसके अलावा उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि भी उल्लेखनीय है; लेफ्टिनेंट गोस्वामी के पिता प्रमोद नाथ गोस्वामी भनोली तहसील में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी हैं, जबकि माता सरस्वती देवी शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं।

समाज का दुख और गौरव का क्षण

बीरेश्वर गोस्वामी की शहादत ने उत्तराखंड के लोगों को एक ओर दुख और गौरव का अनुभव कराया है। शहीद की स्मृति में लोग उनके साहस को याद कर रहे हैं। उनके बलिदान का सम्मान करते हुए उत्तराखंड के विभिन्न सामाजिक संगठनों ने शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उनके परिवार ने भी उनके अनन्त साहस और निष्ठा को अपने लिए प्रेरणा के रूप में लिया है। यह सच है कि हमारे जवान हर दिन अपने प्राणों की बाजी लगाकर देश की सुरक्षा कर रहे हैं, और हमें उन्हें हमेशा याद रखना चाहिए।

देश के लिए अपनी जान ने देने वाले हर जवान को सच्ची श्रद्धांजलि, क्योंकि वे ही हैं जो हमारी सुरक्षा को सुनिश्चित करते हैं।

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सादर,
टीम इंडिया टुडे - सिमा शर्मा

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