नेपाल में बाढ़ ने मचाई तबाही, 475 लोगों की जान गई; सुरंग में फंसे लोगों के लिए तेज रेस्क्यू, 121 विदेशी पर्यटक सुरक्षित

काठमांडू। नेपाल में तिब्बत सीमा से लगे इलाकों में आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। भोटेकोशी और अन्य नदियों में अचानक आए उफान से कई बस्तियां, सड़कें और निर्माणाधीन परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। हादसे में अब तक 475 लोगों की मौत की सूचना है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अभी भी …

Aug 29, 2026 - 00:27
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नेपाल में बाढ़ ने मचाई तबाही, 475 लोगों की जान गई; सुरंग में फंसे लोगों के लिए तेज रेस्क्यू, 121 विदेशी पर्यटक सुरक्षित
काठमांडू। नेपाल में तिब्बत सीमा से लगे इलाकों में आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। भ

नेपाल में बाढ़ ने मचाई जबर्दस्त तबाही, 475 लोगों की मौत

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कम शब्दों में कहें तो नेपाल के तिब्बत सीमा से लगे क्षेत्रों में आई भीषण बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है, जिसमें अब तक 475 लोगों की जान गई है। 121 विदेशी पर्यटक, जिनमें 85 भारतीय नागरिक शामिल हैं, सुरक्षित निकाले गए हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए बचाव तथा राहत कार्य जारी है। अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें।

भोटेकोशी नदी ने किया बर्बाद

नेपाल का भोटेकोशी नदी और अन्य जल स्रोत अचानक उफान पर आ गए, जिससे कई बस्तियों, सड़कें और निर्माणाधीन परियोजनाएं ध्वस्त हो गईं। यह बाढ़ नेपाल के उपरी इलाकों में आई है और इसमें अभी भी कई लोग लापता हैं। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है, लेकिन चुनौतीपूर्ण हालात के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है।

सुरंग में फंसे लोगों के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन

रसुवा हाइड्रोपावर परियोजना की सुरंग में फंसे लोगों को निकालने के लिए नेपाली सेना ने रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया है। जोखिम भरे हालात के चलते सेना की टीमें सुरंग तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। इस बीच, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 121 विदेशी पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है।

भारतीय पर्यटकों की सुरक्षा पर चिंता

नेपाल की इस त्रासदी में कई भारतीय नागरिकों के लापता होने की खबरें आई हैं। महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के लोग प्रभावित क्षेत्रों में फंसे या लापता बताए जा रहे हैं। भारतीय अधिकारियों ने संबंधित राज्य सरकारों के साथ मिलकर प्रभावित लोगों की जानकारी जुटाने के प्रयास तेज कर दिए हैं। सिक्किम सरकार ने भी एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया है।

महाराष्ट्र के तीर्थयात्री सुरक्षित

कैलाश मानसरोवर यात्रा के बाद तिब्बत में फंसे महाराष्ट्र के 37 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकाला गया है। उन्हें काठमांडू वापस लाया जा रहा है, जहां उनकी वापसी की उड़ान 29 अगस्त को प्रस्तावित है।

सामाजिक चुनौतियाँ और शवों की पहचान

बाढ़ में बहने वाले लोगों के शव कई किलोमीटर दूर बहकर पहुंच रहे हैं। प्रशासन को उन शवों की पहचान और सुरक्षित रखने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। चितवन, तनहुं और नवलपरासी जैसे जिलों में शव मिलने की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे मुर्दाघरों में जगह कम पड़ रही है।

भविष्य में नए बाढ़ का खतरा

नेपाल में झील के टूटने की सूचना भी आई है, जिससे निचले इलाकों में फिर से बाढ़ आने की संभावना जताई जा रही है। नेपाली सेना ने इस मुद्दे को लेकर स्थानीय प्रशासन को चेतावनी दी है और सुरक्षित स्थानों पर लोगों को पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

भारत की निगरानी बढ़ी

भारत ने भी नेपाल के बाढ़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए अपनी सीमा पर निगरानी बढ़ा दी है। उत्तर प्रदेश और बिहार में नदियों के जल स्तर पर कड़ी नजर रखी जा रही है। भारतीय वायुसेना का भी विमान राहत कार्य में शामिल किया गया है।

चुनौतियों का सामना

नेपाल के अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ प्रशासन के सामने कई चुनौतियां पेश कर रही हैं। खराब मौसम, दुर्गम भौगोलिक स्थिति और बदलते जल स्तर के कारण बचाव कार्य कठिन हो रहा है। सेना, पुलिस और हेलीकॉप्टरों के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाई जा रही है, जिसमें कई सामाजिक संगठनों की भी मदद ली जा रही है।

यह बाढ़ नेपाल के लिए एक शोकदायक घटना है, और इस संकट में हर किसी के सहयोग की आवश्यकता है। हम सभी को उम्मीद है कि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द सहायता मिलेगी और इस त्रासदी का सामना करना आसान होगा।

Team India Twoday, राधिका शर्मा

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