खेल विश्वविद्यालय की ओर बड़ा कदम: 94 नए पदों का सृजन, खेल मंत्री ने बढ़ाई उम्मीदें
देहरादून : हल्द्वानी के गौलापार में स्थापित किए जा रहे खेल विश्वविद्यालय के संचालन का रास्ता साफ हो गया है। राज्यपाल की स्वीकृति के बाद शासन ने विश्वविद्यालय के लिए 94 शैक्षणिक, शिक्षणेत्तर, कोचिंग और प्रशासनिक पदों के सृजन का शासनादेश जारी कर दिया है। खेल मंत्री रेखा आर्या ने इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह […] The post खेल विश्वविद्यालय के लिए 94 पदों का सृजन, खेल मंत्री ने कहा- संचालन का रास्ता साफ first appeared on Vision 2020 News.
खेल विश्वविद्यालय की ओर बड़ा कदम: 94 नए पदों का सृजन, खेल मंत्री ने बढ़ाई उम्मीदें
देहरादून: हल्द्वानी के गौलापार में स्थापित किए जा रहे खेल विश्वविद्यालय के संचालन का रास्ता अब पूरी तरह से साफ हो गया है। राज्यपाल की स्वीकृति के बाद, उत्तराखंड शासन ने विश्वविद्यालय के लिए 94 शैक्षणिक, शिक्ष non-शिक्षण, कोचिंग और प्रशासनिक पदों के सृजन का शासनादेश जारी कर दिया है। खेल मंत्री रेखा आर्या ने इस महत्वपूर्ण विकास के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया है।
शासनादेश के तहत, खेलकूद अनुभाग ने स्पोर्ट्स कोचिंग विंग में 39 नए पद सृजित किए हैं। इसमें प्रमुख कोच, सहायक कोच और प्रशिक्षकों के 13-13 पद शामिल हैं। इसके अलावा, अकादमिक एवं संकाय के तहत खेल प्रबंधन और खेल विज्ञान संकाय के प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए कुल 14 पद स्वीकृत किए गए हैं।
खिलाड़ियों की फिटनेस और पुनर्प्राप्ति की प्रक्रिया को सुचारू रखने के लिए विश्वविद्यालय में खेल चिकित्सक, फिजियोथेरेपिस्ट, खेल मनोवैज्ञानिक, नर्स और वार्ड सहायक समेत 12 पदों को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही, प्रशासनिक और वित्तीय संचालन के लिए कुलपति, कुलसचिव, उप कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक, वित्त अधिकारी जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण पदों को भी स्वीकृति दी गई है। इस учреждение में गैर-शिक्षण और सपोर्ट स्टाफ के पद भी सृजित किए गए हैं, जो कि विश्वविद्यालय की कार्यक्षमता को और बढ़ाएंगे।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि सावन में 2036 ओलंपिक की मेजबानी के संकल्प के साथ निकाली गई ओलंपिक कांवड़ यात्रा के दौरान उन्होंने जो संकल्प लिया था, वह अब वास्तविकता में बदलता दिख रहा है। उन्होंने कहा, "भगवान भोलेनाथ के आशीर्वाद से विश्वविद्यालय का संचालन अब बाधारहित हो गया है।" विश्वविद्यालय के सफल संचालन से प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और समर्थन प्राप्त होगा, जिससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने करियर को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय में मैदानों के रखरखाव और अन्य सेवाओं के लिए आउटसोर्सिंग के माध्यम से 20 मैदान कर्मियों, 10 एमईपी स्टाफ, 15 बहुकार्यकारी कर्मचारियों और 2 पोषण विशेषज्ञों की सेवाएं भी ली जाएंगी। यह पहल न केवल खिलाड़ियों की भलाई में सहायक होगी, बल्कि विश्वविद्यालय की समग्र कार्यशीलता को भी मजबूत करेगी।
कम शब्दों में कहें तो, खेल विश्वविद्यालय के लिए 94 पदों का निर्माण प्रदेश के खेल विकास में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। खेल मंत्री रेखा आर्या की इस पहल से खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
इस महत्वपूर्ण खबर को और विस्तार से जानने के लिए [यहां क्लिक करें](https://indiatwoday.com)।
यह कदम खेल विश्वविद्यालय के विकास के लिए एक टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है और इसे आगे बढ़ाने के लिए सभी संबंधित पक्षों का सक्रिय सहयोग अवश्य चाहिए।
टीम इंडिया टुडेस्वामिनी
What's Your Reaction?