सीएम धामी की बैठक: जन शिकायतों के समाधान की दिशा में ठोस कदम!
देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जन शिकायतों का त्वरित, समयबद्ध एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन आमजन की समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण माध्यम है। शिकायतों का निस्तारण केवल पोर्टल पर औपचारिक […] The post शिकायत बंद नहीं, समाधान चाहिए! CM धामी ने अफसरों को दिए सख्त निर्देश first appeared on Vision 2020 News.
सीएम धामी की बैठक: जन शिकायतों के समाधान की दिशा में ठोस कदम!
कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को जन शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। अब शिकायतें केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि समस्याओं का समाधान भी आवश्यक है। Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - India Twoday
देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन शिकायतों का त्वरित, समयबद्ध एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री धामी का मानना है कि सीएम हेल्पलाइन आम लोगों की समस्याओं के समाधान का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, और इसे मात्र पोर्टल पर औपचारिक रूप से बंद करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का वास्तविक समाधान हो।
जनपद स्तर पर समीक्षा
मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में विशेष रूप से जिन प्रकार की शिकायतें अधिक मात्रा में आ रही हैं, उनकी विभागवार समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बार-बार एक ही प्रकार की शिकायतों के पीछे के कारणों का भी विश्लेषण किया जाना चाहिए ताकि समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कार्यवाही हो सके।
तहसील निरीक्षण का आदेश
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को तहसीलों का औचक निरीक्षण करने के लिए भी कहा। इस निरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष ध्यान दिया जाएगा कि दाखिल-खारिज से संबंधित प्रकरणों का निस्तारण निर्धारित समयसीमा के भीतर हो रहा है। उन्होंने भूमि धोखाधड़ी से संबंधित समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी और निर्देश दिया गया कि नागरिकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगवाने दें।
स्वच्छ पेयजल सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने साफ पेयजल की उपलब्धता को भी शीर्ष प्राथमिकता देने की बात की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पेयजल संबंधी शिकायतों पर तात्कालिक कार्रवाई की जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर पाइपलाइन और सीवर लाइनों का ऑडिट कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया ताकि पानी की आपूर्ति में किसी प्रकार की रुकावट, लीकेज या अन्य समस्याओं का समय पर समाधान किया जा सके।
लंबित शिकायतों पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री धामी ने 30 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों के निस्तारण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने सचिवों, विभागाध्यक्षों और जिलाधिकारियों को नियमित रूप से लंबित शिकायतों की समीक्षा करने का निर्देश दिया। जिन शिकायतों का समय पर निस्तारण नहीं किया जा रहा है, उनमें संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
बंद शिकायतों में संतुष्टि का महत्व
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी चेतावनी दी कि शिकायतों को अनावश्यक रूप से ‘स्पेशल क्लोज’ या ‘फोर्स क्लोज’ न किया जाए। शिकायतों के निस्तारण में शिकायतकर्ता की संतुष्टि को विशेष महत्व दिया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत को बंद करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित स्तर पर समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई है।
मुख्यमंत्री धामी की यह बैठक इस बात का संकेत है कि सरकार जन शिकायतों के प्रति कितनी गंभीर है और जनता की समस्याओं का समाधान कैसे प्राथमिकता के आधार पर किया जा सकता है। वे चाहते हैं कि हर शिकायत का निस्तारण न केवल औपचारिकता बनकर रह जाए, बल्कि वास्तव में समस्याओं के समाधान के तौर पर देखा जाए।
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इस प्रकार, मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए सख्त निर्देशों का उद्देश्य शिकायतों का सार्थक निस्तारण करना है। बैठक में चर्चा की गई लंबित शिकायतों की संख्या यह दर्शाती है कि इस दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। यह निश्चित रूप से प्रदेश के विकास और जनहित के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
सादर,
टीम इंडिया टुडे
शिवानी सचान
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