पीपलकोटी सुरंग हादसा: लापता श्रमिकों के शव मिले, मृतकों की संख्या 10 हुई
चमोली। पीपलकोटी में 13 अगस्त को हुए सुरंग हादसे के बाद जारी रेस्क्यू और सर्च ऑपरेशन में लापता चल रहे दो श्रमिकों के शव बरामद कर लिए गए हैं। शव मिलने के साथ ही सुरंग में चलाया जा रहा तलाशी अभियान पूरा हो गया है। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि हादसे में अब तक …
पीपलकोटी सुरंग हादसा: लापता श्रमिकों के शव मिले, मृतकों की संख्या 10 हुई
चमोली। 13 अगस्त को पीपलकोटी में हुई सुरंग दुर्घटना के बाद से जारी रेस्क्यू और सर्च ऑपरेशन में लापता दो श्रमिकों के शव को बरामद कर लिया गया है। शवों के मिलने के साथ ही सुरंग के भीतर चलाया जा रहा तलाशी अभियान समाप्त हो गया है। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि इस हादसे में अब तक कुल 10 श्रमिकों की जान जा चुकी है और 12 घायल श्रमिकों का उपचार अस्पताल में चल रहा है। प्रशासन और राहत-बचाव टीमों ने दिन-रात एक करके सुरंग में फंसे श्रमिकों की खोज जारी रखी।
हादसे के कारण और राहत कार्य
हादसे का मुख्य कारण सुरंग की अत्यधिक बाढ़ और मलबे की चपेट में आना बताया जा रहा है। पीपलकोटी के लिए एक जटिल स्थिति उत्पन्न हुई थी, जहां से जैसे ही बारिश का पानी और मलबा पहुंचा, सुरंग में काम कर रहे श्रमिक फंस गए। प्रशासन की ओर से त्वरित प्रतिक्रिया करते हुए, स्थानीय अधिकारियों ने कुशलता से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। राहत टीमें जैसे एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और सीमा सड़क संगठन ने मिलकर बचाव कार्य में अपने प्रयास जारी रखे।
जूनियर इंजीनियर और श्रमिकों की दुर्दशा
इस हादसे में जान गवाने वाले श्रमिकों का परिवार अब इस त्रासदी के बाद दुख भोग रहा है। प्रशासन की तरफ से मृतक श्रमिकों के परिवारों को मुआवजा देने की योजना बनाई जा रही है। लेकिन सवाल ये उठता है कि क्या सरकारी एजेंसियों को प्राकृतिक आपदाओं से पहले तैयारी नहीं करनी चाहिए? क्या ठेकेदारों की ओर से सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किया गया?
हवालदार पंकज की तलाश जारी
इस बीच, ज्योतिर्मठ तहसील के ग्राम लोंग सेगड़ी के समीप अतिवृष्टि के कारण तेज बहाव और मलबे की चपेट में आए हवलदार पंकज की तलाश अभी भी जारी है। उनकी खोज के लिए पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सीमा सड़क संगठन और गढ़वाल राइफल्स की टीमें संयुक्त रूप से काम कर रही हैं। लगातार बारिश और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों ने राहत कार्य को और कठिन बना दिया है। प्रशासन की ओर से अभियान की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।
कम शब्दों में कहें तो, पीपलकोटी सुरंग हादसे ने न केवल श्रमिकों के परिवारों को प्रभावित किया है, बल्कि इसने पूरे राज्य और देश में सुरक्षा मानकों पर भी सवाल उठाए हैं। इसके चलते जरूरत है कि हम अपने सामूहिक प्रयासों को बेहतर बनाएं और आगे की राह में सुरक्षा को प्राथमिकता दें। Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - India Twoday
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Team India Twoday - Neha Sharma
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