बंगाल, असम और अन्य 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा, सभी शेड्यूल यहाँ देखें
नई दिल्ली : भारत निर्वाचन आयोग ने आज असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में आगामी विधानसभा चुनावों का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार, निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने विज्ञान भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी साझा की। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार: असम: मतदान …
बंगाल, असम और अन्य 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा
कम शब्दों में कहें तो, भारत निर्वाचन आयोग ने असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में आगामी विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा कर दी है। इससे पहले मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार, निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने विज्ञान भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया, जिसमें यह महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई।
इन चुनावों का कार्यक्रम इस प्रकार है:
- असम: मतदान – 9 अप्रैल 2026; मतगणना – 4 मई 2026
- केरल: मतदान – 9 अप्रैल 2026; मतगणना – 4 मई 2026
- पुडुचेरी: मतदान – 9 अप्रैल 2026; मतगणना – 4 मई 2026
- तमिलनाडु: मतदान – 23 अप्रैल 2026; मतगणना – 4 मई 2026
- पश्चिम बंगाल: मतदान – पहला चरण 23 अप्रैल 2026, दूसरा चरण 29 अप्रैल 2026; मतगणना – 4 मई 2026
चुनाव के लिए सुरक्षा इंतजाम
निर्वाचन आयोग ने इस बात की जानकारी दी है कि सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदान के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में एक ही चरण में मतदान होगा, जबकि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान कराया जाएगा।
विधानसभाओं के कार्यकाल की समाप्ति
ये चुनाव उन राज्यों की विधानसभाओं के कार्यकाल समाप्त होने के उपरांत हो रहे हैं। विशेष रूप से, पश्चिम बंगाल का कार्यकाल 7 मई, तमिलनाडु का 10 मई, असम का 20 मई, केरल का 23 मई और पुडुचेरी का कार्यकाल 15 जून 2026 को पूरा होगा।
चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ, सभी क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। राजनीतिक दल अब नामांकन, प्रचार और अन्य चुनावी तैयारियों में जुट जाएंगे। निर्वाचन आयोग ने सभी राजनीतिक पक्षों से यह अपील की है कि वे शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करें।
इसके साथ ही, यह भी ध्यान देने योग्य है कि ये चुनाव न केवल राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि राज्यों के प्रत्येक नागरिक की सोच और भविष्य को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर भी केंद्रित हैं। मतदान की प्रक्रिया को स्वतंत्रता और निष्पक्षता से संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने विशेष ध्यान देने का वादा किया है।
राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और मतदाताओं के लिए यह चुनाव एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिसमें वे अपने विचारों और प्राथमिकताओं को प्रभावी तरीके से व्यक्त कर सकते हैं। मतदान का यह महापर्व लोकतंत्र की सच्ची परीक्षा है और हर एक वोट की अहमियत सरकार के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
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टीम इंडिया टुडेज द्वारा, राधिका मेहता。
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