मिर्जापुर के विन्ध्य महोत्सव में लोक कला का जलवा:कलाकारों ने भजन और देवी गीतों से मोहा मन, 12 ग्राम प्रधानों को मिले वाद्य यंत्र
मिर्जापुर के विन्ध्याचल धाम में चल रहे चैत्र नवरात्रि मेले के दौरान विन्ध्य महोत्सव का आयोजन रोडवेज परिसर में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मड़िहान के विधायक रमाशंकर सिंह पटेल ने दीप प्रज्वलित कर किया। ध्रुव फाउंडेशन के प्रेम प्रकाश दूबे ने भजनों की प्रस्तुति दी। विन्ध्याचलवासी पंडित रविशंकर शास्त्री ने देवी गीत और राम भजन प्रस्तुत किए। संस्कृति विभाग के कलाकार अंजनी तिवारी और भदोही के विष्णु यादव ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। मीरजापुर के सुरेश मौर्या, गार्विका गीत, जावित्री, राम प्रसाद, शोभा विश्वकर्मा, प्रभात सोनकर, महेन्द्र कुमार और राजाराम यादव ने बिरहा और देवी गीत प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। देखें 5 तस्वीरें... विधायक और जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने सभी कलाकारों को देवी चित्र, चुनरी और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। विधायक ने बताया कि प्रदेश सरकार स्थानीय लोक विधाओं को बढ़ावा देने के लिए ऐसे महोत्सवों का आयोजन करती है। कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत जिले के हर ब्लॉक से चुने गए 12 ग्राम प्रधानों को वाद्य यंत्र वितरित किए गए। इनमें हारमोनियम, ढोलक, मजीरा, झांझ और घुंघरू शामिल थे। जिलाधिकारी ने संस्कृति विभाग की इस पहल की सराहना की।

मिर्जापुर के विन्ध्य महोत्सव में लोक कला का जलवा
News by indiatwoday.com
विन्ध्य महोत्सव का परिचय
मिर्जापुर में हर साल आयोजित होने वाला विन्ध्य महोत्सव इस बार शानदार रंगों और लोक कला के साथ मनाया गया। यह महोत्सव न केवल स्थानीय कला और संस्कृति का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, बल्कि यह क्षेत्र के पर्यटकों के लिए भी एक आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस बार के महोत्सव में भक्ति गीतों और देवी गीतों के सुरों ने सभी का ध्यान खींचा।
लोक कलाकारों का प्रदर्शन
विन्ध्य महोत्सव में भाग लेने वाले कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए दर्शकों का दिल जीत लिया। उन्होंने भजन और देवी गीतों की प्रस्तुतियों के माध्यम से भक्तिमय वातावरण का निर्माण किया। इस महोत्सव में स्थानीय कला को बढ़ावा देने के लिए कई मंच स्थापित किए गए थे, जहां पर प्रतिभाशाली कलाकारों ने अपनी कला की छाप छोड़ी।
ग्रामीण विकास के लिए विशेष पहल
महोत्सव के दौरान, 12 ग्राम प्रधानों को वाद्य यंत्र दिए गए। यह पहल ग्रामीण विकास और कला के संवर्धन का प्रतीक है। इस प्रकार के आयोजन ग्रामीण प्रतिभाओं को समर्थन और प्रोत्साहन देने में सहायक होते हैं, जिससे उनकी कला को एक राष्ट्रीय प्लेटफार्म मिलता है।
आगामी योजनाएँ और समापन
विन्ध्य महोत्सव के सफल समापन के बाद, आयोजकों ने भविष्य में और अधिक बड़े आयोजन करने की योजना बनाई है। इस महोत्सव का उद्देश्य स्थानीय संस्कृति को संरक्षित करना और बढ़ावा देना है। यह पहल छोटे कलाकारों को एक अवसर प्रदान करती है और दर्शकों को स्थानीय संगीत और नृत्य की मिठास से अवगत कराती है।
इस महोत्सव ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि कला और संस्कृति का मेल न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि यह समुदाय की एकता को भी बढ़ाता है।
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