मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय मंत्री की अध्यक्षता में बैठक में भाग लिया, महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा
नई दिल्ली । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्रतिभाग किया। बैठक में उत्तराखण्ड राज्य से संबंधित सड़क एवं अवसंरचना विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों, सीमांत क्षेत्रों […]
मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय मंत्री की अध्यक्षता में बैठक में भाग लिया
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - India Twoday
कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नितिन गडकरी की अध्यक्षता में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की बैठक में अपनी भागीदारी दी। इस बैठक में उत्तराखंड राज्य के लिए महत्वपूर्ण सड़क और अवसंरचना विकास प्रस्तावों पर चर्चा की गई।
नई दिल्ली: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में भाग लिया। इस बैठक में उत्तराखंड राज्य से संबंधित सड़क एवं अवसंरचना विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री धामी ने राज्य की भौगोलिक स्थितियों, सीमांत क्षेत्रों की सामरिक एवं रणनीतिक महत्ता, तीर्थाटन एवं पर्यटन के महत्व और आपदा प्रबंधन की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए राज्य में सुदृढ़ एवं आधुनिक सड़क नेटवर्क के विकास की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने लंबित प्रस्तावों के शीघ्र सकारात्मक निर्णय का अनुरोध किया।
बैठक में केंद्रीय सड़क अवसंरचना निधि (CRIF) के अंतर्गत वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार को लगभग 750 करोड़ रुपये की लागत की परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए सहमति दी गई। इसके अलावा, NHO के अंतर्गत पांच प्रमुख परियोजनाओं को भी स्वीकृति प्रदान की गई, जिनकी कुल अनुमानित लागत लगभग 2966 करोड़ रुपये है। इनमें श्रीनगर बाईपास, पुरकाजी–लक्सर–हरिद्वार मार्ग की चार-लेनिंग और अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाएँ शामिल हैं।
धामी ने हरिद्वार बाईपास परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का अनुरोध किया, जिससे आने वाले अर्धकुंभ मेला 2027 के दौरान यातायात दबाव कम होगा और श्रद्धालुओं व पर्यटकों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा, कोटद्वार बाईपास परियोजना के कार्यों में तेजी लाने की भी मांग की गई है।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर अन्य मार्गों के संयोजन हेतु 3000 करोड़ रुपये के सैद्धांतिक सहमति का अनुरोध किया और इसके संबंध में केंद्रीय मंत्री ने सकारात्मक सहमति दी। अल्मोड़ा से सिकुड़ा बैंड तक टनल सहित मोटर मार्ग निर्माण हेतु 300 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट भी चर्चा में आया।
आपदा प्रबंधन के प्रभावी कार्यों के लिए मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड लैंडस्लाइड मिटिगेशन मैनेजमेंट सेंटर (ULMMC) के माध्यम से भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में उपचारात्मक कार्यों के लिए डीपीआर तैयार करने हेतु MoU करने का सुझाव दिया। यह प्रस्ताव मंत्रालय द्वारा स्वीकार किया गया है।
उन्होंने सीमा सड़क संगठन (BRO) से संबंधित लंबित मामलों को शीघ्र हल करने का आग्रह किया, विशेषकर ऋषिकेश–गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के हिना–तेखला–नेताला–गरमपानी खंड के डीपीआर को शीघ्र स्वीकृति देने की बात कही।
अंत में, मुख्यमंत्री धामी ने विश्वास व्यक्त किया कि इन सभी परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन से उत्तराखंड की सड़कों और अवसंरचना को नई मजबूती मिलेगी, जो कि सीमांत क्षेत्रों के विकास, पर्यटन को बढ़ावा देने और राज्य की आर्थिक प्रगति में सहायक सिद्ध होगी।
बैठक में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा, सचिव लोक निर्माण विभाग पंकज कुमार पांडेय, सचिव सड़क परिवहन बृजेश कुमार संत, स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया।
अधिक जानकारी के लिए हमारे पोर्टल पर अधिक अपडेट्स प्राप्त करने के लिए यहां क्लिक करें.
टीम इंडिया टुडे - नीरजा शर्मा
What's Your Reaction?