मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे 140 मेधावी छात्रों से संवाद; ‘सपनों का उत्तराखंड’ पर सुनेंगे उनके विचार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आगामी 18 सितंबर को ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ अभियान के समापन अवसर पर प्रदेशभर से चयनित 140 मेधावी छात्र-छात्राओं से सीधे रूबरू होकर ‘सपनों का उत्तराखण्ड’…
मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन: 18 सितंबर को सीएम धामी का ऐतिहासिक संवाद
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 18 सितंबर को ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ अभियान के समापन पर 140 मेधावी छात्रों से सीधे संवाद करेंगे। इस मौके पर वे ‘सपनों का उत्तराखण्ड’ विषय पर उनके विचारों को सुनेगे।
‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ क्या है?
मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन एक विशेष अभियान है, जिसे 10 अगस्त 2023 को शुरू किया गया था। इस अभियान का उद्देश्य उत्तराखंड के कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्रों के बीच संवाद को बढ़ावा देना है। इसके अंतर्गत पूरे राज्य से लगभग 3 लाख विद्यार्थियों को जोड़ा गया। इनमें से 2,67,744 छात्रों ने ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से इस प्रतियोगिता में भाग लिया। यह एक अद्वितीय अवसर है जहां मेधावी छात्र अपने विचारों को सीधे मुख्यमंत्री के सामने रख पाएंगे।
140 मेधावी छात्रों का चयन
अभियान के समापन पर 140 मेधावी छात्रों का चयन किया गया है, जो मुख्यमंत्री के समक्ष अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। यह छात्र विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता के लिए जाने जाते हैं और उनके विचारों को जानना प्रदेश के विकास के लिए महत्वपूर्ण होगा। मुख्यमंत्री धामी का लक्ष्य है कि वे इन छात्रों के दृष्टिकोण को सुनकर ‘सपनों का उत्तराखंड’ बनाने में मदद करें।
सपनों का उत्तराखंड: विजन रिपोर्ट का महत्व
‘सपनों का उत्तराखंड’ का विषय न केवल छात्रों के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि यह राज्य की विकास दिशा को भी दर्शाता है। मुख्यमंत्री इस संवाद के दौरान छात्रों द्वारा प्रस्तुत विचारों को एक विजन रिपोर्ट के रूप में संकलित करेंगे। यह रिपोर्ट राज्य सरकार के नीति निर्धारण में योगदान देगी और छात्रों के सपनों को साकार करने में मदद करेगी।
हमारे युवाओं की भूमिका
युवाओं की सोच और दृष्टिकोण विभिन्न क्षेत्रों में बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं। ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम के तहत छात्रों को अपनी सोच और समाधानों को प्रस्तुत करने का एक मंच मिल रहा है। इस प्रकार की पहलों से छात्रों को प्रेरणा मिलती है और वे अपने राज्य के विकास में सक्रिय रूप से भाग ले सकते हैं।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह प्रयास न केवल छात्रों के लिए एक सुनहरा अवसर है, बल्कि यह उत्तराखंड के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। इस संवाद के माध्यम से वे युवाओं की सोच को जानकर सही दिशा में आगे बढ़ना चाहेंगे। प्रदेश के उज्जवल भविष्य के लिए छात्रों के विचारों को समझना और उसकी उपयोगिता को पहचानना आवश्यक है।
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सादर,
टीम इंडिया टुडे - सुषमा
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