राज्यपाल और मुख्यमंत्री योगी का शिक्षा परिषद में छात्र सम्मान, विकसित भारत-2047 का समर्पण
देहरादून: राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने गोरखपुर में आज आयोजित महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक समारोह में बतौर मुख्य अतिथि भाग लिया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया। राज्यपाल और […] The post राज्यपाल गुरमीत सिंह और CM योगी एक मंच पर, शिक्षा परिषद कार्यक्रम में छात्र सम्मान और विकसित भारत-2047 पर जोर first appeared on Vision 2020 News.
राज्यपाल और मुख्यमंत्री योगी का शिक्षा परिषद में छात्र सम्मान, विकसित भारत-2047 का समर्पण
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कम शब्दों में कहें तो, राज्यपाल जनरल गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में शिक्षण संस्थान के प्रति सम्मान की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए छात्रों को उनकी उपलब्धियों के लिए सराहा।
देहरादून: उत्तर प्रदेश के राज्यपाल, लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि), ने आज गोरखपुर में आयोजित महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्टता प्रदर्शित करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को किया सम्मानित
इस अवसर पर, राज्यपाल ने छात्रों, शिक्षकों और उपस्थित सभी लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि गोरखपुर भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय चेतना का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने महायोगी गुरु गोरखनाथ जी के तपोभूमि और संत परंपरा की विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भूमि समाज निर्माण, राष्ट्र धर्म और मानवीय उत्थान की प्रेरणा का स्रोत रही है।
राज्यपाल ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के 1932 से वर्तमान तक की गौरवमयी शिक्षा यात्रा का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस परिषद ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में शिक्षा, संस्कृति, चरित्र निर्माण और राष्ट्रवाद को नई दिशा दी है। इसका विस्तार आज प्राथमिक विद्यालय से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक नजर आता है। इसके अलावा, उन्होंने महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय द्वारा आधुनिक विज्ञान और भारतीयता से प्रेरित शिक्षा के अद्वितीय प्रयासों की सराहना की।
यूवाओं से विकसित भारत–2047 में नेतृत्व की अपेक्षाएं
राज्यपाल ने नई पीढ़ी से आग्रह किया कि वे विकसित भारत-2047 के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दें। उन्होंने तकनीक, विज्ञान, ए.आई., साइबर सुरक्षा, स्पेस और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में देश का नेतृत्व करने की बात कही। साथ ही, उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हमारी सांस्कृतिक पहचान, संवेदना और राष्ट्र प्रेम को बनाए रखना आवश्यक है।
राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा, वैज्ञानिक उपलब्धियों और सांस्कृतिक पुनर्स्थापन का भी जिक्र किया। उनका मानना है कि यह समय भारत की नई चेतना का युग है, और इस नई चेतना को युवा पीढ़ी ही आगे बढ़ाएगी।
अंत में, पैनल में अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने समारोह को और भी प्रभावी बना दिया। यह कार्यक्रम न केवल शिक्षा की महत्वता को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि कैसे हमारे युवा भविष्य की दिशा को निजामित कर सकते हैं।
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सादर,
टीम इंडिया टुडे - नंदिनी शर्मा
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