उत्तराखंड कैबिनेट ने लिए 19 महत्वपूर्ण निर्णय: जुर्माने की प्रणाली, बिजली मुआवजा व अन्य राहत
देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार देर रात हुई कैबिनेट बैठक में कुल 19 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। किसानों, महिलाओं, युवाओं, पर्यावरण और निवेशकों से जुड़े कई राहत भरे फैसले लिए गए। बिजली लाइन-टावर मुआवजा दोगुना केंद्र सरकार के नए दिशा-निर्देशों को अपनाते हुए कैबिनेट ने बिजली लाइनों व टावरों …
उत्तराखंड कैबिनेट ने लिए 19 महत्वपूर्ण निर्णय: जुर्माने की प्रणाली, बिजली मुआवजा व अन्य राहत
कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड की कैबिनेट ने किसानों, युवाओं और महिलाओं के हित में कई बड़े फैसले लिए हैं। ये निर्णय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार रात को हुई कैबिनेट बैठक में किए गए।
देहरादून: उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में 19 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन प्रस्तावों में किसानों, महिलाओं, युवाओं, पर्यावरण और निवेशकों के हित में कई महत्वपूर्ण उपाय शामिल हैं।
बिजली लाइन-टावर मुआवजा दोगुना
केंद्र सरकार के नए दिशा-निर्देशों को अपनाने के बाद, कैबिनेट ने बिजली लाइनों और टावरों के लिए मुआवजा बढ़ा दिया है। अब, टावर और उसके चारों ओर एक मीटर की परिधि के लिए भूमि की 200% सर्किल रेट का मुआवजा दिया जाएगा। इसके साथ ही, सर्किल रेट और मार्केट रेट के अंतर को दूर करने के लिए एक समिति बनाई जाएगी, जो प्रभावित भूमि मालिकों के हितों की रक्षा करेगी।
छोटे अपराधों में अब जेल नहीं, सिर्फ जुर्माना
कैबिनेट ने “जन विश्वास अधिनियम” लाने का निर्णय लिया है। इसके तहत 52 पुराने कानूनों की जगह एक नया एक्ट बनाए जाने की योजना है। छोटे-मोटे अपराधों में जेल की सजा को हटा दिया जाएगा और इसकी जगह भारी जुर्माना लागू किया जाएगा। उदाहरण के लिए, जैविक कृषि क्षेत्र में पेस्टिसाइड के उपयोग पर पहले जहां 1 लाख रुपये का जुर्माना और 1 साल की जेल निर्धारित थी, अब केवल 5 लाख रुपये का जुर्माना होगा।
आवास एवं शहरी विकास में बड़े बदलाव
- ग्रीन बिल्डिंग को प्रोत्साहन: प्लेटिनम ग्रेड को 5%, गोल्ड को 3% और सिल्वर को 2% अतिरिक्त FAR मिलेगा।
- कॉमर्शियल क्षेत्रों में ग्राउंड कवरेज प्रतिबंध: अब सभी के लिए सेट-बैक नियम लागू होंगे।
- पहाड़ों में रिजॉर्ट बनाने के लिए: अब भू-उपयोग परिवर्तन और अलग से नक्शा पास कराने की आवश्यकता नहीं। सड़क चौड़ाई पहाड़ी में 6 मीटर और मैदान में 9 मीटर रखी गई है।
- बहुमंजिला इमारतों में पार्किंग: ग्राउंड लेवल पार्किंग की ऊंचाई अब बिल्डिंग हाइट में नहीं गिनी जाएगी।
- लैंड पूलिंग और टाउन प्लानिंग: टाउनशिप बनाने वालों को बदले में कॉमर्शियल जमीन दी जाएगी (अमरावती मॉडल की तर्ज पर)।
अन्य प्रमुख फैसले
- नैनी सैनी एयरपोर्ट अब एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के तहत संचालित होगा।
- तकनीकी विश्वविद्यालय में फैकल्टी भर्ती अब लोक सेवा आयोग की बजाय विश्वविद्यालय स्तर पर की जाएगी।
- लोक निर्माण विभाग के समूह-ग कर्मचारियों को 10 साल की सेवा के बाद सीधे कनिष्ठ अभियंता के रूप में पदोन्नत किया जाएगा।
- 15 साल पुराने वाहनों को स्क्रैप कर नया वाहन खरीदने पर टैक्स में छूट दी जाएगी।
- मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना में सब्सिडी अब 75% से घटाकर 60% की गई।
- मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना की शुरुआत - यूपीएससी, NET, GATE आदि की मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग, लाइव क्लास और डाउट सेशन की सुविधाएं दी जाएंगी।
- रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट को GST में छूट दी जाएगी।
- सुगंध पौध केंद्र का नाम अब “इंस्टीट्यूट ऑफ परफ्यूम” रखा जाएगा।
ये फैसले निश्चित रूप से उत्तराखंड के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सरकार का यह प्रयास न केवल किसानों और युवाओं के लिए सहायक है, बल्कि इससे राज्य के सम्पूर्ण परिदृश्य में भी सुधार होगा। इसके साथ ही, सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों को जमीन पर उतारने के लिए जनसांख्यिकीय और वितीय अध्ययनों की भी आवश्यकता होगी।
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सादर,
टीम इंडिया टुडे - सुष्मिता शर्मा
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