विमल नेगी मौत मामले में BJP का कैंडल लाइट मार्च:CBI इन्क्वायरी की मांग, 15 दिन बाद भी जांच पूरी नहीं होने पर उठाए सवाल
हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPPCL) के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की मौत मामला में भारतीय जनता पार्टी ने शिमला में आज कैंडल मार्च निकाला। पार्टी कार्यकर्ताओं ने शेर-ए-पंजाब से डीसी कार्यालय तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा ने विमल नेगी की मौत की जांच सीबीआई को देने की मांग की। भाजपा नेता संजय सूद का आरोप कि विमल नेगी ने उच्च अधिकारियों के दबाव में आत्महत्या की। सरकार ने 15 दिन में जांच रिपोर्ट देने को कहा था। यह समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई। उन्होंने कहा, रिपोर्ट न आना इस बात का संकेत है कि मामले में कुछ गड़बड़ है। भाजपा शुरू से ही CBI जांच की मांग कर रही है। डायरेक्टर देसराज फरार: भारद्वाज पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा, विमल नेगी की मौत मामले में निदेशक देसराज और पूर्व प्रबंध निदेशक हरिकेश मीणा के बयान दर्ज होने में अड़चन है। देसराज के फरार होने की आशंका है, जबकि हरिकेश मीणा अवकाश पर हैं। अभी तक की जांच में इस प्रकरण में दबाव ही सामने आया है। उन्होंने कहा, सरकार से अगर जांच नहीं हो रही तो यह केस सीबीआई को सौंप देनी चाहिए। भाजपा ने विधानसभा के बजट सत्र में भी विमल नेगी की मौत का मामला उठाया और सीबीआई को देने की मांग की थी। बता दें कि चीफ इंजीनियर विमल नेगी 10 मार्च को लापता हो गए थे। 18 मार्च को बिलासपुर में गोविंद सागर झील में उनका शव प्राप्त हुआ था। उनकी संदिग्ध मौत पर परिजनों ने कारपोरेशन के उच्च अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे और सदन में यह मामला खूब गरमाया। भाजपा लगातार इस मामले में CBI जांच की मांग कर रही है।

विमल नेगी मौत मामले में BJP का कैंडल लाइट मार्च
विमल नेगी की मौत का मामला देशभर में सुर्खियाँ बटोर रहा है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस मामले में गहरा शोक व्यक्त करते हुए कैंडल लाइट मार्च निकाला। इस मार्च का आयोजन पिछले 15 दिनों से चल रही जांच की सुस्त गति के खिलाफ आवाज उठाने के लिए किया गया था। पार्टी के नेताओं ने इस अवसर पर सीबीआई जांच की मांग की, यह इस बात को दर्शाता है कि उन्हें मामले की गंभीरता का एहसास है।
CBI इन्क्वायरी की मांग
BJP के नेता ने कहा कि यदि जांच में कोई प्रगति नहीं हो रही है, तो इसे सीबीआई के हवाले किया जाना चाहिए। पार्टी का मानना है कि इस मामले में राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी भी एक महत्वपूर्ण कारक है। उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि वह सच्चाई से भागने की कोशिश कर रहा है।
15 दिन बाद भी जांच का न होना
कैंडल लाइट मार्च में इकट्ठा हुए हजारों लोगों ने जांच की धीमी गति पर सवाल उठाए। जिससे स्पष्ट है कि नागरिक इस मामले में एक त्वरित और प्रभावी न्याय की मांग कर रहे हैं। सभी की एक ही आवाज थी, 'सत्य की जीत होनी चाहिए'।
स्थानीय समुदाय की प्रतिक्रियाएँ
स्थानीय समुदाय ने भी इस मामले में गहरी दिलचस्पी दिखाई है। लोगों का मानना है कि विमल नेगी की मौत एक गंभीर मुद्दा है, और इस पर उचित ध्यान दिया जाना चाहिए। कई प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस की जांच में लापरवाही हो रही है, जिससे न्याय की संभावना क्षीण हो रही है।
जांच मामले की प्रगति पर निगाह रखते हुए, लोग सोशल मीडिया पर भी सक्रिय हैं और अपनी आवाज उठा रहे हैं। सरकार से एक ठोस कार्रवाई की मांग की जा रही है ताकि विमल नेगी को न्याय मिल सके।
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