बिजली विभाग के संविदा कर्मियों का प्रदर्शन:संभल में एक्सईएन को सौंपा ज्ञापन, जनवरी माह का रुका वेतन दिलाने की मांग
संभल के मुख्य बिजलीघर में उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा संविदा कर्मचारी संघ ने गुरुवार को प्रदर्शन किया। स्थानीय अधिकारियों द्वारा मोबाइल के माध्यम से फेस अटेंडेंस दर्ज कराने हेतु दबाव बनाने के संबंध में पांच मांगों को लेकर विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता के नाम ज्ञापन दिया। बिजली विभाग के संविदा कर्मियों ने पांच सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया, जिनमें पावर कॉरपोरेशन या उनके सहयोगी निगमों द्वारा बिजली के आउटसोर्स कर्मचारी को अटेंडेंस मोबाइल या सीयूजी नंबर नहीं दिया गया है। आउटसोर्सिंग में काम कर रहे कर्मचारियों को 9000 से 11000 रुपए अल्प वेतन का भुगतान किया जा रहा है, जिसके कारण अधिकांश कर्मचारियों के पास एंड्रॉयड मोबाइल नहीं है, ऐसे कर्मचारियों पर प्रेस अटेंडेंस हेतु दबाव बनाया जा रहा है जो न्याय संगत नहीं है। जिन कर्मचारियों के पास एंड्रॉयड मोबाइल है वह अपनी आवश्यकता अनुसार निजी कार्य हेतु अपना मोबाइल रिचार्ज कराते हैं। मोबाइल डाटा खत्म होने खराब होने, गुम होने या अन्य किसी भी परिस्थिति में रिचार्ज नहीं होने पर अटेंडेंस नहीं लगेगी जो न्याय संगत नहीं है। जनवरी 2025 के वेतन का लगभग 3200/3500 लगभग रुका हुआ है जो कि पूरे जिले में लगभग सभी संविदा कर्मियों का है, इसे सभी संविदा कर्मियों को तुरंत दिलाया जाए। पूरे जिले में ESI पद्धति लागू होने के बाद अभी तक ESI कार्ड किसी भी कर्मचारी को नहीं मिला है। प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपने वालों में रविंद्र चौधरी, सोनू सैनी, भोला चौधरी, खुशीराम, अशोक त्यागी, गुफरान तुर्की, सोनू, रियाजुल, सचिन कुमार, वसीम, दिनेश कुमार, गौरव कुमार, नफीस, नेमपाल, मोहित शुक्ला, दानिश, संजय, विवेक, रजनीश, सुदेश, नीतू, तालिब, अमित कुमार, राजवीर, अरविंद, टेकचंद, नित्यानंद आदि मौजूद रहे।

बिजली विभाग के संविदा कर्मियों का प्रदर्शन: सम्भल में एक्सईएन को सौंपा ज्ञापन
— News by indiatwoday.com —
संक्षिप्त विवरण
हाल ही में, बिजली विभाग के संविदा कर्मियों ने जनवरी माह के रुके हुए वेतन को लेकर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में सैकड़ों कर्मियों ने भाग लिया और अपनी मांगों को लेकर स्थानीय एक्सईएन को ज्ञापन सौंपा। इन कर्मियों ने पहले ही कई बार वेतन न मिलने की समस्या को उजागर किया था, लेकिन अब वे अपनी आवाज़ को और अधिक मजबूती से उठाने के लिए सड़कों पर उतरे हैं।
प्रदर्शन का उद्देश्य
प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य जनवरी महीने का रुका हुआ वेतन दिलाने के लिए अधिकारियों पर दबाव बनाना है। संविदा कर्मियों का कहना है कि उनकी मेहनत का उचित मुआवजा नहीं मिल रहा है, जिससे उनके आर्थिक जीवन पर असर पड़ रहा है। यह प्रदर्शन न केवल वेतन की मांग के लिए था बल्कि भविष्य में वेतन न मिलने की समस्या को हल करने की दिशा में भी एक कदम था।
ज्ञापन का विवरण
ज्ञापन में बताया गया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो वे फिर से प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। इसके साथ ही, उन्होंने विभाग के उच्चाधिकारियों से अनुरोध किया कि भविष्य में ऐसे मुद्दों का समाधान समय पर किया जाए, ताकि कर्मियों और उनके परिवारों को कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
सामाजिक और आर्थिक प्रभाव
संविदा कर्मियों के प्रदर्शन का न केवल उनके लिए, बल्कि समाज पर भी बड़ा प्रभाव पड़ सकता है। यदि वेतन समय पर नहीं मिलता है, तो यह पूरी बिजली वितरण प्रणाली को भी प्रभावित कर सकता है। साथ ही, इससे विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों के लिए बिजली सेवाएँ भी प्रभावित हो सकती हैं।
निष्कर्ष
बिजली विभाग के संविदा कर्मियों का यह प्रदर्शन एक संकेत है कि उन्हें अपनी जरूरतों के लिए आवाज उठानी पड़ रही है। हलांकि, अधिकारियों को इस मसले का समाधान निकालने के लिए उचित कदम उठाने की आवश्यकता है। सामूहिक प्रयास से ही कर्मचारी और प्रबंधन मिलकर संतोषजनक समाधान इस मुद्दे का निकाल सकते हैं।
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