सरकारी स्कूल ने प्राइवेट स्कूलों को किया फेल, पढ़ाई का नया मापदंड स्थापित

प्रदीप रावत ‘रवांल्टा’ देहरादून जिले के रायपुर ब्लॉक के राजकीय प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ (दूधली) ने साबित कर दिया कि सरकारी स्कूल भी अगर शिक्षकों का जज्बा हो, तो प्राइवेट संस्थानों से कहीं आगे निकल सकते हैं। यहां तैनात प्रधानाध्यापक अरविंद सिंह सोलंकी और उनकी पूरी टीम ने मिलकर स्कूल को ऐसा रूप दिया कि यह …

Oct 30, 2025 - 00:27
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सरकारी स्कूल ने प्राइवेट स्कूलों को किया फेल, पढ़ाई का नया मापदंड स्थापित
प्रदीप रावत ‘रवांल्टा’ देहरादून जिले के रायपुर ब्लॉक के राजकीय प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ (दूधली)

सरकारी स्कूल ने प्राइवेट स्कूलों को किया फेल, पढ़ाई का नया मापदंड स्थापित

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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून जिले का राजकीय प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ (दूधली) प्राइवेट स्कूलों के लिए एक प्रेरणा बना हुआ है। यहां के शिक्षकों के जज्बे और समर्पण ने इसे एक नया मुकाम दिया है।

प्रदीप रावत ‘रवांल्टा’ द्वारा संचालित इस विद्यालय ने साबित कर दिया है कि सरकारी स्कूल भी बेहतरीन शिक्षा प्रदान कर सकते हैं यदि शिक्षकों में सही उत्साह और प्रयास हो। प्रधानाध्यापक अरविंद सिंह सोलंकी और उनकी टीम ने इस विद्यालय को उत्कृष्टता के नए आयामों पर स्थापित किया है, जिससे यह ‘निपुण विद्यालय पुरस्कार’ भी जीत चुका है।

विद्यालय की विशेषताएँ

इस स्कूल की सुबह की प्रार्थना से लेकर कक्षा में होने वाली गतिविधियाँ तक, सभी में बच्चों की भागीदारी अद्भुत है। आज यहां पढ़ने वाले 100 से अधिक बच्चे न केवल पढ़ाई में अव्वल हैं, बल्कि विज्ञान मेला, क्विज और खेलकूद जैसे अन्य क्षेत्रों में भी चमक बिखेरते हैं। स्कूल के शिक्षक इस बात पर जोर देते हैं कि उनका मिशन सिर्फ सिलेबस पूरा करना नहीं है, बल्कि हर बच्चे को उसके सपनों को साकार करने में मदद करना है।

शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार

रामगढ़ का यह विद्यालय अब उत्तराखंड में एक प्रेरणा बना हुआ है। इसका उदाहरण स्पष्ट है - जब शिक्षकों में समर्पण और योग्यताएँ सही ढंग से उपयोग में लाई जाती हैं, तो संसाधनों की कमी भी शिक्षा में आड़ नहीं बना सकती। विद्यालय में मौजूद लाइब्रेरी बच्चों को न केवल किस्से-कहानियों की किताबें उपलब्ध कराती है, बल्कि व्यवहारिक ज्ञान के लिए भी पुस्तकें उपलब्ध हैं। इसके साथ ही महापुरुषों की जीवनियों और उत्तराखंड की लोक संस्कृति पर आधारित पुस्तकें भी यहां संजोई गई हैं।

शिक्षकों का मार्गदर्शन

यह साबित करने वाले कई उदाहरण हैं कि सरकारी स्कूल भी प्राइवेट संस्थानों की प्रतिस्पर्धा में पीछे नहीं हैं। यहां जो शिक्षा दी जा रही है, वह निश्चित रूप से सभी बच्चों के लिए प्रेरणा स्रोत है। यह केवल एक स्कूल नहीं है, बल्कि यह एक अनूठा प्रयास है जो सभी शिक्षकों को अपने कार्य में सुधार करने के लिए प्रेरित करता है। यहां प्रधानाध्यापक और शिक्षकों की टीम ने मिलकर विद्यालय को नए मानकों पर स्थापित किया है।

सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास

राजकीय प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ (दूधली) यह दिखाता है कि सकारात्मक सोच, समर्पण और निरंतर प्रयास से कोई भी संस्था उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित कर सकती है। सरकारी विद्यालय को भी वो सब कुछ हासिल हो सकता है जो प्राइवेट स्कूल करते हैं, जब उनमें शिक्षकों का सही मार्गदर्शन हो।

इस प्रकार, यह विद्यालय न केवल शिक्षा का हब है, बल्कि यह समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का भी कार्य कर रहा है। अगर विद्यालय के शिक्षक सही मायने में अपनी जिम्मेदारियों को समझें, तो वे किसी भी प्राइवेट स्कूल से बेहतर परिणाम दे सकते हैं।

शिक्षकों की मेहनत और बच्चों की लगन के सहारे, रामगढ़ का यह स्कूल अपने तरीके से एक क्रांति ला रहा है, और उदाहरण पेश कर रहा है कि सरकारी विद्यालयों में भी प्राइवेट विद्यालयों जैसी गुणवत्ता लाई जा सकती है।

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सादर,
टीम इंडिया टुडे
प्रियंका शर्मा

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