सीएम पुष्कर सिंह धामी ने ‘भारत दर्शन’ के अंतर्गत छात्रों को दी विविधता और विकास की समझ
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टिहरी गढ़वाल के कीर्तिनगर स्थित स्वामी मनमथन प्रेक्षागृह में देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के 68 मेधावी छात्र-छात्राओं के दल से आत्मीय भेंट की। यह छात्र दल…
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने ‘भारत दर्शन’ के अंतर्गत छात्रों को दी विविधता और विकास की समझ
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देवप्रयाग से 68 मेधावी छात्र-छात्राओं से मिलकर उन्हें ‘भारत दर्शन’ शैक्षिक भ्रमण के अवसर के बारे में बताया। यह भ्रमण देश की विविधता और सांस्कृतिक धरोहर को नजदीक से समझने का एक सुनहरा मौका है।
मुख्यमंत्री का महत्वाकांक्षी पहल
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में टिहरी गढ़वाल के कीर्तिनगर स्थित स्वामी मनमथन प्रेक्षागृह में 68 मेधावी छात्र-छात्राओं के एक दल से आत्मीय मुलाकात की। यह छात्र दल 16 सितंबर को ‘भारत दर्शन’ शैक्षिक भ्रमण के 10वें संस्करण के तहत विभिन्न ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक संस्थानों का दौरा करने के लिए रवाना हो रहा है।
छात्रों के लिए सुनहरा अवसर
इस अवसर पर, मुख्यमंत्री धामी ने विद्यार्थियों से बातचीत की और उनके भ्रमण की तैयारियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बताया कि इस भ्रमण का उद्देश्य छात्रों को देश की संस्कृति, विविधता और विकास कार्यों को करीब से समझने का मौका प्रदान करना है। यह भ्रमण न केवल छात्रों के ज्ञान को बढ़ाएगा, बल्कि उनमें राष्ट्रप्रेम और सांस्कृतिक महत्वाकांक्षा भी जगाएगा।
भारत दर्शन की विशेषताएँ
‘भारत दर्शन’ कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को विभिन्न राज्यों की संस्कृति, परंपरा और इतिहास के बारे में जागरूक करना है। इसे लेकर मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि शिक्षा से ही राष्ट्र का विकास संभव है और इस भ्रमण जैसे कार्यक्रम छात्रों को प्रेरित करेंगे।
आगामी विधियाँ और अनुभव
मुख्यमंत्री ने छात्रों से आग्रह किया कि वे इस यात्रा को एक नए अनुभव के रूप में लें और इसके माध्यम से भारतीय संस्कृति के विभिन्न आयामों को समझने का प्रयास करें। यह अनुभव उनके विकास में सहायक होगा और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए नई प्रेरणा देगा।
इस कार्यक्रम से जुड़े सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएँ देते हुए, CM धामी ने कहा कि उनके द्वारा एकत्रित ज्ञान और अनुभव उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनने में मदद करेगा।
निष्कर्ष
युवाओं को ऐसे शैक्षिक भ्रमणों में भाग लेने का मौका मिलने से वे न केवल अपने ज्ञान में वृद्धि करेंगे, बल्कि वे अपने आसपास के समाज और संस्कृति के प्रति अधिक संवेदनशील बनेंगे। ‘भारत दर्शन’ जैसा कार्यक्रम छात्रों को एक नई दिशा दे सकता है।
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सपर्णा शुक्ला
Team India Twoday
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