उत्तरकाशी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सांकरी विंटर फेस्टिवल का किया उद्घाटन
उत्तरकाशी: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार को उत्तरकाशी के मोरी विकासखंड क्षेत्र में पहुंचे। जहाँ उन्होंने प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों केदारकांठा और हरकीदून के बेस कैंप सांकरी में सांकरी विंटर फेस्टिवल और टूरिज्म महोत्सव–2025 का शुभारंभ किया। साथ ही सीएम धामी ने पर्यटक दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सीएम धामी ने किया सांकरी विंटर […] The post उत्तरकाशी पहुंचें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, सांकरी विंटर फेस्टिवल का किया शुभारंभ first appeared on Vision 2020 News.
उत्तरकाशी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सांकरी विंटर फेस्टिवल का किया उद्घाटन
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी के मोरी विकासखंड में सांकरी विंटर फेस्टिवल और टूरिज्म महोत्सव 2025 का शुभारंभ किया।
उत्तरकाशी: बुधवार को, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी के मोरी विकासखंड क्षेत्र में स्थित अद्भुत पर्यटन स्थलों केदारकांठा और हरकीदून के बेस कैंप सांकरी में सांकरी विंटर फेस्टिवल और टूरिज्म महोत्सव 2025 का उद्घाटन किया। इस अवसर पर, सीएम धामी ने पर्यटक दल को हरी झंडी दिखाकर उन्हें रवाना किया, जिससे इस समारोह का महत्व और भी बढ़ गया।
सीएम धामी ने किया सांकरी विंटर फेस्टिवल का आगाज
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि "मोरी क्षेत्र के हरकीदून, केदारकांठा, देवक्यारा, चागंसील और बराडसर ताल जैसे हिमालयी पर्यटन स्थल हमारे प्रदेश की पहचान हैं। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं। पहले पहाड़ों में पर्यटन केवल तीन महीनों तक ही सीमित रहता था, लेकिन अब सरकार ने शीतकालीन यात्रा और ताल-बुग्याल पर्यटन को बढ़ावा देकर इसे बारह महीने के रोजगार आधारित माध्यम में बदलने का कार्य किया है, जिससे पहाड़ी अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में मदद मिल रही है।"
सीएम धामी ने आगे कहा, "सांकरी सिर्फ एक गांव नहीं बल्कि उत्तराखंड की लोकसंस्कृति का जीवंत संग्रहालय है। यहाँ की पारंपरिक लकड़ी की वास्तुकला, लोकगीत, लोकनृत्य और सरल पहाड़ी जीवनशैली राज्य की विशिष्ट पहचान को दर्शाते हैं।" उन्होंने अपने पहले सांकरी आगमन पर स्थानीय लोगों के अनुसरण और उत्साह के लिए आभार व्यक्त किया।
सांकरी स्थानीय संस्कृति का प्रतीक
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महोत्सव न केवल उत्तराखंड की आस्था, संस्कृति, परंपरा और स्वाभिमान का उत्सव है, बल्कि यह विकास और विरासत की सोच को भी साकार करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शीतकालीन यात्रा के आह्वान का जिक्र करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के पर्यटन में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। इससे सीमांत गांवों में पलायन रुक रहा है और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।
शीतकालीन पर्यटन के लाभ
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि शीतकालीन पर्यटन प्रदेश की विकास यात्रा में नई दिशा दे रहा है, जिससे स्थानीय कलाकारों, हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजनों और उत्पादों को व्यापक बाजार मिल रहा है। इसके साथ ही, युवा ट्रेकिंग गाइड, होम-स्टे, होटल और पर्यटन से जुड़े अन्य कार्यों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं को सुधारने पर तेजी से काम कर रही है। उत्तरकाशी में चल रही पार्किंग निर्माण, सड़क परियोजनाएं, पुरोला उप जिला चिकित्सालय और तिलोथ विद्युत गृह जैसी पहलों से सरकार की विकासात्मक सोच उजागर होती है।
सिंह धामी ने सिलक्यारा टनल हादसे का जिक्र करते हुए कहा कि 17 दिनों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में 41 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की संवेदनशीलता और दृढ़ संकल्प का परिचायक है। उन्होंने राज्य की विकास नीति के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण, मजबूत कानून व्यवस्था और पारदर्शी शासन पर सरकार के प्रयासों की भी चर्चा की।
समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति जैसे कदमों के माध्यम से उत्तराखंड ने देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री ने जनता से आपसी सहयोग की अपील की है ताकि शीतकालीन पर्यटन को जन आंदोलन बनाए और उत्तराखंड को समृद्ध व आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
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टीम इंडिया टुडे - प्रिया शर्मा
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