उत्तराखंड की आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट 2025-26: उभरते आंकड़ों का विश्लेषण
उत्तराखंड की आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 रिपोर्ट नौ मार्च से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र में सदन के पटल पर रखी जाएगी। इससे पहले नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने देहरादून में प्रेस वार्ता कर रिपोर्ट की मुख्य विशेषताओं और आंकड़ों को साझा किया। उन्होंने बताया कि यह रिपोर्ट न केवल …
उत्तराखंड की आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट 2025-26: उभरते आंकड़ों का विश्लेषण
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड की आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट 2025-26, आगामी बजट सत्र में राज्य की आर्थिक स्थिति का महत्वपूर्ण आकलन प्रस्तुत करेगी।
उत्तराखंड की आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 रिपोर्ट नौ मार्च से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र में सदन के पटल पर रखी जाएगी। इससे पहले नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने देहरादून में एक प्रेस वार्ता में रिपोर्ट की मुख्य विशेषताओं और आंकड़ों को साझा किया। उन्होंने बताया कि इस रिपोर्ट में राज्य की आर्थिक स्थिति का समग्र आकलन किया गया है, जो वित्त विभाग के लिए एक मार्गदर्शक दस्तावेज़ का कार्य करेगा। यह आगामी बजट में किन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए, इस पर रणनीति तय करने में मदद करेगा।
इस बार रिपोर्ट तैयार करने में नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च की विशेषज्ञ सहायता ली गई है, जिससे आंकड़ों की गुणवत्ता और विश्लेषण का स्तर बेहतर हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2022 की तुलना में 2025 में उत्तराखंड की नॉमिनल जीएसडीपी में डेढ़ गुना से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि वित्तीय वर्ष 2024-25 की तुलना में 2025-26 में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि की संभावना है।
आर्थिक सुधार और विकास दर
रिपोर्ट के अनुसार, प्रति व्यक्ति आय 2022 में 1.94 लाख रुपये से बढ़कर 2025 में 2,73,921 रुपये तक पहुंच गई है। अगले वर्ष के लिए 8.2 प्रतिशत की विकास दर का अनुमान लगाया गया है। यह दर्शाता है कि राज्य में आर्थिक स्थिरता और वृद्धि का माहौल बना हुआ है। गरीबी सूचकांक 2022 के 9.70 से घटकर 2025 में 6.92 पर आ गया है, जबकि ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स 0.718 से बढ़कर 0.722 हो गया है।
उद्योग और रोजगार में बढ़ोतरी
उद्योग और रोजगार क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। एमएसएमई की संख्या 2022 में 59,798 से बढ़कर 2025 में 79,394 हो गई है, जिससे रोजगार में वृद्धि हुई है, जो 3.44 लाख से बढ़कर 4.57 लाख हो गया है। लार्ज इंडस्ट्री की संख्या 107 से बढ़कर 128 हुई है। इसके अलावा, स्टार्टअप की संख्या भी 702 से बढ़कर 1,750 हो गई है।
ऊर्जा उत्पादन में उछाल
इस रिपोर्ट से यह भी पता चलता है कि बिजली उत्पादन में भी बड़ा उछाल आया है। 2022 में उत्तराखंड का ऊर्जा उत्पादन 5,157 मिलियन यूनिट से बढ़कर 2025 में 16,500 मिलियन यूनिट हो गया है। सौर ऊर्जा की क्षमता में भी वृद्धि आई है, जो 439 मेगावाट से बढ़कर 1,027 मेगावाट हो गई है।
शिक्षा और स्वास्थ्य में प्रगति
शिक्षा क्षेत्र में ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो में सुधार हुआ है। प्राइमरी स्कूलों में यह 91.19 प्रतिशत से बढ़कर 103 प्रतिशत हो गया है, जबकि सेकेंडरी स्तर पर यह 88.23 से बढ़कर 93.54 प्रतिशत पहुंच गया है। स्वास्थ्य क्षेत्र में भी खुशी देने वाले बदलाव हुए हैं। शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) 22 से घटकर 20, मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) 103 से घटकर 91 और औसत आयु 71.7 वर्ष से बढ़कर 73 वर्ष हो गई है।
कृषि और बुनियादी ढांचा
कृषि एवं बुनियादी ढांचे में भी प्रगति दर्ज की गई है। सभी घरों में शौचालय की उपलब्धता 97 प्रतिशत से बढ़कर 100 प्रतिशत हो गई है। प्रमुख फसलों जैसे चावल और गेहूँ का उत्पादन प्रति हेक्टेयर 28.23 क्विंटल से बढ़कर 32.47 क्विंटल हो गया है।
पर्यटन क्षेत्र में भी वृद्धि देखने को मिली है। होटलों की संख्या 8,225 से बढ़कर 10,509 और होमस्टे की संख्या 3,935 से बढ़कर 6,061 हो गई है। सड़क अवसंरचना में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है, सड़कें 50,393 किमी से बढ़कर 51,278 किमी हो गई हैं।
इस रिपोर्ट का समग्र विश्लेषण दर्शाता है कि उत्तराखंड की आर्थिक प्रगति कई अधिकृत क्षेत्रों में हो रही है, जोकि राज्य की स्थायी विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
इसके साथ ही, ये आंकड़े आगामी योजनाएँ तैयार करने में सहायक सिद्ध होंगे।
इस प्रकार, उत्तराखंड की आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट 2025-26 निश्चित रूप से राज्य के विकास की दिशा और गति के लिए एक महत्वपूर्ण संकेतक साबित होगी। इस रिपोर्ट पर विचार करते हुए सरकार को यह ध्यान रखना होगा कि विकास की प्रक्रिया सभी वर्गों तक पहुंच सके।
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सप्रेम, नीतू शर्मा
Team India Twoday
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