उत्तराखंड की विकास यात्रा में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार की महत्वपूर्ण भूमिका – मुख्यमंत्री
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार विकसित उत्तराखंड की आधारशिला हैं। राज्य सरकार उत्तराखंड को अनुसंधान, नवाचार और आधुनिक तकनीकी विकास का अग्रणी केंद्र बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विज्ञान को प्रयोगशालाओं और पुस्तकों तक सीमित रखने के बजाय आमजन के जीवन से जोड़ना […]
उत्तराखंड की विकास यात्रा में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार की महत्वपूर्ण भूमिका – मुख्यमंत्री
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के विकास में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार की प्राथमिकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार आधुनिक तकनीकी विकास और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है।
देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार विकसित उत्तराखंड की आधारशिला हैं। राज्य सरकार उत्तराखंड को अनुसंधान, नवाचार और आधुनिक तकनीकी विकास का अग्रणी केंद्र बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने यह बात पायनियर समाचार पत्र समूह एवं उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कही।
नई पहल और घरेलू तकनीकों का समावेश
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कहा कि विज्ञान को प्रयोगशालाओं और पुस्तकों तक सीमित रखना अब समय की मांग नहीं है। इसे आम जन के जीवन तक पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विश्व की प्रगति प्राकृतिक संसाधनों द्वारा नहीं, बल्कि ज्ञान, विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार की क्षमता से निर्धारित होती है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ड्रोन और सेमीकंडक्टर जैसी आधुनिक तकनीकें विभिन्न क्षेत्रों जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पर्यटन और आपदा प्रबंधन में परिवर्तनकारी भूमिका निभा रही हैं। ये नवाचार युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी उत्पन्न कर सकते हैं।
युवाओं के लिए अवसरों का निर्माण
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड का युवा प्रतिभा, नवाचार और परिश्रम में श्रेष्ठ है, लेकिन उन्हें आधुनिक संसाधनों, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और उपयुक्त अवसरों की आवश्यकता है। सरकार शिक्षण संस्थानों, उद्योग जगत, और वैज्ञानिक संस्थानों के समन्वित प्रयासों से प्रदेश में नवाचार आधारित विकास को नई गति दे रही है।
प्रधानमंत्री की योजनाओं का संदर्भ
उन्होंने उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत-2047' के संकल्प की आधारशिला विज्ञान, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार है। इस दिशा में डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, और अन्य योजनाएं भारत को वैश्विक तकनीकी शक्ति बनाने की दिशा में तेजी से अग्रसर कर रही हैं।
साइंस सिटी और प्रशिक्षण केंद्र
उत्तराखंड की पहली विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति लागू की जा चुकी है, जिसका मुख्य उद्देश्य अनुसंधान को बढ़ावा देते हुए युवाओं को 'जॉब सीकर' बनाने के बजाय 'जॉब क्रिएटर' बनाना है। उन्होंने जानकारी दी कि देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है, जो राज्य को विज्ञान एवं नवाचार में नई पहचान दिलाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्कूली विद्यार्थियों को साइंस सिटी का भ्रमण कराने के लिए नियमित कार्यक्रम स्थापित करें ताकि उनमें विज्ञान की समझ और जागरूकता बढ़े। बच्चों को आधुनिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जोड़ा जाना आवश्यक है।
आधुनिक सुविधाओं का विस्तार
राज्य में साइंस एंड इनोवेशन सेंटर, जीआईएस आधारित डैशबोर्ड, डिजिटल लाइब्रेरी, तथा स्टेम लैब्स जैसी आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इसके साथ-साथ एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन तकनीक और अन्य आवश्यक पहलुओं को भी लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है।
वैश्विक पहचान की ओर बढ़ता उत्तराखंड
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि देवभूमि उत्तराखंड को वीरभूमि और खेलभूमि के साथ-साथ विज्ञान और नवाचार की भूमि के रूप में भी वैश्विक पहचान मिले। उन्होंने सभी वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं को आह्वान किया कि वे विकास की मुख्यधारा से विज्ञान और प्रौद्योगिकी को जोड़ने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं।
इस अवसर पर विधायक, विशेषज्ञ और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।
इस प्रकार, उत्तराखंड का विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार का क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है, जिससे राज्य को न केवल एक आधुनिक पहचान मिल रही है, बल्कि इससे यहां के युवाओं के लिए भी नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं। राज्य सरकार इन पहलों को आगे बढ़ाकर एक सशक्त और आत्मनिर्भर राज्य बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
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सादर,
टीम इंडिया टुडे, नुपुर मेहता
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