शुद्धिकरण प्रकरण में हाईकोर्ट से कांग्रेस को झटका, आरोपों के समर्थन में सबूत नहीं दे पा रही कांग्रेस

देहरादून :  शुद्धिकरण प्रकरण को लेकर नैनीताल हाईकोर्ट की कार्यवाही के बाद कांग्रेस के राजनीतिक नैरेटिव पर सवाल खड़े हो गए हैं। जिस मुद्दे को कांग्रेस ने उत्तराखंड से लेकर दिल्ली तक जोर-शोर से उठाया और राहुल गांधी से लेकर मल्लिकार्जुन खड़गे तक ने इसे दलित सम्मान से जोड़कर सरकार पर निशाना साधा, अब उसी […] The post शुद्धिकरण प्रकरण में हाईकोर्ट से कांग्रेस को झटका, आरोपों के समर्थन में सबूत नहीं दे पा रही कांग्रेस first appeared on Vision 2020 News.

Sep 8, 2026 - 09:27
 49  2115
शुद्धिकरण प्रकरण में हाईकोर्ट से कांग्रेस को झटका, आरोपों के समर्थन में सबूत नहीं दे पा रही कांग्रेस

देहरादून :  शुद्धिकरण प्रकरण को लेकर नैनीताल हाईकोर्ट की कार्यवाही के बाद कांग्रेस के राजनीतिक नैरेटिव पर सवाल खड़े हो गए हैं। जिस मुद्दे को कांग्रेस ने उत्तराखंड से लेकर दिल्ली तक जोर-शोर से उठाया और राहुल गांधी से लेकर मल्लिकार्जुन खड़गे तक ने इसे दलित सम्मान से जोड़कर सरकार पर निशाना साधा, अब उसी मामले में कांग्रेस अपने आरोपों के समर्थन में ठोस सबूत पेश नहीं कर पा रही है।

दरअसल, 8 अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में जनसभा की थी। इसके तीन दिन बाद, 11 अगस्त को इसी मैदान में धार्मिक अनुष्ठान और गंगाजल छिड़कने का मामला सामने आया। कांग्रेस ने इसे ‘शुद्धिकरण’ बताते हुए दलित समाज के अपमान से जोड़ दिया और आरोप लगाया कि यह आयोजन खड़गे की जातिगत पहचान के कारण किया गया। दूसरी ओर भाजपा शुरू से इसे तथ्यहीन आरोप बताते हुए कांग्रेस पर संवेदनशील विषय को राजनीतिक और जातिगत रंग देने का आरोप लगाती रही है।

मामला हल्द्वानी तक सीमित नहीं रहा। मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे राज्यसभा में उठाया और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की। राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमला बोला। इस तरह हल्द्वानी से उठा विवाद देहरादून होते हुए दिल्ली की राजनीति तक पहुंच गया।

इसके बाद देहरादून निवासी बैजनाथ की ओर से नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई। याचिका में मामले से जुड़े वीडियो, CCTV फुटेज एवं अन्य साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के साथ प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई। 7 सितंबर को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत के सामने जांच और दर्ज FIR की स्थिति रखी तथा मामले से जुड़े वीडियो साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का भरोसा दिया। इसके बाद हाईकोर्ट ने याचिका निस्तारित करते हुए पुलिस जांच में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया और पुलिस की अब तक की कार्रवाई पर संतोष जताया।

हाईकोर्ट की कार्यवाही के बाद अब सबसे बड़ा सवाल कांग्रेस के उस दावे को लेकर खड़ा हो रहा है, जिसमें पूरे प्रकरण को सीधे दलित अपमान और जातिगत भेदभाव से जोड़ दिया गया था। कांग्रेस बताए कि उसके पास ऐसा कौन-सा वीडियो, बयान, दस्तावेज या प्रत्यक्ष प्रमाण है जिससे यह साबित होता हो कि धार्मिक अनुष्ठान मल्लिकार्जुन खड़गे की जातिगत पहचान के कारण किया गया था।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी लगातार स्पष्ट कर चुके हैं कि इस प्रकरण से राज्य सरकार या भाजपा का कोई लेना-देना नहीं है और जिस संगठन ने धार्मिक आयोजन किया, उससे सरकार का कोई संबंध नहीं है। वहीं आयोजन में दलित समाज से जुड़े लोगों की मौजूदगी की बात भी सामने आई है। ऐसे में कांग्रेस द्वारा पूरे मामले को दलित अस्मिता से जोड़कर पेश करने के आधार को लेकर राजनीतिक सवाल और तेज हो गए हैं।

2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस उत्तराखंड में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश में जुटी है। ऐसे में इस प्रकरण को लेकर कांग्रेस ने जिस तरह राष्ट्रीय स्तर तक आक्रामक रुख अपनाया, उसे भाजपा जातिगत ध्रुवीकरण की राजनीति बता रही है। भाजपा का आरोप है कि जब कांग्रेस अपने आरोपों के समर्थन में ठोस प्रमाण नहीं दे पा रही है, तब भी वह समाज को जातियों में बांटकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है।

The post शुद्धिकरण प्रकरण में हाईकोर्ट से कांग्रेस को झटका, आरोपों के समर्थन में सबूत नहीं दे पा रही कांग्रेस first appeared on Vision 2020 News.

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow