उत्तराखंड में भीषण जंगल की आग ने दहशत फैलाई, विश्वविद्यालय परिसर तक पहुंचीं लपटें

पौड़ी। जनपद पौड़ी के देवप्रयाग क्षेत्र में जंगल में लगी भीषण आग ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी। बाह बाजार के निकट जंगल में भड़की आग धीरे-धीरे रिहायशी इलाकों और केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के रघुनाथ कीर्ति परिसर तक पहुंच गई, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल बन गया। देर रात कड़ी मशक्कत के …

May 27, 2026 - 00:27
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उत्तराखंड में भीषण जंगल की आग ने दहशत फैलाई, विश्वविद्यालय परिसर तक पहुंचीं लपटें
पौड़ी। जनपद पौड़ी के देवप्रयाग क्षेत्र में जंगल में लगी भीषण आग ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी

उत्तराखंड में भीषण जंगल की आग ने दहशत फैलाई, विश्वविद्यालय परिसर तक पहुंचीं लपटें

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कम शब्दों में कहें तो, देवप्रयाग क्षेत्र में लगी जंगल की आग ने स्थानीय लोगों को चिंतित कर दिया है। आग ने केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के परिसर तक पहुंचकर भारी अफरातफरी का माहौल बना दिया है।

पौड़ी जनपद के देवप्रयाग क्षेत्र में जंगल की भीषण आग ने स्थिति को गंभीर कर दिया है। बाह बाजार में भड़की इस आग ने रिहायशी इलाकों और केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के रघुनाथ कीर्ति परिसर तक पहुंचकर स्थानीय निवासियों को दहशत में डाल दिया। रातभर की मेहनत के बाद ही आग पर नियंत्रण पाया जा सका।

आग का फैलाव और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, इस आग ने देवप्रयाग नगरपालिका के वार्ड नंबर चार स्थित बाह बाजार क्षेत्र से फैलना शुरू किया और सौड़ गांव की दिशा में बढ़ने लगी। इस क्षेत्र में इससे पहले भी नृसिंहाचल पर्वत पर आग को बुझाने के लिए विश्वविद्यालय के अध्यापकों और वन विभाग की टीम ने चार घंटे तक मेहनत की थी। लेकिन, दो दिन बाद यह आग फिर से विकराल रूप ले चुकी थी।

जिस स्थिति को देखकर परिसर प्रशासन ने तुरंत वन विभाग, दमकल विभाग और स्थानीय पुलिस को सूचना दी। पहाड़ी और दुर्गम इलाके होने के कारण राहत और बचाव कार्य में काफी कठिनाई आई। तेज हवाओं के चलते आग तेजी से फैलती चली गई, जिससे आग पर काबू पाना चुनौतीपूर्ण हो गया।

दमकल विभाग की कठिनाई और छात्रावास की सुरक्षा

दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंची, लेकिन पाइप घटनास्थल तक नहीं पहुंच पाने के कारण आग बुझाने में कठिनाइयाँ आईं। स्थिति को गंभीर देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों और कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने का निर्णय लिया। छात्रावास के ऊपर से उठते लपटों को देखकर भय का माहौल बन गया।

आग जल्द ही बाह बाजार के ऊपर स्थित जंगल तक पहुंच गई और तेजी से बस्ती की ओर बढ़ने लगी। स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया, और उन्होंने अपने घरों को बचाने के लिए स्वयं आग बुझाने का प्रयास किया। काफी मेहनत के बाद वन विभाग की टीम ने आग को बस्ती तक पहुंचने से रोक लिया।

गलतफहमी और धुएं का असर

हालांकि, सोमवार को भी कई स्थानों पर आग सुलगती रही। बाह बाजार के ऊपर स्थित खेड़ा गांव चारों ओर से आग की चपेट में आ गया, जिससे ग्रामीणों के बीच भय का माहौल बना रहा। जंगल में लगी इस आग से पूरे क्षेत्र में धुएं का गुबार फैल गया है, जिससे लोगों को सांस लेने में भी कठिनाई हो रही है।

वन्यजीवों पर भी आग का प्रभाव देखा जाने लगा है। जंगली जानवर और पक्षी क्षेत्र छोड़कर आबादी वाले इलाके या विश्वविद्यालय परिसर की ओर आ रहे हैं। पिछले तीन दिनों में परिसर के आसपास गुलदार दिखाई देने की घटनाएं भी सामने आई हैं, साथ ही कई घायल पक्षी भी सड़कों और बस्तियों में नजर आए।

विश्वविद्यालय प्रशासन की प्रतिक्रिया

केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के रघुनाथ कीर्ति परिसर के निदेशक प्रो. पीवीबी सुब्रह्मण्यम ने बताया कि विश्वविद्यालय के कुलपति श्रीनिवास वारखेड़ी ने इस मामले का संज्ञान लिया है। भविष्य में परिसर को जंगल की आग से सुरक्षित रखने के लिए विस्तृत योजना तैयार की जाएगी, जिसमें वन विभाग का सहयोग भी शामिल किया जाएगा।

उम्मीद है कि स्थानीय प्रशासन और वन विभाग जल्द ही इस समस्या का समाधान निकालेंगे, ताकि आग के प्रभाव को कम किया जा सके और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

अधिक जानकारी के लिए, यहाँ क्लिक करें.

समाप्त।

सादर, माया शर्मा, Team India Twoday

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