उत्तराखंड: लाखामंडल के राजस्व उप निरीक्षक को भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित किया गया
देहरादून: देहरादून जिले के चकराता क्षेत्र स्थित लाखामण्डल में तैनात राजस्व उप निरीक्षक जयालाल शर्मा को गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई स्थानीय निवासियों की शिकायत पर की गई, जिसमें ऑडियो साक्ष्य भी शामिल हैं। शिकायतकर्ता विपिन चौहान, बलवीर सिंह और राहुल डोभाल सहित क्षेत्र …
उत्तराखंड: लाखामंडल के राजस्व उप निरीक्षक को भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित किया गया
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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून के लाखामंडल में तैनात राजस्व उप निरीक्षक जयालाल शर्मा को गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह निर्णय स्थानीय निवासियों की शिकायत पर लिया गया है, जिसमें विस्तृत ऑडियो साक्ष्य भी शामिल हैं।
प्रकरण का विवरण
इस मामले की जानकारी देते हुए, बताया गया है कि जयालाल शर्मा, जो कि चकराता क्षेत्र के लाखामंडल में तैनात थे, को भ्रष्टाचार के कई गंभीर आरोपों का सामना करना पड़ रहा है। इन आरोपों के अंतर्गत अवैध रूप से दस्तावेज तैयार करने, फर्जी विक्रय पत्र बनाने और किसानों व गरीब समुदायों से नकद और ऑनलाइन रिश्वत वसूलने के मामले शामिल हैं। शिकायतकर्ताओं में विपिन चौहान, बलवीर सिंह और राहुल डोभाल जैसे स्थानीय निवासी भी शामिल हैं, जिन्होंने 22 दिसंबर 2025 को जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायत दी थी।
शिकायत की प्रक्रिया
इन शिकायतों का समर्थन करने के लिए, आरोपियों ने ऑडियो साक्ष्य को एक पेन ड्राइव में समाहित करके जिलाधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत किया। इन सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद, प्रभारी अधिकारी अपूर्वा सिंह ने उत्तराखंड राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली 2002 के अंतर्गत जयालाल शर्मा के निलंबन का आदेश दिया।
निलंबन के बाद की प्रक्रिया
निलंबित राजस्व उप निरीक्षक को तहसील कालसी के रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय में भेजा गया है। इस दौरान उन्हें अर्द्ध औसत वेतन के बराबर जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा, साथ ही महंगाई भत्ता (यदि लागू हो) भी उन पर लागू होगा। हालांकि, यह लाभ तभी मिलेगा जब वह प्रमाणित करेंगे कि वे किसी अन्य रोजगार या व्यवसाय में संलग्न नहीं हैं।
शिक्षा और निष्पक्षता
इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच को सुनिश्चित करने के लिए तहसीलदार विकासनगर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें एक माह के अंदर अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपने का निर्देश दिया गया है। इस गंभीर मुद्दे पर सख्त कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।
रूपरेखा और निष्कर्ष
यह मामला केवल व्यक्तिगत भ्रष्टाचार का नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र में कहां कमी रह रही है, इसका भी प्रतीक है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई होना आवश्यक है ताकि जनता का विश्वास सरकार में बना रहे। ऐसे मामलों में स्थानीय निवासियों की सक्रियता और भूमिका महत्वपूर्ण है, जैसे कि विपिन चौहान, बलवीर सिंह, और राहुल डोभाल ने जांच में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
इस प्रकरण से यह भी साफ है कि च Transparency and accountability in government services are essential for maintaining public trust. For more updates, visit India Twoday.
Team India Twoday - सुमन शर्मा
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