उत्तरायणी कौथिक महोत्सव 2026: लोकसंस्कृतियों का भव्य मंच, देहरादून में चार दिवसीय उत्सव
परेड ग्राउंड में होने जा रहा है चार दिवसीय उत्तरायणी कौथिक महोत्सव–2026 का आयोजन ,बनेगा लोकसंस्कृतियों का सजीव मंच देहरादून : राजधानी देहरादून में आगामी 5 फरवरी से 8 फरवरी तक चार दिवसीय उत्तरायणी कौथिक महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है। यह आयोजन सेवा संकल्प फाउंडेशन द्वारा किया जायेगा।चार दिवसीय यह सांस्कृतिक उत्सव उत्तराखंड […] The post होने जा रहा है चार दिवसीय उत्तरायणी कौथिक महोत्सव–2026 का आयोजन ,बनेगा लोकसंस्कृतियों का सजीव मंच first appeared on Vision 2020 News.
उत्तरायणी कौथिक महोत्सव 2026: लोकसंस्कृतियों का भव्य मंच, देहरादून में चार दिवसीय उत्सव
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कम शब्दों में कहें तो उत्तरायणी कौथिक महोत्सव 2026 का आयोजन 5 से 8 फरवरी तक देहरादून में होने जा रहा है, जिसमें लोकसंस्कृतियों को सजीव मंच मिलने वाला है।
देहरादून : उत्तराखण्ड की राजधानी देहरादून में चार दिवसीय उत्तरायणी कौथिक महोत्सव 2026 का आयोजन 5 फरवरी से 8 फरवरी के बीच होना तय किया गया है। इस आयोजन का संचालन सेवा संकल्प फाउंडेशन द्वारा किया जाएगा। इस सांस्कृतिक उत्सव में उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपरागत कला, व्यंजन, लोकगीत, संगीत और लोकनृत्यों के अद्भुत प्रदर्शन का सजीव अनुभव मिलेगा। इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य राज्य की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना और इसे आम जनता तक पहुँचाना है।
मुख्य आकर्षण और गतिविधियाँ
उत्तरायणी कौथिक महोत्सव 2026 के दौरान पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी। इनमें शामिल हैं:
- उत्तराखंड के लोक धर्मों और परंपराओं को प्रज्वलित करने वाले कार्यक्रम
- स्थानीय रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विविधताओं का प्रदर्शन
- कला और शिल्प की कार्यशालाएँ
- स्थानीय व्यंजनों का विशेष पंवरा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की धर्मपत्नी गीता धामी के नेतृत्व में इस महोत्सव को एक नई पहचान देने की कोशिश की जा रही है। महोत्सव का उद्घाटन उत्तराखण्ड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) गुर्मीत सिंह द्वारा किया जाएगा, जबकि समापन समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे।
राज्य की सांस्कृतिक विरासत को बचाने का प्रयास
इस महोत्सव के माध्यम से आयोजक लोक संस्कृति को एक मंच पर लाकर युवा पीढ़ी को जुड़ने का मौका देने का प्रयास कर रहे हैं। यह न केवल संस्कृति को संरक्षित करने का प्रयास है, बल्कि इसे नई पीढ़ी के सामने लाने का भी एक माध्यम है।
इस महोत्सव का लाभ न केवल स्थानीय निवासियों को होगा, बल्कि देशभर से आने वाले पर्यटकों को भी यहाँ की विशेषताओं और आकर्षणों का अनुभव मिलेगा। महोत्सव के आयोजन से स्थानीय व्यवसायों को भी बढ़ावा मिल सकता है, जिससे आर्थिक विकास में मदद मिलेगी।
इस महोत्सव में सहभागिता से न केवल सांस्कृतिक संरक्षण होगा, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़े रखने में भी मदद मिलेगी। अगर आप इस महोत्सव में भाग लेना चाहते हैं तो अपने कैलेंडर पर तिथियाँ मार्क कर लें!
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संपर्क: यह अद्भुत जानकारी आपके साथ साझा की है नंदिता शर्मा, टीम इंडिया ट्वोडे
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