उत्तराखंड में STEM के माध्यम से बेटियों को सशक्त करने का ऐतिहासिक कदम, सीएम धामी ने छात्रवृत्ति और स्टार्टअप सहायता की घोषणा
देहरादून में आयोजित ‘शी फॉर स्टेम उत्तराखण्ड’ विषय पर आयोजित कार्याशाला में पहुंचे सीएम धामी देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंतर्राष्ट्रीय महिला एवं बालिका विज्ञान दिवस के अवसर पर उत्तराखण्ड तकनीकी विश्वविद्यालय, सुद्धोवाला (प्रेमनगर, देहरादून) में आयोजित ‘शी फॉर स्टेम उत्तराखण्ड’ विषयक कार्यशाला में प्रतिभाग किया। ‘शी फॉर स्टेम’ के तहत हर जनपद में […] The post STEM में बेटियों को सशक्त बनाने की पहल, सीएम धामी ने की छात्रवृत्ति और स्टार्टअप सहायता की घोषणा first appeared on Vision 2020 News.
उत्तराखंड में STEM के माध्यम से बेटियों को सशक्त करने का ऐतिहासिक कदम
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंतर्राष्ट्रीय महिला एवं बालिका विज्ञान दिवस के अवसर पर उत्तराखण्ड तकनीकी विश्वविद्यालय, सुद्धोवाला (प्रेमनगर, देहरादून) में आयोजित ‘शी फॉर स्टेम उत्तराखण्ड’ नामक कार्यशाला में भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) के क्षेत्र में बेटियों को प्रोत्साहित करना है।
‘शी फॉर स्टेम’ कार्यक्रम के अंतर्गत छात्रवृत्तियों का वितरण
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि ‘शी फॉर स्टेम’ कार्यक्रम के तहत प्रत्येक जनपद में पांच प्रतिभाशाली बेटियों को 50-50 हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। कुल मिलाकर 20 बेटियों को सरकारी सहयोग के माध्यम से पढ़ाई में मदद की जाएगी, जिससे उन्हें STEM के क्षेत्र में उन्नति करने का अवसर मिल सके।
छात्राओं के स्टार्टअप प्रयासों को मिलेगा वित्तीय समर्थन
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि ‘शी फॉर स्टेम’ के तहत छात्राओं को स्टार्टअप आरंभ करने के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए महिला प्रौद्योगिकी केंद्रों में स्वयं सहायता समूहों को शामिल किया जाएगा, जिससे उन्हें जरूरी संसाधन मिल सकें।
महिलाओं का विज्ञान और प्रौद्योगिकी में अति महत्वपूर्ण योगदान
मुख्यमंत्री ने अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय इतिहास में महिलाओं ने विज्ञान, दर्शन और चिकित्सा के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने उदाहरण के तौर पर वैदिक काल की विदुषियों गार्गी और मैत्रेयी का जिक्र किया, जिन्होंने ज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए।
STEM क्षेत्र में आगे बढ़ रहीं बेटियाँ
सीएम धामी ने यह भी बताया कि वर्तमान में भारत में STEM से संबंधित स्नातक में लगभग 42–43 प्रतिशत छात्राएँ हैं, जो अन्य विकसित देशों की तुलना में अधिक है। यह आँकड़ा इस बात की पुष्टि करता है कि बेटियाँ विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित के क्षेत्रों में सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं।
डिजिटल इंडिया का लक्ष्य: बेटियों का तकनीकी सशक्तिकरण
उन्होंने कहा कि अब समय है बेटियों को अवसर, संसाधन और आत्म विश्वास देकर उन्हें अपने सपनों को जियेंने का मौका दिया जाए। यह भारत के समग्र विकास के लिए आवश्यक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अद्भुत उपलब्धियाँ हासिल की हैं।
महिला वैज्ञानिक योजना द्वारा अनुसंधान की दिशा में सहायता
इंस्पायर योजना के माध्यम से भी छात्रों और छात्राओं को उच्च शिक्षा में सहायता दी जा रही है। अटल इनोवेशन मिशन के अंतर्गत बालिकाओं को रोबोटिक्स, कोडिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में शिक्षा प्रदान की जा रही है।
देहरादून में बन रही है विज्ञान शहर
उत्तराखंड में साइंस एवं इनोवेशन सेंटर्स के माध्यम से दुनिया स्तरीय विज्ञान की अवसंरचना विकसित की जा रही है। देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिसे शीघ्र पूर्ण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह साइंस सिटी उत्तराखंड को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक वैश्विक पहचान दिलाने में योगदान देगी। सरकार का उद्देश्य है कि बेटियाँ बिना किसी बाधा के विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें, और देश के विकास में उन्हें महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर मिले।
कम शब्दों में कहें तो: CM धामी ने 'शी फॉर स्टेम' कार्यक्रम के तहत बेटियों को छात्रवृत्तियों और स्टार्टअप सहायता देने की घोषणा की। यह पहल उन्हें STEM में सशक्त बनाने हेतु है। अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें.
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सादर,
टीम इंडिया टुडे, साक्षी राणा
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