देवभूमि की फिल्म नीति से प्रभावित हुए दक्षिण भारतीय निर्माता, टूरिज्म कॉन्क्लेव-साउथ में दिखा उत्तराखण्ड का जादू
देहरादून : गुरूवार को हैदराबाद में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल फिल्म टूरिज्म कॉन्क्लेव-साउथ में उत्तराखंड की झलक दिखाई दी। कॉन्क्लेव में उत्तराखण्ड की फिल्म नीति से दक्षिण के फिल्म निर्माता काफी प्रभावित दिखाई दिए। चेन्नई के बाद हैदराबाद के आयोजनों में भी उत्तराखंड फिल्म नीति की व्यापक सराहना हुई है। हैदराबाद के कॉन्क्लेव में विभिन्न राज्यों […] The post फिल्म टूरिज्म कॉन्क्लेव-साउथ में दिखी देवभूमि की झलक, उत्तराखण्ड की फिल्म नीति से प्रभावित हुए दक्षिण के फिल्म निर्माता first appeared on Vision 2020 News.
देवभूमि की फिल्म नीति से प्रभावित हुए दक्षिण भारतीय निर्माता, टूरिज्म कॉन्क्लेव-साउथ में दिखा उत्तराखण्ड का जादू
देहरादून : गुरूवार को हैदराबाद में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल फिल्म टूरिज्म कॉन्क्लेव-साउथ में उत्तराखंड की खूबसूरती और फिल्मों में शूटिंग की संभावनाओं का शानदार प्रदर्शन हुआ। इस कॉन्क्लेव में उत्तराखण्ड की प्रभावी फिल्म नीति ने दक्षिण भारतीय फिल्म निर्माताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा। चेन्नई के बाद, हैदराबाद के इस आयोजन में भी उत्तराखंड की फिल्म नीति की जमकर तारीफ की गई।
वैश्विक मंच पर उत्तराखण्ड का उत्थान : हैदराबाद में हुए इस कॉन्क्लेव में भारत के विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ ट्यूनीशिया, इटली, थाईलैंड, रोमानिया, हंगरी, सर्बिया और अजरबैजान जैसी कई देशों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। इस आयोजन में उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद् के प्रतिनिधि ने बताया कि उनकी फिल्म नीति, प्राकृतिक दृश्य और सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए सही दिशा में है।
प्रमुख प्रतिभागियों और एग्जिबिटर्स का योगदान
इस कॉन्क्लेव में उत्तराखंड की ओर से एग्जिबिटर्स जैसे प्रसार भारती वेव्स ओटीटी, उत्तराखण्ड एफडीसी और महाराष्ट्र सीडीसी ने भी अपने अनुभव साझा किए। नेटवर्किंग और वीडियो प्रेजेंटेशन के बाद, जहां फिल्म निर्माताओं और प्रतिनिधियों के बीच वार्तालाप हुआ, वहीं यह मौका भारत के फिल्म उद्योग के लिए बड़े अवसरों का खुलासा कर गया। बैठक के दौरान, भारतीय सिनेमा से जुड़े मध्यम व बड़े प्रोडक्शन हाउस के प्रतिनिधियों ने उत्तराखंड में शूटिंग के लिए गहराई से चर्चा की।
ग्लोबल ट्रैवल नैरेटिव में सिनेमा की भूमिका:
इस इवेंट का मुख्य उद्देश्य सिनेमा की भूमिका पर विचार करना था, जो भारतीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म शूटिंग स्थलों को बढ़ावा देने में सहायक हो सकता है। विभिन्न राज्य और देशों के प्रतिनिधियों ने सिनेमा के माध्यम से वैश्विक यात्रा के दृष्टिकोण को आकार देने की योजना बनाई।
उत्तराखण्ड के प्रति फिल्म निर्माताओं की रुचि
उत्तराखंड में शूटिंग के लिए दिलचस्पी दिखाने वाले कई प्रोडक्शन हाउस, जैसे वेथायोग पिक्चर्स, फ्रैम्स क्राफ्ट, पीपल मीडिया फैक्ट्री, बरकत स्टूडियो और अन्य ने अपनी रुचि व्यक्त की। रामोजी फिल्म सिटी के प्रतिनिधियों ने भी इस अवसर पर उत्तराखंड में फिल्मांकन के प्रति अपने उत्साह को साझा किया।
धारणा और सुविधाओं का विस्तार:
कॉन्क्लेव में उत्तराखंड के फिल्म विकास परिषद् के नोडल अधिकारी के.एस. चौहान ने कहा कि उत्तराखंड की फिल्म नीति ने राज्य के प्राकृतिक सौंदर्य और फिल्म निर्माण की सुविधाओं को फिल्म निर्माताओं तक पहुँचाने का प्रयास किया है। उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड में फिल्मांकन की संभावनाओं और राज्य सरकार द्वारा दी जा रही सहायता के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की।
कम शब्दों में कहें तो, इस कॉन्क्लेव से उत्तराखंड की फिल्म नीति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति मिली है और इसे दक्षिण भारतीय फिल्मनिर्माताओं के बीच बड़े पैमाने पर सराहा गया है। उन्होंने उत्तराखंड की प्राकृतिक दुनिया और उसमें शूटिंग करने की अनगिनत संभावनाओं के प्रति अपनी रुचि दर्शाई है।
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सप्रेम,
सुमन शर्मा
Team India Twoday
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