देहरादून: पीआरटी और मसूरी-नैनीताल रोपवे परियोजनाओं के फिजिबिलिटी पर चल रही है समीक्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में देहरादून पीआरटी और मसूरी–नैनीताल रोपवे परियोजनाओं की फिजिबिलिटी पर मंथन आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक, परियोजनाओं से यातायात दबाव होगा कम, पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बल और पर्यटन गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में देहरादून […] The post पीआरटी और मसूरी–नैनीताल रोपवे परियोजनाओं की फिजिबिलिटी पर हुआ मंथन first appeared on Vision 2020 News.

Feb 5, 2026 - 09:27
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देहरादून: पीआरटी और मसूरी-नैनीताल रोपवे परियोजनाओं के फिजिबिलिटी पर चल रही है समीक्षा
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देहरादून: पीआरटी और मसूरी-नैनीताल रोपवे परियोजनाओं के फिजिबिलिटी पर चल रही है समीक्षा

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में प्रस्तावित पीआरटी और रोपवे परियोजनाओं की फिजिबिलिटी का गहन अध्ययन हो रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम यात्रियों के लिए बेहतर परिवहन सेवाएं मुहैया कराएंगे।

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में मंगलवार को सचिवालय में "पॉड टैक्सी" और रोपवे परियोजनाओं के फिजिबिलिटी अध्ययन पर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक बुलाई गई। इस बैठक की अध्यक्षता आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने की, जिसमें उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन और संबंधित विभागों के महत्वपूर्ण अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान, उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक ने देहरादून में पीआरटी परियोजना और मसूरी-नैनीताल रोपवे की स्थिति पर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि ये परियोजनाएं यातायात के दबाव को कम करने, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और पर्यटन को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण साबित होंगी।

पीआरटी परियोजना की विशेषताएँ

प्रस्तावित पीआरटी (पॉड टैक्सी) परियोजना को ईबीआरटीएस के फीडर सिस्टम के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें तीन मुख्य कॉरिडोर शामिल होंगे: क्लेमेंटाउन से बल्लूपुर चौक, पंडितवाड़ी से रेलवे स्टेशन और गांधी पार्क से आईटी पार्क तक। अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना से यातायात की भीड़ भाड़ कम होगी और पर्यावरण अनुकूल परिवहन प्रणाली सुनिश्चित होगी।

आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने निर्देश दिया कि डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) में परियोजना की जरूरत, पर्यावरणीय प्रभाव आंकलन (ईआईए) और वित्तीय व्यवहार्यता को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया जाए। इसके बाद, अगली समीक्षा बैठक में संशोधित डीपीआर को फिर से प्रस्तुति करने का निर्देश दिया।

रोपवे परियोजनाओं का महत्व

बैठक में मसूरी और नैनीताल में प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई। प्रबंध निदेशक द्वारा बताया गया कि ये परियोजनाएं पर्वतीय क्षेत्रों में यातायात जाम, पार्किंग समस्याएं और प्रदूषण को हल करने में मदद करेंगी। आवास सचिव ने सभी भूमि संबंधी दस्तावेजों की विस्तृत जानकारी तैयार करने और संबंधित विभागों के साथ शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कहा।

पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन के लिए संभावनाएँ

आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुसार, राज्य सरकार शहरी परिवहन को भविष्य की ज़रूरतों के अनुरूप विकसित कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि ये परियोजनाएँ पर्यावरण संरक्षण को मजबूती प्रदान करेंगी और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा देंगी।

आधिकारिक अधिकारियों का यह भी कहना है कि योजनाओं को पारदर्शी, व्यावहारिक और समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।

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संपर्क: टीम इंडिया टुडे, प्रियंका शर्मा

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